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Maharajganj News: मनरेगा में वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच के लिए टीम गठित
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खेत समतलीकरण व मेड़बंदी के नाम पर हुआ था लाखों का भुगतान, तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच
एक सप्ताह के अंदर जांच टीम प्रस्तुत करेगी अपनी रिपोर्ट
परतावल। विकास खंड परतावल में मनरेगा योजना के तहत खेत समतलीकरण और मेड़बंदी कार्य के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। शिकायत मिलने के बाद जिलास्तर से जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करके एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद कथित रूप से फर्जी भुगतान कराने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। खंड विकास अधिकारी ने संबंधित सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवकों को जांच के दौरान आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
शिकायतकर्ता देवरिया निवासी योगेश कुमार ने आरोप लगाया था कि परतावल विकास खंड की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत खेत समतलीकरण और मेड़बंदी के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी कार्य दिखाकर भुगतान कराया गया है। उन्होंने कहा कि महाराजगंज तराई क्षेत्र में आता है, जहां आमतौर पर नवंबर माह के अंत तक गेहूं की बुआई पूरी हो जाती है और खेतों में फसल खड़ी हो जाती है। ऐसे में दिसंबर और जनवरी माह में खेत समतलीकरण कार्य कराना संभव नहीं है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है। आरोपों के मुताबिक परतावल की बुधिरामपुर, धनहा नायक, पकड़ी दीक्षित, हरपुर तिवारी, अंध्या सहित करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों में समतलीकरण और मेड़बंदी के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि समतलीकरण और मेड़बंदी जैसे कार्यों को मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से अलग रखा गया। जिससे इन कार्यों की वास्तविक स्थिति आम लोगों की नजर से दूर रही और कथित अनियमितताओं को अंजाम देना आसान हो गया।
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खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव ने बताया कि उपायुक्त श्रम रोजगार के निर्देश पर गठित जांच टीम में एपीओ दिलीप कुमार गौतम, एडीओ आईएसबी सुजीत कुमार गौड़ और लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह को शामिल किया गया है। जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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एक सप्ताह के अंदर जांच टीम प्रस्तुत करेगी अपनी रिपोर्ट
परतावल। विकास खंड परतावल में मनरेगा योजना के तहत खेत समतलीकरण और मेड़बंदी कार्य के नाम पर लाखों रुपये के भुगतान का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। शिकायत मिलने के बाद जिलास्तर से जांच के आदेश जारी किए गए हैं।
डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित करके एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इस कार्रवाई के बाद कथित रूप से फर्जी भुगतान कराने वाले लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। खंड विकास अधिकारी ने संबंधित सभी ग्राम पंचायतों के सचिव, तकनीकी सहायक और रोजगार सेवकों को जांच के दौरान आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।
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शिकायतकर्ता देवरिया निवासी योगेश कुमार ने आरोप लगाया था कि परतावल विकास खंड की कई ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत खेत समतलीकरण और मेड़बंदी के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी कार्य दिखाकर भुगतान कराया गया है। उन्होंने कहा कि महाराजगंज तराई क्षेत्र में आता है, जहां आमतौर पर नवंबर माह के अंत तक गेहूं की बुआई पूरी हो जाती है और खेतों में फसल खड़ी हो जाती है। ऐसे में दिसंबर और जनवरी माह में खेत समतलीकरण कार्य कराना संभव नहीं है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला है। आरोपों के मुताबिक परतावल की बुधिरामपुर, धनहा नायक, पकड़ी दीक्षित, हरपुर तिवारी, अंध्या सहित करीब एक दर्जन ग्राम पंचायतों में समतलीकरण और मेड़बंदी के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान किया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि समतलीकरण और मेड़बंदी जैसे कार्यों को मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम से अलग रखा गया। जिससे इन कार्यों की वास्तविक स्थिति आम लोगों की नजर से दूर रही और कथित अनियमितताओं को अंजाम देना आसान हो गया।
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खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव ने बताया कि उपायुक्त श्रम रोजगार के निर्देश पर गठित जांच टीम में एपीओ दिलीप कुमार गौतम, एडीओ आईएसबी सुजीत कुमार गौड़ और लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अमित सिंह को शामिल किया गया है। जांच टीम को एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद