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समस्याओं के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने दिया धरना
ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज
Updated Wed, 12 Dec 2018 10:43 PM IST
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कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देते सफाई कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिला इकाई पदाधिकारियों ने बुधवार को समस्याओं के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना दिया। साथ ही डीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। सभी सफाई कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह ने कहा कि 10 वर्ष की सेवा बीतने के बाद भी प्रदेश सरकार की ओर से सफाई कर्मचारियों की सेवा नियमावली नहीं बनाई जा रही है। सरकर अपने ही शासनादेश का उल्लंघन कर रही है। सरकारी कर्मचारी को प्रथम वित्तीय बढ़ोतरी की व्यवस्था है, लेकिन सफाई कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार ने अभी तक 2015 में वादा करने के बाद भी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को प्रधान के नियंत्रण से मुक्त करने की व्यवस्था नहीं की जा रही है। जिससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। जिला महामंत्री रामजीत गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों का पदनाम परिवर्तित किया जाए। धरने को संबोधित करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष श्रीभागवत सिंह ने कहा कि सफाई कर्मचरियों को सरकार चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी की तरह ही वेतन व पुरानी पेंशन व्यवस्था से आच्छादित करें। मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय मंत्री श्रीनाथधर ने कहा कि सरकार ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। इस दौरान सुनील गुप्ता, विजय साहनी, धमेंद्र यादव, कमल किशोर यादव, सत्येंद्र कुमार गोड़, अशोक, बृजेश जायसवाल, सरोज, संतराज यादव, संदीप, रामभवन, लल्लू चौधरी, वीजेंद्र कुमार बृजेश और गिरजेश आदि मौजूद थे।
ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग के लिए सिंचाई कर्मियों ने दिया धरना
महराजगंज। मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन सिंचाई विभाग ने बुधवार को सिंचाई विभाग कॉलोनी में धरना दिया। वहीं पर एसोसिएशन ने सिंचाई कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले ठेकेदार की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों के समर्थन में जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
एसोसिएशन ने अपने पत्रक में कहा है कि सिंचाई खंड द्वितीय कार्यालय में कार्यरत अमित कुमार यादव अपने कार्यालय में कार्यों का संपादन कर रहे थे कि इसी बीच 30 अक्तूबर को उग्रसेन नामक ठेकेदार आया तथा अमित कुमार यादव के साथ दुर्व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सरकारी अभिलेख भी उठा ले गए। जिससे सिंचाई कर्मियों में भय व दहशत है। हालांकि उक्त घटना को लेकर सदर कोतवाली में उक्त ठेकेदार के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।
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इसके बाद उक्त ठेकेदार बीते पहली दिसंबर को फिर एक्सईएन सिंचाई विभाग कार्यालय में आया तथा मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। ठेकेदार की बात जब नहीं मानी गई तो ठेकेदार ने एक बार फिर जान से मारने सहित तरह-तरह की धमकी दी। ठेकेदार का उक्त रवैया देखकर सभी कर्मियों में आक्रोश है। कारण कि अभी तक उक्त ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम, एसपी को पत्रक देने वालों में राणा प्रताप सिंह, मुकेश कुमार, उदयभान पटेल, सुनील सिंह, रामदयाल, रामसुभग, सुबाष चंद, बेचई, जमशेद, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अमित कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार, अमरजीत पटेल, आमोद श्रीवास्तव, धर्मेंद्र, संजीव कुमार, राजेश वरुण, कमालुद्दीन, प्रहलाद, रामदयाल यादव व विजय श्रीवास्तव आदि के नाम हैं।
ग्यारह सूत्री मांगों के लिए शिक्षकों ने दिया धरना
महराजगंज। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला इकाई के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ग्यारह सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों को एक परिसर में संविलयन एवं अंतरजनपदीय स्थानांतरण पांच वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने, मृतक आश्रित कोटे की नियुक्ति, नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन भुगतान, पदोन्नति प्रकरण में प्रभावी तरीके से पैरवी कर पदोन्नति किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वेटर मद में महंगाई को देखते हुए भुगतान किया जाय। 10 लाख का बीमा करने सहित ग्यारह सूत्री मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर शिक्षक हित से समझौता नहीं किया जाएगा। समय रहते सरकार का रुख शिक्षकों के लिए सकारात्मक नहीं हुई तो शिक्षकों द्वारा आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से 2008 से पद्दोन्नति नहीं करते हुए प्रधानाध्यापक पद समाप्त करने की व्यवस्था की जा रही है, जो शिक्षक अपने निवास स्थान से ज्यादा दूरी पर तैनात हैं। उनका स्थानांतण नहीं किया जा रहा है। इस सभी मामले को लेकर शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं।
जिला महामंत्री सत्येंद्र मिश्र ने कहा कि सरकार एवं विभाग का रवैया शिक्षक हित के विपरीत है। शिक्षकों के प्रति नकारात्मक सोच रखने वाली सरकार नौनिहालों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसी कारण से शिक्षक अपनी मांग को लेकर आंदोलित है। इस दौरान मनौवर अली, बैजनाथ सिंह, हरीश शाही, राघवेंद्र नाथ पांडेय, वीरेंद्र सिंह, घनप्रकाश त्रिपाठी, अभय कुमार दूबे, प्रद्युम्न सिंह, गोपाल पासवान, अखिलेश पाठक, धन्नू चौहान, लालबिहारी, हरिश्चंद्र चौधरी, अनूप कुमार, नंदलाल यादव और रामसमुझ आदि शिक्षक आदि मौजूद थे।
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ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग के लिए सिंचाई कर्मियों ने दिया धरना
महराजगंज। मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन सिंचाई विभाग ने बुधवार को सिंचाई विभाग कॉलोनी में धरना दिया। वहीं पर एसोसिएशन ने सिंचाई कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले ठेकेदार की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों के समर्थन में जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।
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एसोसिएशन ने अपने पत्रक में कहा है कि सिंचाई खंड द्वितीय कार्यालय में कार्यरत अमित कुमार यादव अपने कार्यालय में कार्यों का संपादन कर रहे थे कि इसी बीच 30 अक्तूबर को उग्रसेन नामक ठेकेदार आया तथा अमित कुमार यादव के साथ दुर्व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। सरकारी अभिलेख भी उठा ले गए। जिससे सिंचाई कर्मियों में भय व दहशत है। हालांकि उक्त घटना को लेकर सदर कोतवाली में उक्त ठेकेदार के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई।
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इसके बाद उक्त ठेकेदार बीते पहली दिसंबर को फिर एक्सईएन सिंचाई विभाग कार्यालय में आया तथा मुकदमा वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा। ठेकेदार की बात जब नहीं मानी गई तो ठेकेदार ने एक बार फिर जान से मारने सहित तरह-तरह की धमकी दी। ठेकेदार का उक्त रवैया देखकर सभी कर्मियों में आक्रोश है। कारण कि अभी तक उक्त ठेकेदार के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की गई। डीएम, एसपी को पत्रक देने वालों में राणा प्रताप सिंह, मुकेश कुमार, उदयभान पटेल, सुनील सिंह, रामदयाल, रामसुभग, सुबाष चंद, बेचई, जमशेद, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, अमित कुमार श्रीवास्तव, अनिल कुमार, अमरजीत पटेल, आमोद श्रीवास्तव, धर्मेंद्र, संजीव कुमार, राजेश वरुण, कमालुद्दीन, प्रहलाद, रामदयाल यादव व विजय श्रीवास्तव आदि के नाम हैं।
ग्यारह सूत्री मांगों के लिए शिक्षकों ने दिया धरना
महराजगंज। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला इकाई के पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। मुख्यमंत्री को संबोधित ग्यारह सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर समस्याओं के निस्तारण की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों को एक परिसर में संविलयन एवं अंतरजनपदीय स्थानांतरण पांच वर्ष से घटाकर एक वर्ष करने, मृतक आश्रित कोटे की नियुक्ति, नवनियुक्त शिक्षकों का वेतन भुगतान, पदोन्नति प्रकरण में प्रभावी तरीके से पैरवी कर पदोन्नति किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वेटर मद में महंगाई को देखते हुए भुगतान किया जाय। 10 लाख का बीमा करने सहित ग्यारह सूत्री मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर शिक्षक हित से समझौता नहीं किया जाएगा। समय रहते सरकार का रुख शिक्षकों के लिए सकारात्मक नहीं हुई तो शिक्षकों द्वारा आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदेश सरकार की ओर से 2008 से पद्दोन्नति नहीं करते हुए प्रधानाध्यापक पद समाप्त करने की व्यवस्था की जा रही है, जो शिक्षक अपने निवास स्थान से ज्यादा दूरी पर तैनात हैं। उनका स्थानांतण नहीं किया जा रहा है। इस सभी मामले को लेकर शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं।
जिला महामंत्री सत्येंद्र मिश्र ने कहा कि सरकार एवं विभाग का रवैया शिक्षक हित के विपरीत है। शिक्षकों के प्रति नकारात्मक सोच रखने वाली सरकार नौनिहालों के साथ खिलवाड़ कर रही है। इसी कारण से शिक्षक अपनी मांग को लेकर आंदोलित है। इस दौरान मनौवर अली, बैजनाथ सिंह, हरीश शाही, राघवेंद्र नाथ पांडेय, वीरेंद्र सिंह, घनप्रकाश त्रिपाठी, अभय कुमार दूबे, प्रद्युम्न सिंह, गोपाल पासवान, अखिलेश पाठक, धन्नू चौहान, लालबिहारी, हरिश्चंद्र चौधरी, अनूप कुमार, नंदलाल यादव और रामसमुझ आदि शिक्षक आदि मौजूद थे।