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सीमावर्ती क्षेत्र में खाद के लिए देना होगा अभिलेख, करना होगा हस्ताक्षर
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खाद का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रशासन सख्त
महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर किसानों का पूरा ब्योरा रखने की योजना बनाई है। समितियों से खाद लेने वाले किसानों को पहले अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे, उसके बाद विवरण रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी करना होगा। इस प्रकिया को न अपनाने वाले लोगों को किसी भी दशा में खाद वितरित नहीं की जाएगी।
कृषि प्रधान जिले महराजगंज में प्रति वर्ष कथित तौर पर खाद के नेपाल भेजने की बातें सामने आती रहतीं हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसी किसी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को सीमा पर रोका जाए। ऐसे में जिम्मेदारों की ओर से सभी समितियों को खाद वितरण करने वाले किसानों का पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज करने एवं उनका हस्ताक्षर कराने को कहा गया है। विशेष तौर पर सीमावर्ती क्षेत्र में खाद लेने वाले किसानों को अपने संपूर्ण विवरण का अभिलेखीय प्रमाण देना होगा। बिना इसे लिए उन्हें खाद वितरित नहीं की जाएगी। साथ ही समितियों के जिम्मेदार भी किसानों के अभिलेखों को पूरी तरह सुरक्षित रखेंगे, जिससे कि कोई भी प्रशासनिक जिम्मेदार जांच के दौरान यदि उसे मांगे तो वे उसका विवरण पूरी तरह से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
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अभिलेख के रूप में किसान देंगे यह प्रमाण
अभिलेख के रूप में किसानों को अपने आधार कार्ड के साथ-साथ खसरा-खतौनी की छायाप्रति आदि को उपलब्ध कराना होगा।
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सीमावर्ती क्षेेत्र में खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए नजर रखी जा रही है। एसडीएम, पुलिस व एसएसबी के साथ मिलकर रणनीति बनाई गई है। कार्रवाई गतिमान है, आगे भी इस अनैतिक कार्य में जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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- सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी
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महराजगंज। भारत-नेपाल सीमा पर खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर किसानों का पूरा ब्योरा रखने की योजना बनाई है। समितियों से खाद लेने वाले किसानों को पहले अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे, उसके बाद विवरण रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी करना होगा। इस प्रकिया को न अपनाने वाले लोगों को किसी भी दशा में खाद वितरित नहीं की जाएगी।
कृषि प्रधान जिले महराजगंज में प्रति वर्ष कथित तौर पर खाद के नेपाल भेजने की बातें सामने आती रहतीं हैं। ऐसे में प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ऐसी किसी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को सीमा पर रोका जाए। ऐसे में जिम्मेदारों की ओर से सभी समितियों को खाद वितरण करने वाले किसानों का पूरा ब्योरा रजिस्टर में दर्ज करने एवं उनका हस्ताक्षर कराने को कहा गया है। विशेष तौर पर सीमावर्ती क्षेत्र में खाद लेने वाले किसानों को अपने संपूर्ण विवरण का अभिलेखीय प्रमाण देना होगा। बिना इसे लिए उन्हें खाद वितरित नहीं की जाएगी। साथ ही समितियों के जिम्मेदार भी किसानों के अभिलेखों को पूरी तरह सुरक्षित रखेंगे, जिससे कि कोई भी प्रशासनिक जिम्मेदार जांच के दौरान यदि उसे मांगे तो वे उसका विवरण पूरी तरह से प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।
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अभिलेख के रूप में किसान देंगे यह प्रमाण
अभिलेख के रूप में किसानों को अपने आधार कार्ड के साथ-साथ खसरा-खतौनी की छायाप्रति आदि को उपलब्ध कराना होगा।
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सीमावर्ती क्षेेत्र में खाद के दुरुपयोग को रोकने के लिए नजर रखी जा रही है। एसडीएम, पुलिस व एसएसबी के साथ मिलकर रणनीति बनाई गई है। कार्रवाई गतिमान है, आगे भी इस अनैतिक कार्य में जिसकी भी संलिप्तता पाई जाएगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी।
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- सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी