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Maharajganj News: विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर अंकित करने की दिशा में कार्रवाई तेज
Sat, 13 Apr 2024 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 13 Apr 2024 12:57 AM IST
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1703 स्कूल, 278 माध्यमिक विद्यालय संचालित
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने अब कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर अनिवार्य कर दिया है। इसका पालन कराने के लिए विभाग ने तैयारी तेज कर दी है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1703 स्कूल, 278 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। समय-समय पर बिना मान्यता के स्कूलों के संचालन और एक ही छात्र के दो स्कूलों में पढ़ने के मामले सामने आते रहे हैं। हालांकि अब ऐसा नहीं हो सकेगा। जिले में करीब 50 प्रतिशत स्कूलों का डाटा अपलोड हो चुका है। बताया जा रहा है कि इसके तहत प्रत्येक छात्र की एक आईडी बन रही है। इसमें छात्रों के शिक्षा संबंधी सभी विवरण शामिल है।
यू-डाइस के जरिए ये नंबर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे दो स्कूलों में सरकारी योजनाओं का फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों को भी आसानी से पकड़ा जा सकता है। केवल एक नंबर के माध्यम से ही विद्यार्थी की सभी प्रकार की सूचनाएं पोर्टल के माध्यम से देखी जा सकेगी। विद्यार्थियों की 53 प्रकार की सूचनाएं संग्रहित रहेंगी। इसमें विद्यार्थियों की हेल्थ, हाइट, ब्लड ग्रुप व वजन आदि की जानकारी भी रहेगी। इस संबंध में शासन की तरफ से डीआईओएस एवं बीएसए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ राय ने बताया कि शासन स्तर से कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर अनिवार्य किया गया है। इससे कई प्रकार की गड़बड़ियां रोकी जा सकेंगी। इस संबंध में सभी विद्यालय के प्रधानाचार्यों से पत्राचार किया गया है। सूचनाएं अपलोड की जा रही हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने अब कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर अनिवार्य कर दिया है। इसका पालन कराने के लिए विभाग ने तैयारी तेज कर दी है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 1703 स्कूल, 278 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। समय-समय पर बिना मान्यता के स्कूलों के संचालन और एक ही छात्र के दो स्कूलों में पढ़ने के मामले सामने आते रहे हैं। हालांकि अब ऐसा नहीं हो सकेगा। जिले में करीब 50 प्रतिशत स्कूलों का डाटा अपलोड हो चुका है। बताया जा रहा है कि इसके तहत प्रत्येक छात्र की एक आईडी बन रही है। इसमें छात्रों के शिक्षा संबंधी सभी विवरण शामिल है।
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यू-डाइस के जरिए ये नंबर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे दो स्कूलों में सरकारी योजनाओं का फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों को भी आसानी से पकड़ा जा सकता है। केवल एक नंबर के माध्यम से ही विद्यार्थी की सभी प्रकार की सूचनाएं पोर्टल के माध्यम से देखी जा सकेगी। विद्यार्थियों की 53 प्रकार की सूचनाएं संग्रहित रहेंगी। इसमें विद्यार्थियों की हेल्थ, हाइट, ब्लड ग्रुप व वजन आदि की जानकारी भी रहेगी। इस संबंध में शासन की तरफ से डीआईओएस एवं बीएसए जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं।
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जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ राय ने बताया कि शासन स्तर से कक्षा एक से इंटरमीडिएट तक के विद्यार्थियों का पर्सनल एजुकेशन नंबर अनिवार्य किया गया है। इससे कई प्रकार की गड़बड़ियां रोकी जा सकेंगी। इस संबंध में सभी विद्यालय के प्रधानाचार्यों से पत्राचार किया गया है। सूचनाएं अपलोड की जा रही हैं।