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जंगल से भटक कर आए हिरन को ग्रामीणों ने बचाया
Updated Fri, 20 Jul 2018 06:28 PM IST
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जंगल से भटक कर आए हिरन को ग्रामीणों ने बचाया
बचाने वाले ग्रामीणों को ग्राम प्रधान ने पुरस्कृत किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरेंदा। पानी की तलाश में जंगल से भटक कर लेजार महदेवा के लीलाछापर गांव में पहुंचे हिरन को कुत्तों के हमले से ग्रामीणों ने बचा लिया। ग्रामीणों के इस कार्य की ग्राम प्रधान ने सराहना की और उन्हें पुरस्कृत किया। हिरन को भी सुरक्षित वन विभाग को सौंप दिया गया।
फरेंदा क्षेत्र के टेढ़ी जंगल से शुक्रवार की सुबह पांच बजे पानी की तलाश में भटकता हुआ हिरन लेजार महदेवा के लीलाछापर गांव में पहुंच गया। जहां हिरन को देख कुत्तों ने हमला करने का प्रयास किया। इस पर हिरन जान बचाने के लिए गांव के पोखरे में घुस गया। काफी देर तक पोखरे के बीच में ही पड़ा रहा तो गांव के लोगों ने सूचना ग्राम प्रधान विनोद चौधरी को दी। ग्राम प्रधान ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों की मदद से हिरन को पोखरे से बाहर निकलवाया। इसकी सूचना 100 नंबर पुलिस व वन विभाग को दी गई। घायल हिरन को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। ग्राम प्रधान ने हिरन को बचाने वाले लोगों को नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया। इस संबंध में रेंजर बकाउल्लाह ने बताया कि इलाज के बाद हिरन को जंगल में छोड़ दिया गया।
बचाने वाले ग्रामीणों को ग्राम प्रधान ने पुरस्कृत किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरेंदा। पानी की तलाश में जंगल से भटक कर लेजार महदेवा के लीलाछापर गांव में पहुंचे हिरन को कुत्तों के हमले से ग्रामीणों ने बचा लिया। ग्रामीणों के इस कार्य की ग्राम प्रधान ने सराहना की और उन्हें पुरस्कृत किया। हिरन को भी सुरक्षित वन विभाग को सौंप दिया गया।
फरेंदा क्षेत्र के टेढ़ी जंगल से शुक्रवार की सुबह पांच बजे पानी की तलाश में भटकता हुआ हिरन लेजार महदेवा के लीलाछापर गांव में पहुंच गया। जहां हिरन को देख कुत्तों ने हमला करने का प्रयास किया। इस पर हिरन जान बचाने के लिए गांव के पोखरे में घुस गया। काफी देर तक पोखरे के बीच में ही पड़ा रहा तो गांव के लोगों ने सूचना ग्राम प्रधान विनोद चौधरी को दी। ग्राम प्रधान ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों की मदद से हिरन को पोखरे से बाहर निकलवाया। इसकी सूचना 100 नंबर पुलिस व वन विभाग को दी गई। घायल हिरन को इलाज के लिए अस्पताल ले गए। ग्राम प्रधान ने हिरन को बचाने वाले लोगों को नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया। इस संबंध में रेंजर बकाउल्लाह ने बताया कि इलाज के बाद हिरन को जंगल में छोड़ दिया गया।
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