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Maharajganj News: चीनी लहसुन ही नहीं आम भी आ रहा सरहद पार

Wed, 25 Sep 2024 04:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Wed, 25 Sep 2024 04:43 AM IST
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After Chinese garlic, now mangoes have also come in the market
महराजगंज। बाजार में फल खरीदने के दौरान सचेत रहें। अधिक लाभ के चक्कर में धंधेबाज बाजार में चाइनीज आम भी उतार दिए हैं। बीते दिन चाइनीज आम की बरामदगी हुई है। बीते दो वर्ष बाद नेपाल ने तिब्बत से जुड़ी नेपाल तिब्बत सीमा को खोल दिया है, जिसके बाद बाद पैमाने पर कच्चे माल समान का आयात नेपाल के कारोबारी चीन से कर रहे हैं। नेपाल में उक्त सभी वस्तुओं की खपत की अपेक्षा आयात चार गुना है। इसे भारत में तस्करी से पहुंचाया जा रहा है।
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सूत्रों की माने तो सीमावर्ती क्षेत्र में चाइनीज वस्तुओं की लगातार बरामदगी के बाद सरहद पर सुरक्षा एजेंसियों ने निगरानी बढ़ा दी है। चीनी लहसुन, सेब के बाद चीनी आम की तस्करी तेजी से हो रही है। सोमवार को ट्रक पर और उसके बाद पिकअप पर लादकर आम लखनऊ मंडी में भेजा जा रहा था जिसे एसएसबी ने सोनौली कोतवाली क्षेत्र में ही पकड़ लिया था। हैरानी की बात है कि कड़ी चौकसी के बाद भी आसानी से चीनी आम सरहद पार हो रहा है।
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सीमावर्ती गांव में तस्करों ने अवैध गोदाम बना रखे हैं, जहां नेपाल से साइकिल और बाइक से लाकर डंप किया जाता है। फिर बड़े वाहनों पर लोड कर गोरखपुर और कानपुर, लखनऊ मंडी भेज दिया जाता है। मंडी में पहुंचने पर चीन के आम की पहचान सम्भव नहीं हो पाती है, जिसके कारण यह आसानी से खप जाता है।
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तातोपानी सीमा खुलने के बाद चीनी सामानों की बढ़ी तस्करी
खासा तातोपानी तिब्बत बॉर्डर खुलने के बाद नेपाल से भारत में इन दिनों चाइनीज सामानों की तस्करी काफी बढ़ गई है, जिसमें लहसुन, सेब, आम की तस्करी ज्यादा है। चीनी आम नेपाल में 100 रुपये प्रति किलो की दर पर बिक रहे हैं। भारत में आम का फसली सीजन समाप्त हो गया है। इस समय नेपाल के चार गुना रेट पर बिक रहा है। फल कारोबारी कलीम अहमद निवासी बुटवल ने बताया कि चाइनीज आम की मांग भारत में बढ़ गई है। इसे बंबई वाला आम के नाम से बेचा जा रहा है। खाने में बहुत ही मीठा है। चीनी आम अभी तीन कलर हरा, लाल और नीले में उपलब्ध है। हमारे यहां से सोनौली, खनुवा, बढ़नी और नानपारा बॉर्डर के रास्ते कारोबारी माल लेकर जाते हैं।

100 रुपये किलो में खरीदते हैं
तस्कर चाइनीज आम को नेपाल में 100 रुपये प्रति किलो खरीदकर सरहद से सीमावर्ती गांव के गोदामों में डंप कर देते हैं। तस्कर सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर दिन हो या फिर रात, छोटे-बड़े वाहनों की मदद से आम की खेप को सरहद पार कर भारत लाते हैं। जहां से सीमावर्ती नगर और ग्रामीण बाजारों के साथ गोरखपुर, कानपुर सहित अन्य मंडियों में आसानी से पहुंचाकर मोटी रकम कमा रहे हैं।


नौ बोरी प्याज बरामद कर कस्टम भेजा गया
परसामलिक। स्थानीय थाना क्षेत्र के सीमावर्ती ग्राम पंचायत खैरहवा दूबे के पगडंडी रास्ते से पुलिस ने मंगलवार की सुबह तस्करी के जरिए नेपाल भेजी जा रही नौ बोरी लावारिस प्याज बरामद किया है। वहीं पुलिस को आता देख सभी तस्कर प्याज की बोरियों को फेंककर नेपाल भागने में कामयाब हो गए। मौके से पुलिस ने बरामद प्याज को कब्जे में लेकर थाने पर लाई। थानाध्यक्ष उमेश कुमार के अनुसार नौ बोरी प्याज बरामद हुई है। संवाद
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