{"_id":"6133b4128ebc3e5ad7330642","slug":"advocates-protest-against-officers-maharajganj-news-gkp4079505156","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों के खिलाफ अधिवक्ताओ ने लगाया मुर्दाबाद के नारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों के खिलाफ अधिवक्ताओ ने लगाया मुर्दाबाद के नारा
विज्ञापन
अधिकारियों के खिलाफ अधिवक्ताओं ने लगाए मुर्दाबाद के नारे
नौतनवां। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने शनिवार को तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। डीएम की अनुपस्थिति में मौके से फरियाद सुन रहे बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को पत्र सौंपकर समस्या के निराकरण की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके द्वारा अधिकारियों से की जा रही 10 सूत्री मांग वादकारियों के हित में अत्यंत ही उचित व आवश्यक है। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा मांगों पर अमल करने में की जा रही हीलाहवाली तहसील की न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर और खोखला करने का कार्य कर रही है। अधिवक्ताओं ने जिला स्तरीय समाधान दिवस के दौरान किसी भी जिम्मेदार उच्चाधिकारी के उपस्थित न रहने का भी विरोध किया। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से नौतनवा तहसील में स्थापित चकबंदी न्यायालय में जिम्मेदारों के नियमित रूप से उपस्थित रहने हेतु कार्य योजना बनाने की मांग की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष साधु शरण मिश्र, राजेश कुमार चौधरी, एके उपाध्याय, वीरेंद्र पांडेय, अमित सिंह, संजय सोनी, रवि मिश्रा, समसुद्दीन खान, प्रभाकर पांडेय, रमेश चौधरी, चन्दन श्रीवास्तव, अमरीश मौर्य, रिंकू पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
मजदूरी न मिलने पर भड़कीं समूह की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
नौतनवां। तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा खैराटी की स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बसंती के नेतृत्व में समूह की सदस्यों ने शनिवार को तहसील कार्यालय पर मजदूरी न मिलने का विरोध करते हुए ग्राम प्रधान एवं अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और फरियाद सुन रहे अधिकारी को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनके समूह की दर्जनों महिलाओं से कई महीनों तक गांव में मजदूरी का कार्य कराया गया, किंतु आज तक उसका भुगतान नहीं हुआ। कई बार इसकी शिकायत के बाद भी उनकी मांगों पर कोई अमल नहीं किया गया। समूह की महिलाओं ने मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की। कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान रीता, चंद्रावती, संगीता, कमलावती, शीला, इसरावती, शारदा, पाना आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
विज्ञापन
नौतनवां। रेवेन्यू बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने शनिवार को तीसरे दिन अपनी मांगों को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए अधिकारियों के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। डीएम की अनुपस्थिति में मौके से फरियाद सुन रहे बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को पत्र सौंपकर समस्या के निराकरण की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना था कि उनके द्वारा अधिकारियों से की जा रही 10 सूत्री मांग वादकारियों के हित में अत्यंत ही उचित व आवश्यक है। बावजूद इसके अधिकारियों द्वारा मांगों पर अमल करने में की जा रही हीलाहवाली तहसील की न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर और खोखला करने का कार्य कर रही है। अधिवक्ताओं ने जिला स्तरीय समाधान दिवस के दौरान किसी भी जिम्मेदार उच्चाधिकारी के उपस्थित न रहने का भी विरोध किया। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी से नौतनवा तहसील में स्थापित चकबंदी न्यायालय में जिम्मेदारों के नियमित रूप से उपस्थित रहने हेतु कार्य योजना बनाने की मांग की। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष साधु शरण मिश्र, राजेश कुमार चौधरी, एके उपाध्याय, वीरेंद्र पांडेय, अमित सिंह, संजय सोनी, रवि मिश्रा, समसुद्दीन खान, प्रभाकर पांडेय, रमेश चौधरी, चन्दन श्रीवास्तव, अमरीश मौर्य, रिंकू पांडेय आदि लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
मजदूरी न मिलने पर भड़कीं समूह की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
नौतनवां। तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा खैराटी की स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष बसंती के नेतृत्व में समूह की सदस्यों ने शनिवार को तहसील कार्यालय पर मजदूरी न मिलने का विरोध करते हुए ग्राम प्रधान एवं अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और फरियाद सुन रहे अधिकारी को पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
विज्ञापन
अध्यक्ष ने बताया कि ग्राम प्रधान एवं रोजगार सेवक द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत उनके समूह की दर्जनों महिलाओं से कई महीनों तक गांव में मजदूरी का कार्य कराया गया, किंतु आज तक उसका भुगतान नहीं हुआ। कई बार इसकी शिकायत के बाद भी उनकी मांगों पर कोई अमल नहीं किया गया। समूह की महिलाओं ने मजदूरी का भुगतान कराने की मांग की। कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। इस दौरान रीता, चंद्रावती, संगीता, कमलावती, शीला, इसरावती, शारदा, पाना आदि महिलाएं मौजूद रहीं।