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Maharajganj News: गेहूं की बिक्री के लिए 7300 किसानों ने कराया पंजीकरण
Mon, 01 Apr 2024 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 01 Apr 2024 12:45 AM IST
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महराजगंज। एक मार्च से ही गेहूं क्रय केंद्र खुल गए हैं, लेकिन अब तक एक भी किसान अपनी उपज लेकर पहुंचा। कारण यह कि अभी तक फसल ही नहीं तैयार हुई है। इन सबके बीच गेहूं बिक्री करने के लिए 7300 किसान पंजीकरण करा चुके हैं। इन किसानों के सत्यापन का कार्य इन दिनों तेजी से कराते हुए विभाग नये किसानों के पंजीकरण में जुटा है। विभाग का लक्ष्य 39 हजार 700 किसानों तक पहुंचने का है जिन्होंने धान की बिक्री की थी। गेहूं बिक्री के लिए भी विभाग उनसे संपर्क कर प्रेरित करने में लगा है।
पूर्व के वर्षों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होती थी, लेकिन इस बार एक मार्च से क्रय केंद्र खरीद के लिए स्थापित कर दिए गए। जिले में चार लाख से अधिक किसानों ने गेहूं की बुआई की है। उपज की बेहतर ढंग से खरीद के लिए इस बार खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ 64, यूपीएसएस 15, पीसीयू 42, मंडी समिति चार, भारतीय खाद्य निगम सात, एनसीसीएफ छह व नैफेड के 18 क्रय केंद्र बने हैं। कुल 183 केद्रों को मंजूरी दी गई है।
साथ ही अगर किसी गांव में एक साथ एक ट्रक गेहूं की खरीद होती है तो वहां मोबाइल वाहन के रूप में ट्रक भेजकर भी उठान की सुविधा दी जाएगी। जिले को गेहूं खरीद के लिए 117000 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इसे पूर्ण करने के लिए नये बिक्री कर्ता किसानों के अलावा विभाग उन कृषकों से भी संपर्क साध रहा है जिन्होंने सरकारी केंद्रों पर धान की बिक्री की थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 39700 किसानों ने धान की बिक्री की थी। गेहूं बिक्री के लिए उनका पंजीकरण कराने में विभाग विशेष तत्परता बरतेगा।
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गेहूं की फसल अभी तैयार नहीं है। इसके चलते ही खरीद नहीं शुरू हो सकी है। 20 अप्रैल तक फसल तैयार हो जाएगी। इसके बाद उपज लेकर किसानों की आवक केंद्रों पर शुरू हो जाएगी। जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो गया है उनका सत्यापन पूर्ण कराया जा रहा है। बिक्री के लिए इच्छुक किसान असुविधा से बचने के लिए पंजीकरण पहले से करा लें।
-विवेक सिंह, खाद्य एवं विपणन अधिकारी
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पूर्व के वर्षों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू होती थी, लेकिन इस बार एक मार्च से क्रय केंद्र खरीद के लिए स्थापित कर दिए गए। जिले में चार लाख से अधिक किसानों ने गेहूं की बुआई की है। उपज की बेहतर ढंग से खरीद के लिए इस बार खाद्य विभाग के 30, पीसीएफ 64, यूपीएसएस 15, पीसीयू 42, मंडी समिति चार, भारतीय खाद्य निगम सात, एनसीसीएफ छह व नैफेड के 18 क्रय केंद्र बने हैं। कुल 183 केद्रों को मंजूरी दी गई है।
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साथ ही अगर किसी गांव में एक साथ एक ट्रक गेहूं की खरीद होती है तो वहां मोबाइल वाहन के रूप में ट्रक भेजकर भी उठान की सुविधा दी जाएगी। जिले को गेहूं खरीद के लिए 117000 मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया है। इसे पूर्ण करने के लिए नये बिक्री कर्ता किसानों के अलावा विभाग उन कृषकों से भी संपर्क साध रहा है जिन्होंने सरकारी केंद्रों पर धान की बिक्री की थी। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 39700 किसानों ने धान की बिक्री की थी। गेहूं बिक्री के लिए उनका पंजीकरण कराने में विभाग विशेष तत्परता बरतेगा।
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गेहूं की फसल अभी तैयार नहीं है। इसके चलते ही खरीद नहीं शुरू हो सकी है। 20 अप्रैल तक फसल तैयार हो जाएगी। इसके बाद उपज लेकर किसानों की आवक केंद्रों पर शुरू हो जाएगी। जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो गया है उनका सत्यापन पूर्ण कराया जा रहा है। बिक्री के लिए इच्छुक किसान असुविधा से बचने के लिए पंजीकरण पहले से करा लें।
-विवेक सिंह, खाद्य एवं विपणन अधिकारी