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वैज्ञानिक ढंग से खेती करने से अच्छी पैदावार होगी
Maharajganj
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:30 AM IST
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महराजगंज। किसानों को तकनीकी खेती की जानकारी देने के लिए बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में रबी गोष्ठी और किसान दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि किसान वैज्ञानिक विधि से खेती करें तो अच्छी पैदावार मिलेगी। किसानों को समय से खाद, बीज, उपकरण, कीटनाशक, दवा और सूक्ष्म तत्व उपलब्ध कराने में संबंधित विभाग किसी तरह की लापरवाही न बरतें। कहा कि सभी किसान अपने खेत की मृदा का परीक्षण अवश्य कराएं। मृदा परीक्षण कराए बिना खाद व कीटनाशक का प्रयोग न करें। मृदा परीक्षण के लिए 17 अक्टूबर, एक नवंबर, 15 तथा 29 नवंबर तक अभियान चलाया जाएगा। मृदा परीक्षण के बाद किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड अवश्य प्राप्त कर लें। बताया कि इस बार शासन ने 38.85 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
सीडीओ प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा कि जिले में कृषि विविधीकरण योजना के तहत गेहूं, धान, गन्ना के अतिरिक्त अन्य फसल फूल व फल की भी खेती करें ताकि गांव से युवाओं का पलायन रुक सके और किसानों को आर्थिक लाभ मिले।
उप कृषि निदेशक अविनाश चंद्र तिवारी ने कहा कि इस बार 1.74 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी की खेती होगी। जिसमें 82 प्रतिशत भूमि पर गेहूं बोया जाएगा। किसानों को कीटनाशक दवाएं 50 प्रतिशत, जिप्सम एवं माइक्रो न्यूट्रिएंट 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल ने कहा कि जिले में 4976 मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसानों को 100 क्विंटल आलू का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। यहां सहायक निबंधक सहकारिता वृंदावन गुप्ता, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. अवधेश यादव, हंसनाथ, डॉ. ताहिर, बृजेश गुप्ता के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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कार्यक्रम में डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि किसान वैज्ञानिक विधि से खेती करें तो अच्छी पैदावार मिलेगी। किसानों को समय से खाद, बीज, उपकरण, कीटनाशक, दवा और सूक्ष्म तत्व उपलब्ध कराने में संबंधित विभाग किसी तरह की लापरवाही न बरतें। कहा कि सभी किसान अपने खेत की मृदा का परीक्षण अवश्य कराएं। मृदा परीक्षण कराए बिना खाद व कीटनाशक का प्रयोग न करें। मृदा परीक्षण के लिए 17 अक्टूबर, एक नवंबर, 15 तथा 29 नवंबर तक अभियान चलाया जाएगा। मृदा परीक्षण के बाद किसान मृदा स्वास्थ्य कार्ड अवश्य प्राप्त कर लें। बताया कि इस बार शासन ने 38.85 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
सीडीओ प्रेम प्रकाश सिंह ने कहा कि जिले में कृषि विविधीकरण योजना के तहत गेहूं, धान, गन्ना के अतिरिक्त अन्य फसल फूल व फल की भी खेती करें ताकि गांव से युवाओं का पलायन रुक सके और किसानों को आर्थिक लाभ मिले।
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उप कृषि निदेशक अविनाश चंद्र तिवारी ने कहा कि इस बार 1.74 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी की खेती होगी। जिसमें 82 प्रतिशत भूमि पर गेहूं बोया जाएगा। किसानों को कीटनाशक दवाएं 50 प्रतिशत, जिप्सम एवं माइक्रो न्यूट्रिएंट 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला कृषि अधिकारी प्यारेलाल ने कहा कि जिले में 4976 मैट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। जिला उद्यान अधिकारी ने बताया कि किसानों को 100 क्विंटल आलू का बीज उपलब्ध कराया जाएगा। यहां सहायक निबंधक सहकारिता वृंदावन गुप्ता, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. अवधेश यादव, हंसनाथ, डॉ. ताहिर, बृजेश गुप्ता के अलावा बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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