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घुघली नगर पंचायत अध्यक्ष की जमानत खारिज
Maharajganj
Updated Mon, 13 Jan 2014 05:44 AM IST
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पुरैना। दीवानी न्यायालय में सुनवाई दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष घुघली अशोक कुमार उर्फ मल्लू की जमानत अर्जी खारिज हो गई। नगर अध्यक्ष गबन के आरोप में तीन जनवरी से जेल में हैं।
नगर पंचायत घुघली में राज्य वित्त आयोग की करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि से निर्माण कार्य कराया जाना था। इसके तहत नगर अध्यक्ष ने दो छोटे अखबारों में निविदा प्रकाशित कराई थी। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि से निर्माण कार्य में अनियमितता की गई है। समाचार पत्र में निविदा विज्ञापन गलत तरीके से निकाली गई है। डीएम ने इसकी जांच कराई तो मामले का खुलासा हुआ। जिला सूचना अधिकारी कार्यालय से अखबार की प्रति से विज्ञापन का मिलान किया गया तो जिस स्थान पर निविदा प्रकाशित होने की बात कही गई थी वहां समाचार छपा मिला। इसके बाद डीएम के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी घुघली ने नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। गिरफ्तारी से बचने के लिए नगर अध्यक्ष हाईकोर्ट चले गए। चार जनवरी को बेल के लिए दीवानी न्यायालय में आवेदन किया था। उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसकी सुनवाई सुनवाई छह जनवरी को होनी थी। बहस के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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नगर पंचायत घुघली में राज्य वित्त आयोग की करीब दो करोड़ रुपये की धनराशि से निर्माण कार्य कराया जाना था। इसके तहत नगर अध्यक्ष ने दो छोटे अखबारों में निविदा प्रकाशित कराई थी। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि राज्य वित्त आयोग की धनराशि से निर्माण कार्य में अनियमितता की गई है। समाचार पत्र में निविदा विज्ञापन गलत तरीके से निकाली गई है। डीएम ने इसकी जांच कराई तो मामले का खुलासा हुआ। जिला सूचना अधिकारी कार्यालय से अखबार की प्रति से विज्ञापन का मिलान किया गया तो जिस स्थान पर निविदा प्रकाशित होने की बात कही गई थी वहां समाचार छपा मिला। इसके बाद डीएम के निर्देश पर अधिशासी अधिकारी घुघली ने नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया। गिरफ्तारी से बचने के लिए नगर अध्यक्ष हाईकोर्ट चले गए। चार जनवरी को बेल के लिए दीवानी न्यायालय में आवेदन किया था। उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसकी सुनवाई सुनवाई छह जनवरी को होनी थी। बहस के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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