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भितरघात से जूझ रहीं भाजपा, सपा
Maharajganj
Updated Thu, 20 Mar 2014 05:30 AM IST
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महराजगंज। इस लोकसभा चुनाव में भाजपा और सपा भितरघात से जूझती नजर आ रही हैं। भाजपा से पूर्व सांसद पंकज चौधरी को टिकट मिलने के बाद दल के कुछ पुराने लोगों ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। वहीं सपा से अखिलेश को टिकट मिलने पर दूसरा खेमा नाराज चल रहा है।
सियासी पिच पर चार बार लोकसभा चुनाव जीत चुके भाजपा के पंकज चौधरी को इस बार भी पार्टी ने टिकट दिया है। उनकी टीम के ही कुछ खिलाड़ियाें ने ही उन्हें आउट करने की योजना बना ली है। अब वे पंकज का साथ निभाने को तैयार नहीं हैं। 16 मार्च को पंकज को टिकट मिलने के बाद से बगावत शुरू हो गई। गुस्सा इतना बढ़ा कि मंगलवार को बजरंगदल के कुछ लोगों ने मऊपाकड़ तिराहे पर पंकज चौधरी व राजनाथ सिंह का पुतला जला डाला। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने मंगलवार को ही अपने समर्थकों समेत सपा का दामन थाम लिया। वहीं भाजपा की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष रहीं सुधा मिश्रा ने भी टिकट बदलने की मांग कर दी है।
सपा से पूर्व सांसद रहे अखिलेश सिंह इस बार फिर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। सपा के टिकट बंटवारे को लेकर शुरू से ही दो खेमा आमने सामने रहा है। अखिलेश सिंह का खेमा और अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी का खेमा।पंडित दीनदयाल इंटर कालेज में कन्या विद्या धन योजना का चेक वितरण के दौरान अमनमणि ने मंच से ही अखिलेश के खिलाफ टिप्पणी की थी। इस पर अखिलेश ने अमन को भतीजा कहकर जवाब दिया था। जनवरी में सपा की साइकिल यात्रा में भी दोनों खेमा साथ नजर नहीं आए और अलग-अलग साइकिल चलाई। अखिलेश को टिकट मिलने के बाद अमनमणि व अजीत मणि त्रिपाठी अखिलेश के साथ एक मंच पर नजर नहीं आए।
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सियासी पिच पर चार बार लोकसभा चुनाव जीत चुके भाजपा के पंकज चौधरी को इस बार भी पार्टी ने टिकट दिया है। उनकी टीम के ही कुछ खिलाड़ियाें ने ही उन्हें आउट करने की योजना बना ली है। अब वे पंकज का साथ निभाने को तैयार नहीं हैं। 16 मार्च को पंकज को टिकट मिलने के बाद से बगावत शुरू हो गई। गुस्सा इतना बढ़ा कि मंगलवार को बजरंगदल के कुछ लोगों ने मऊपाकड़ तिराहे पर पंकज चौधरी व राजनाथ सिंह का पुतला जला डाला। भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष दिनेश मिश्र ने मंगलवार को ही अपने समर्थकों समेत सपा का दामन थाम लिया। वहीं भाजपा की महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष रहीं सुधा मिश्रा ने भी टिकट बदलने की मांग कर दी है।
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सपा से पूर्व सांसद रहे अखिलेश सिंह इस बार फिर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। सपा के टिकट बंटवारे को लेकर शुरू से ही दो खेमा आमने सामने रहा है। अखिलेश सिंह का खेमा और अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी का खेमा।पंडित दीनदयाल इंटर कालेज में कन्या विद्या धन योजना का चेक वितरण के दौरान अमनमणि ने मंच से ही अखिलेश के खिलाफ टिप्पणी की थी। इस पर अखिलेश ने अमन को भतीजा कहकर जवाब दिया था। जनवरी में सपा की साइकिल यात्रा में भी दोनों खेमा साथ नजर नहीं आए और अलग-अलग साइकिल चलाई। अखिलेश को टिकट मिलने के बाद अमनमणि व अजीत मणि त्रिपाठी अखिलेश के साथ एक मंच पर नजर नहीं आए।
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