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जीएसटी के विरोध में प्रदर्शन, दुकानो का शटर डाउन
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:11 AM IST
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जीएसटी के विरोध में प्रदर्शन
महराजगंज। जीएसटी के विरोध में देश व्यापी बंद के समर्थन में शुक्रवार को जिले में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। कपड़े की दुकानों शटर नहीं उठे। जनपद में तमाम स्थानों पर व्यापारियों ने जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ रोष जताया और जीएसटी लागू करने को लेकर पुनर्विचार करने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने से व्यापार प्रभावित होगा और तमाम तरह की मुश्किलें होंगी। करीब दो बजे के बाद तमाम दुकानें खुल गई। भारत बंद के आह्वान को देखते हुए जिले में पुलिस सतर्क रही।
नगर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के लोगों ने व्यापारियों को साथ विरोध प्रदर्शन किया। दुकानें बंद कराने को लेकर एक जगह नोकझोंक हो गई। व्यापारी नेताओं ने दुकानदारों को भारत बंद का मकसद समझाया। कपड़ा व्यापारियों को छोड़ अन्य व्यवसायी आधे-अधूरे मन से बंदी में शामिल हुए। मेडिकल स्टोर्स और अन्य दुकानें खुली रहीं। व्यापारियों ने कॉलेज रोड, फरेंदा रोड और गोरखपुर रोड पर प्रदर्शन किया।
नगर के सक्सेना चौक पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पशुपति नाथ गुप्ता ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने सरकार जीएसटी के प्रावधानों को लचीला बनाने की मांग की, जिससे व्यापारियों को सहूलियत मिले। इस दौरान केएम अग्रवाल, रामसेवक साहू, रवि गोयनका, संतोष गोयनका, द्वारिकानाथ गुप्ता, आकाश, जवाहरलाल साहू, कैलाश प्रसाद, अयोध्या समेत तमाम व्यापारी शामिल रहे। नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार, जीएसटी के कड़े प्रावधानों के विरोध मेें शुक्रवार को नगर की ज्यादातर दुकानें बंद रही। व्यापारियों ने एक जुलाई से लागू होने वाले इस कानून को लेकर कड़ा विरोध जताया। वहीं बंदी के चलते सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों ने नगर में जुलूस निकालकर दुकानें बंद करायी और जीएसटी के विरोध में प्रदर्शन किया। नगर के हनुमान चौक से निकला व्यापारियों का जुलूस पुरानी नौतनवां चौराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, जनता चौक, अस्पताल चौराहा, जयहिंद चौराहा होते हुये गांधी चौक पहुंचा। तहसील अध्यक्ष राजा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी को लागू करने में सरकार जल्दबाजी कर रही है। इसके कड़े प्रावधानों से व्यापारियों की मुश्किल बढने वाली हैं। इसमें बहुत सारे संशोधन की जरूरत है। इस मौके पर नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र मद्धेशिया, शुभम वर्मा, विशाल, जितेन्द्र, सोछनू जायसवाल, कुलदीप बग्गा, रईस कुरैशी, रामू, रमेश वर्मा, राजा सिंह, मनीष सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे। मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने व्यापार मंडल सिंदुरिया के संरक्षक दीपक लाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुक्रवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। व्यापार मंडल अध्यक्ष विद्याभूषण गुप्ता ने कहा कि जीएसटी में बहुत सारी कमियां हैं। इन कमियों को अगर दूर नहीं किया गया तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल अनिश्चित कालीन हड़ताल करेगा। उन्होंने मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल करने की मांग की। कपड़ा व्यवसायियों की समस्याओं के समाधान की अपील की। साथ ही अपील, रिफंड, रिटर्न की समस्या को दूर करने की मांग उठाई। जुर्माना और जेल की सख्त धाराओं को एक्ट में कम किया जाए और बचे स्टॉक पर आईटीसी की समस्या का तत्काल हल निकाला जाए। इस अवसर पर शहाबुद्दीन, वीरेंद्र प्रसाद गुप्त, रामप्रताप गुप्त, अरबिंद दुबे, रोशन गुप्त, शैलेश कुमार, प्रेमगुप्त, संतोष, लालबाबू, सुदामा गुप्ता, लल्लू गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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बरगदवा व परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, बंद के आह्वान कर व्यापारियों ने बाइक जुलूस निकाला और दुकानें बंद रखीं। हालांकि बंद का मिला-जुला असर रहा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के सभी दुकानें खुली रहीं। व्यापार मंडल के पदाधिकारी ने जीएसटी को व्यापार प्रभावित करने वाला कानून बताया। बंद के दौरान संजय रौनियार, अशोक रौनियार, शंभू मद्धेशिया, सुनील रौनियार, वीरेंद्र रौनियार, सुरेश वर्मा, डॉक्टर कसौधन, सुरेश वर्मा, हीरा कसौधन, ईश्वर लाल, भरथरी, संतोष, राजू, वीरेंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे। परसा मलिक, कोहरगड्डी, तरैनी चौराहा, सेवतरी, सेखुआनी, पेड़ारी सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें खुली रहीं।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार जीएसटी के विरोध में बंदी का मिला जुला असर रहा। दुकानदार सुबह दबी जुबान से विरोध कर रहे थे लेकिन बाजार में उसका कोई असर नहीं दिखा। नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा जो जीएसटी व्यापारियों पर लगाया जा रहा है। फरेंदा कस्बे में व्यापार मंडल के आह्वान पर बंदी का मिला जुला असर रहा।
घुघली, पनियरा, बृजनमगंज, कोल्हुई, अड्डा बाजार, सिसवा, ठूठीबारी प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। इन क्षेत्रों में भी तमाम दुकानें खुली रहीं।
व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया
फरेंदा। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिभुवन नरायन मिश्र ने आरोप लगाया है कि जबरदस्ती जीएसटी लागू कर केंद्र सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। भाजपा सरकार जीएसटी लाकर अपनी नाकामयाबी को छिपाने का प्रयास कर रही है। देश का किसान परेशान है। देश अर्थिक संकट से गुजर रहा है। सरकार जबरदस्ती जीएसटी लागू कर रही है जिसका कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश में अपार बहुमत मिलने के मद में मोदी सरकार गलत फैसले ले रही है। किसानों, विकलांगों, विद्यार्थियों तथा सेना के जवानों के उपयोग में आने वाली वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाकर जन विरोधी कार्य किया गया है। इससे छोटे दुकानदारों को मुसीबत में धकेला गया है। कार्यक्रम का कांग्रेस व अन्य दलों के विरोध का निर्णय स्वागत योग्य है। विरोधी दलो द्वारा जीएसटी का विरोध सड़क पर उतर कर करना चाहिए।
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महराजगंज। जीएसटी के विरोध में देश व्यापी बंद के समर्थन में शुक्रवार को जिले में ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। कपड़े की दुकानों शटर नहीं उठे। जनपद में तमाम स्थानों पर व्यापारियों ने जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ रोष जताया और जीएसटी लागू करने को लेकर पुनर्विचार करने की मांग की। व्यापारियों ने कहा कि जीएसटी लागू होने से व्यापार प्रभावित होगा और तमाम तरह की मुश्किलें होंगी। करीब दो बजे के बाद तमाम दुकानें खुल गई। भारत बंद के आह्वान को देखते हुए जिले में पुलिस सतर्क रही।
नगर में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के लोगों ने व्यापारियों को साथ विरोध प्रदर्शन किया। दुकानें बंद कराने को लेकर एक जगह नोकझोंक हो गई। व्यापारी नेताओं ने दुकानदारों को भारत बंद का मकसद समझाया। कपड़ा व्यापारियों को छोड़ अन्य व्यवसायी आधे-अधूरे मन से बंदी में शामिल हुए। मेडिकल स्टोर्स और अन्य दुकानें खुली रहीं। व्यापारियों ने कॉलेज रोड, फरेंदा रोड और गोरखपुर रोड पर प्रदर्शन किया।
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नगर के सक्सेना चौक पर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पशुपति नाथ गुप्ता ने व्यापारियों को संबोधित करते हुए एकजुट होकर संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने सरकार जीएसटी के प्रावधानों को लचीला बनाने की मांग की, जिससे व्यापारियों को सहूलियत मिले। इस दौरान केएम अग्रवाल, रामसेवक साहू, रवि गोयनका, संतोष गोयनका, द्वारिकानाथ गुप्ता, आकाश, जवाहरलाल साहू, कैलाश प्रसाद, अयोध्या समेत तमाम व्यापारी शामिल रहे। नौतनवां प्रतिनिधि के अनुसार, जीएसटी के कड़े प्रावधानों के विरोध मेें शुक्रवार को नगर की ज्यादातर दुकानें बंद रही। व्यापारियों ने एक जुलाई से लागू होने वाले इस कानून को लेकर कड़ा विरोध जताया। वहीं बंदी के चलते सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों ने नगर में जुलूस निकालकर दुकानें बंद करायी और जीएसटी के विरोध में प्रदर्शन किया। नगर के हनुमान चौक से निकला व्यापारियों का जुलूस पुरानी नौतनवां चौराहा, रेलवे स्टेशन चौराहा, जनता चौक, अस्पताल चौराहा, जयहिंद चौराहा होते हुये गांधी चौक पहुंचा। तहसील अध्यक्ष राजा ठाकुर ने कहा कि जीएसटी को लागू करने में सरकार जल्दबाजी कर रही है। इसके कड़े प्रावधानों से व्यापारियों की मुश्किल बढने वाली हैं। इसमें बहुत सारे संशोधन की जरूरत है। इस मौके पर नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र मद्धेशिया, शुभम वर्मा, विशाल, जितेन्द्र, सोछनू जायसवाल, कुलदीप बग्गा, रईस कुरैशी, रामू, रमेश वर्मा, राजा सिंह, मनीष सहित अन्य व्यापारी मौजूद रहे। मिठौरा प्रतिनिधि के अनुसार अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के व्यापारियों ने व्यापार मंडल सिंदुरिया के संरक्षक दीपक लाल श्रीवास्तव के नेतृत्व में शुक्रवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं। व्यापार मंडल अध्यक्ष विद्याभूषण गुप्ता ने कहा कि जीएसटी में बहुत सारी कमियां हैं। इन कमियों को अगर दूर नहीं किया गया तो अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल अनिश्चित कालीन हड़ताल करेगा। उन्होंने मंडी शुल्क को जीएसटी में शामिल करने की मांग की। कपड़ा व्यवसायियों की समस्याओं के समाधान की अपील की। साथ ही अपील, रिफंड, रिटर्न की समस्या को दूर करने की मांग उठाई। जुर्माना और जेल की सख्त धाराओं को एक्ट में कम किया जाए और बचे स्टॉक पर आईटीसी की समस्या का तत्काल हल निकाला जाए। इस अवसर पर शहाबुद्दीन, वीरेंद्र प्रसाद गुप्त, रामप्रताप गुप्त, अरबिंद दुबे, रोशन गुप्त, शैलेश कुमार, प्रेमगुप्त, संतोष, लालबाबू, सुदामा गुप्ता, लल्लू गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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बरगदवा व परसामलिक प्रतिनिधि के अनुसार, बंद के आह्वान कर व्यापारियों ने बाइक जुलूस निकाला और दुकानें बंद रखीं। हालांकि बंद का मिला-जुला असर रहा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के सभी दुकानें खुली रहीं। व्यापार मंडल के पदाधिकारी ने जीएसटी को व्यापार प्रभावित करने वाला कानून बताया। बंद के दौरान संजय रौनियार, अशोक रौनियार, शंभू मद्धेशिया, सुनील रौनियार, वीरेंद्र रौनियार, सुरेश वर्मा, डॉक्टर कसौधन, सुरेश वर्मा, हीरा कसौधन, ईश्वर लाल, भरथरी, संतोष, राजू, वीरेंद्र सहित अन्य लोग मौजूद रहे। परसा मलिक, कोहरगड्डी, तरैनी चौराहा, सेवतरी, सेखुआनी, पेड़ारी सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर दुकानें खुली रहीं।
फरेंदा प्रतिनिधि के अनुसार जीएसटी के विरोध में बंदी का मिला जुला असर रहा। दुकानदार सुबह दबी जुबान से विरोध कर रहे थे लेकिन बाजार में उसका कोई असर नहीं दिखा। नगर पंचायत अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा जो जीएसटी व्यापारियों पर लगाया जा रहा है। फरेंदा कस्बे में व्यापार मंडल के आह्वान पर बंदी का मिला जुला असर रहा।
घुघली, पनियरा, बृजनमगंज, कोल्हुई, अड्डा बाजार, सिसवा, ठूठीबारी प्रतिनिधियों के अनुसार क्षेत्र में बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। इन क्षेत्रों में भी तमाम दुकानें खुली रहीं।
व्यापारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया
फरेंदा। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष त्रिभुवन नरायन मिश्र ने आरोप लगाया है कि जबरदस्ती जीएसटी लागू कर केंद्र सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। भाजपा सरकार जीएसटी लाकर अपनी नाकामयाबी को छिपाने का प्रयास कर रही है। देश का किसान परेशान है। देश अर्थिक संकट से गुजर रहा है। सरकार जबरदस्ती जीएसटी लागू कर रही है जिसका कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है। पूर्व जिलाध्यक्ष ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश में अपार बहुमत मिलने के मद में मोदी सरकार गलत फैसले ले रही है। किसानों, विकलांगों, विद्यार्थियों तथा सेना के जवानों के उपयोग में आने वाली वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाकर जन विरोधी कार्य किया गया है। इससे छोटे दुकानदारों को मुसीबत में धकेला गया है। कार्यक्रम का कांग्रेस व अन्य दलों के विरोध का निर्णय स्वागत योग्य है। विरोधी दलो द्वारा जीएसटी का विरोध सड़क पर उतर कर करना चाहिए।