फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Agnipath -Not Acceptable

अग्निपथ योजना: कहीं ज्ञापन सौंपे तो कहीं रैली निकालने का प्रयास

Sat, 18 Jun 2022 12:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jun 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Agnipath -Not Acceptable
बोले युवा-अग्निपथ मंजूर नहीं
विज्ञापन

पहले की तरह हो सेना में भर्ती
महराजगंज। अग्निपथ योजना के विरोध में युवाओं ने शुक्रवार को जिले में कहीं रैली निकलने का प्रयास किया, तो कहीं ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। युवाओं ने से साफ कहा कि सरकार को अग्निपथ योजना को वापस लेना चाहिए। यह युवाओं के हित में नहीं है। यह सेना और देश के भी हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले की ही तरह सेना भी भर्ती होनी चाहिए।
वहीं, युवाओं के आक्रोश को देखते हुए घुघली, नौतनवां, फरेंदा रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशनों सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार एवं एसपी डॉ. कौस्तुभ भ्रमण कर शांति व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने युवाओं को योजना के लाभ के बारे में बताया। युवाओं ने अधिकारियों की बात सुनी भले, लेकिन योजना के बारे में उनसे सहमत नजर नहीं आए। दिनभर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जिले में भ्रमण कर प्रत्येक हलचल पर नजर बनाए रखे रहे।
विज्ञापन

सुबह जैसे ही डीएम कार्यालय के सामने कई युवा नारे लगाते हुए पहुंचे तो पुलिस सतर्क हो गई। युवाओं को पुलिस ने परिसर में रोक दिया। युवाओं ने प्रदर्शन करते हुए अग्निपथ योजना को वापस करने की मांग की। इसके बाद डीएम को ज्ञापन सौंपा। शुरूआत में कुछ युवा जवाहरलाल नेहरू पीजी कॉलेज में एकत्र हुए, लेकिन पुलिस को जानकारी होने पर उन्हें समझाकर हटा दिया। युवाओं ने कहा कि पुरानी पद्धति के आधार पर ही सेना में भर्ती होनी चाहिए। नई योजना को वापस लिया जाए। जिलाधिकारी ने युवाओं को समझा-बुझाकर शांत किया। इसके बाद सभी चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमरनाथ गुप्ता, संजीव, सरफुद्दीन, भोलेनाथ, राम सजन, अमन, संदीप ने कहा कि सेना में भर्ती के लिए चार-पांच वर्षों से तैयारी कर रहे हैं। इसमें एनसीसी (सी) सर्टिफिकेट वाले युवा भी हैं। उन्होंने कहा कि एनसीसी-सी करने में पांच वर्ष का समय लगा। अब कहा जा रहा है कि सेना में भर्ती संविदा पर होगी। सरकार यह फैसला उचित नहीं है। कोरोना काल में भर्ती नहीं आने की वजह से जितने भी युवाओं की उम्र अधिक हो गई है, उन्हें उम्र में छूट मिलनी चाहिए।
उधर, गोरखपुर-महराजगंज मार्ग पर तरकुलवा गांव के सामने कुछ युवा साइकिल रैली निकालने का प्रयास किए। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को हुई तो डीएम और एसपी मौके पर पहुंचकर युवाओं को समझाया।
---------------------
यात्रियों को हुई परेशानी
नौतनवां। रेलवे स्टेशन पर ट्रेन देरी से आने के कारण यात्रियों को परेशानी हुई। 18202 नंबर की दुर्ग एक्सप्रेस को 11:35 बजे जाना था, लेकिन पीपीगंज में विरोध के कारण नौतनवां स्टेशन से जाने वाली दुर्ग एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से गई। इस कारण यात्री परेशान रहे।
----------------------
एक घंटा खड़ी रही नौतनवां-नकहा ट्रेन
फरेंदा। पीपीगंज में युवाओं के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए आनंदनगर रेलवे स्टेशन पर नौतनवां से नकहा जाने वाली पैसेंजर ट्रेन एक घंटा सात मिनट रुकी रही। स्टेशन अधीक्षक गुफरान अहमद ने बताया कि पीपीगंज में प्रदर्शन व तोड़फोड़ को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से नौतनवां से नकहा तक जाने वाली सवारी गाड़ी को एक घंटा सात मिनट तक रोका गया था। हालात सामान्य होने के बाद भेजा गया।
----------------------
जनपद की शांतिपूर्ण छवि को बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। इसलिए पुलिस व प्रशासन के साथ-साथ सभी को सहयोग करना होगा। प्रशासन को अब तक सभी समुदायों व समूहों से सहयोग मिला है। उम्मीद है कि आगे भी यह सहयोग मिलता रहेगा।
- सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
--------------------
लोगों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में न ले और अपनी बात को उचित माध्यम से उपयुक्त मंच पर रखे, ताकि उस पर सही ढंग से विचार कर कोई हल निकाला जा सके। यदि कोई कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

- डॉ. कौस्तुभ, पुलिस अधीक्षक
--
अग्निपथ योजना पर पुनर्विचार करे सरकार : अखिलेश
नौतनवां। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद कुंवर अखिलेश सिंह ने शुक्रवार को नगर स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार को अग्निपथ योजना में युवाओं की भावनाओं का ध्यान रखते हुए पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सेना में संविदा की भर्ती करने से जहां रक्षा मंत्रालय की गोपनीयता भंग होगी, वहीं युवाओं का भविष्य बर्बाद होगा। देश व प्रदेश के प्रशासनिक व्यय में हो रहे बेवजह के खर्चे में मात्र 10 प्रतिशत की कटौती कर जवानों की नियमित भर्ती की जा सकती है। इसलिए सेना के जवानों की भर्ती संविदा के आधार पर करना उचित नहीं है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन करने वालों से अपील की कि वे शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शित करें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed