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कामधेनु डेयरी योजना लागू
Maharajganj
Updated Mon, 02 Dec 2013 05:42 AM IST
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महराजगंज। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और रोजगार दिलाने के मकसद से मिनी कामधेनु डेयरी योजना लागू हो गई है। इसके तहत प्रदेश भर में 150 डेयरी फार्म खोले जाएंगे। एक डेयरी पर 52 लाख रुपये खर्च होंगे। जिसमें 39 लाख 26 हजार रुपये बैंक से कर्ज मिलेगा तथा 13 लाख नौ हजार रुपये पशुपालक को स्वयं लगाना होगा। ब्याज की अदायगी पशुपालन विभाग करेगा। योजना को अमली जामा पहनाने के लिए प्रमुख सचिव योगेश कुमार ने पत्र जारी कर दिया है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिनी कामधेनु डेयरी योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेश मिनी कामधेनु योजना नाम से 150 डेयरी फार्म खोले जाएंगे। एक डेयरी फार्म पर 52 लाख 34860 रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें 75 प्रतिशत यानी 39 लाख 26 हजार रुपये बैंक से कर्ज दिलाया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत यानी 13 लाख 9000 रुपये लाभार्थी को स्वयं लगाना होगा। योजना के लिए ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जो पशुपालन में रुचि रखते हों तथा जो पहले से पशु पाल रहे हों। साथ ही लाभार्थी के पास शेड बनाने के अतिरिक्त कम से कम एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। इसके लिए एक दिसंबर से 10 दिसंबर तक आवेदन पत्र लिए जाएंगे। पांच वर्ष में कर्ज अदा करना होगा। ब्याज की अदायगी पांच वर्षों तक पशुपालन विभाग करेगा। डेयरी लगाने के लिए पशुओं की खरीद प्रदेश से बाहर के जिलों से की जाएगी तथा एक डेयरी में 50 गाय या भैंस रखी जाएंगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कमल सिंह ने बताया कि योजना को अमल में लाया जा रहा है। प्रचार प्रसार कर योग्य लोगों को डेयरी लगाने की स्वीकृति दी जाएगी।
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राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिनी कामधेनु डेयरी योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रदेश मिनी कामधेनु योजना नाम से 150 डेयरी फार्म खोले जाएंगे। एक डेयरी फार्म पर 52 लाख 34860 रुपये खर्च किए जाने हैं। इसमें 75 प्रतिशत यानी 39 लाख 26 हजार रुपये बैंक से कर्ज दिलाया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत यानी 13 लाख 9000 रुपये लाभार्थी को स्वयं लगाना होगा। योजना के लिए ऐसे लोगों का चयन किया जाएगा जो पशुपालन में रुचि रखते हों तथा जो पहले से पशु पाल रहे हों। साथ ही लाभार्थी के पास शेड बनाने के अतिरिक्त कम से कम एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। इसके लिए एक दिसंबर से 10 दिसंबर तक आवेदन पत्र लिए जाएंगे। पांच वर्ष में कर्ज अदा करना होगा। ब्याज की अदायगी पांच वर्षों तक पशुपालन विभाग करेगा। डेयरी लगाने के लिए पशुओं की खरीद प्रदेश से बाहर के जिलों से की जाएगी तथा एक डेयरी में 50 गाय या भैंस रखी जाएंगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कमल सिंह ने बताया कि योजना को अमल में लाया जा रहा है। प्रचार प्रसार कर योग्य लोगों को डेयरी लगाने की स्वीकृति दी जाएगी।
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