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Maharajganj News: दत्तक ग्रहण योजना के तहत महिला अस्पताल में लावारिस बच्चों को मिलेगा सहारा
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दत्तक ग्रहण योजना के तहत सितंबर माह से शुरू होगी व्यवस्था, एक कमरा होगा आरक्षित
0 से 10 वर्ष तक के लावारिस बच्चों को लाभ मिलेगा
महराजगंज। दत्तक ग्रहण योजना के तहत सितंबर माह से जिला महिला अस्पताल में ही लावारिस और बेसहारा बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए अस्पताल में एक कमरा आरक्षित किया गया है। यहां बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी देखभाल और जरूरत के अनुसार उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत लावारिस बच्चों की देखरेख के लिए प्रबंधक, केस वर्कर, स्टाफ नर्स और आया की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इन कर्मचारियों की निगरानी में बच्चों की आवश्यक जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों के स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या होने पर महिला अस्पताल में ही उनका उपचार कराया जा सकेगा। इससे बच्चों को इलाज और देखभाल के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की जरूरत कम होगी।
दत्तक ग्रहण योजना के तहत यह व्यवस्था जुलाई माह से संचालित है लेकिन अभी तक लावारिस बच्चों को वन स्टॉप सेंटर में रखा जा रहा था। अब महिला अस्पताल में अलग कमरा आरक्षित किए जाने के बाद व्यवस्था को स्थायी और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसमें 0 से 10 वर्ष तक के लावारिस बच्चों को लाभ मिलेगा।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय ने बताया कि जिले में मिलने वाले लावारिस बच्चों को निर्धारित केंद्र में रखकर उनकी देखरेख की जाती है। यदि कोई बच्चा अस्वस्थ मिलता है तो उसका उपचार भी कराया जाता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके, इसके लिए महिला अस्पताल में व्यवस्था शुरू की जा रही है।
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0 से 10 वर्ष तक के लावारिस बच्चों को लाभ मिलेगा
महराजगंज। दत्तक ग्रहण योजना के तहत सितंबर माह से जिला महिला अस्पताल में ही लावारिस और बेसहारा बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की जाएगी। इसके लिए अस्पताल में एक कमरा आरक्षित किया गया है। यहां बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी देखभाल और जरूरत के अनुसार उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत लावारिस बच्चों की देखरेख के लिए प्रबंधक, केस वर्कर, स्टाफ नर्स और आया की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इन कर्मचारियों की निगरानी में बच्चों की आवश्यक जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा। बच्चों के स्वास्थ्य में किसी तरह की समस्या होने पर महिला अस्पताल में ही उनका उपचार कराया जा सकेगा। इससे बच्चों को इलाज और देखभाल के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की जरूरत कम होगी।
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दत्तक ग्रहण योजना के तहत यह व्यवस्था जुलाई माह से संचालित है लेकिन अभी तक लावारिस बच्चों को वन स्टॉप सेंटर में रखा जा रहा था। अब महिला अस्पताल में अलग कमरा आरक्षित किए जाने के बाद व्यवस्था को स्थायी और अधिक सुविधाजनक बनाया जाएगा। इसमें 0 से 10 वर्ष तक के लावारिस बच्चों को लाभ मिलेगा।
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जिला प्रोबेशन अधिकारी क्षमा नाथ राय ने बताया कि जिले में मिलने वाले लावारिस बच्चों को निर्धारित केंद्र में रखकर उनकी देखरेख की जाती है। यदि कोई बच्चा अस्वस्थ मिलता है तो उसका उपचार भी कराया जाता है। उन्होंने बताया कि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके, इसके लिए महिला अस्पताल में व्यवस्था शुरू की जा रही है।