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Maharajganj News: कटान से बचाव के लिए बन रहा ठोकर, फिर भी खतरा बरकरार

Mon, 08 Jun 2026 02:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 02:14 AM IST
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A stumbling block is being built to protect against erosion, yet the danger persists.
रोहिन नदी पर बन रहा ठोकर। 
पिछले वर्ष भी कराई गई थी मरम्मत, मानसून नजदीक आने से 20 हजार ग्रामीणों की चिंता बढ़ी
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मरम्मत कार्यों के बावजूद कई जगहों पर रोहिन नदी पर बना तटबंध कमजोर और क्षतिग्रस्त
अराजी सुबाइन से सुबेदारपुर तक लगभग 9 किलोमीटर लंबे तटबंध पर बनाया जा रहा है ठोकर

लक्ष्मीपुर। मानसून की दस्तक से पहले लक्ष्मीपुर क्षेत्र में बाढ़ से बचाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। रोहिन नदी के किनारे बसे गांवों को सुरक्षित रखने के लिए अराजी सुबाइन से सुबेदारपुर तक लगभग 9 किलोमीटर लंबे तटबंध की पिछले साल मरम्मत कराई गई है और तटबंध के किनारे पक्की सड़क का निर्माण भी कराया गया है। इसके बावजूद कई स्थानों पर तटबंध कमजोर और क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहा है, जिससे लोगों को बाढ़ की विभीषिका का डर सता रहा है।
रोहिन नदी नौतनवा और फरेंदा तहसील क्षेत्रों से होकर गुजरती है। सामान्य दिनों में शांत दिखाई देने वाली यह नदी बरसात के मौसम में विकराल रूप धारण कर लेती है। तेज बारिश के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर तटबंधों पर दबाव बढ़ जाता है और कई स्थानों पर कटान शुरू हो जाती है। रोहिन नदी के किनारे बसे खालिकगढ़, गौहरपुर, रघुनाथपुर, रानीपुर, रजापुर, मठियाईदू, सुबेदारपुर, बसहवा तथा आसपास के कई गांव हर वर्ष बाढ़ के खतरे से जूझते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 20 हजार की आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बाढ़ से प्रभावित होती है। खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो जाती हैं, आवागमन बाधित हो जाता है और ग्रामीणों को आर्थिक एवं सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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संवेदनशील स्थलों पर लगाए जा रहे ठोकर

बाढ़ और कटान को रोकने के लिए वर्तमान समय में बसहवा, सोनराडीह, कुड़िया, रजापुर और काशीपुर, अमहवा मड़ईयाटोला, मछरिहवा समेत कई संवेदनशील स्थानों पर ठोकर बनाने का कार्य चल रहा है। कुछ स्थानों पर कार्य पूरा हो चुका है, जबकि अन्य स्थानों पर तेजी से निर्माण कराया जा रहा है। हालांकि स्थानीय सुरेश चंद्र सहानी का कहना है कि जो ठोकर लगाए जा रहे हैं वह मानक के विपरीत हैं। यह व्यवस्था केवल तत्काल राहत देने वाली है। दीर्घकालिक समाधान के लिए अधिक मजबूत और स्थायी परियोजनाओं की आवश्यकता है।
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ग्राम प्रधान जितेंद्र चौधरी तथा ग्राम प्रधान ओहाब सहित कई जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से इस मांग को उठाया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। ग्रामीणों के अनुसार, केवल मरम्मत कार्यों से समस्या का समाधान संभव नहीं है बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
पांच दिन पूर्व जिलाधिकारी ने किया था निरीक्षण
पांच दिन पूर्व जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने रोहिन नदी के तटबंधों और बाढ़ सुरक्षा कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने और सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद विभागीय अधिकारियों ने कार्य की गति बढ़ा दी है और कई स्थानों पर तटबंध को सुरक्षित करने के लिए ठोकर (स्पर) लगाने का कार्य जारी है।

वर्जन
प्रशासन बाढ़ सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है। रोहिन तटबंध के कई संवेदनशील स्थलों पर ठोकर बनाने का कार्य कराया जा रहा है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है।
-जितेंद्र कुमार पटेल, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग द्वितीय
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