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गणेश शुगर मिल के चलने की उम्मीद क्षीण
Updated Thu, 22 Jun 2017 12:11 AM IST
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फरेंदा(महराजगंज)। गणेश शुगर मिल फरेंदा के चालू होने के आसार क्षीण हो गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश पर मिल का अधिग्रहण करने पहुंची टीम सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिल पाने से वापस लौट गई। अब टीम 27 जून को पुन: आएगी और अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू होगी।
हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश के क्रम में 1994 से बंद पड़ी एनटीसी की गणेश शुगर मिल का अधिग्रहण करने पहुंची समापक टीम बुधवार को एसडीएम फरेंदा गिरीश चंद श्रीवास्तव, सीओ सदर व तहसीलदार फरेंदा राजेश अग्रवाल, एसओ फरेंदा चंद्रेश यादव के साथ चीनी मिल परिसर पहुंची। लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हो पाई। पर्याप्त फोर्स न होने से टीम ने एनटीसी को कोई नोटिस नहीं दिया था। चीनी मिल के कारखाना प्रबंधक एसके उपाध्याय ने बताया कि ओएल ने स्वदेशी माइनिंग मैनूफैक्चरिंग के जिस मैनेजिंग डाइरेक्टर आरपी शर्मा के नाम नोटिस भेजा है। उनका निधन वर्ष 2002 में ही हो गया था। उन्होंने बताया कि आधिकारिक सूचना भी नहीं दी गई। जबतक एनटीसी को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी जाती और वहां से कोई आदेश नहीं आता तब तक मिल के अधिग्रहण कानूनी नहीं माना जाएगा। टीम में शासकीय समापक इलाहाबाद देवेंद्र श्रीवास्तव, पवन अरुण व मिल के वैल्यूवर मोहन गुप्ता शामिल थी। यह टीम सोमवार से ही फरेंदा में ठहरी हुई थी।
चीनी मिल के अधिग्रहण की सूचना पर मिल मजदूर नेता नरसिंह बहादुर व शमसुल हक लारी आदि मौके पर पहुंच गए। मजदूर संघ के अध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने बताया कि मजदूर संगठन तो हमेशा प्रयासरत रहा कि मिल परिसर में कोई उद्योग लगे। लेकिन नहीं लग पाया। अब जब मिल के चलने की उम्मीद खत्म हो गई है तो अधिग्रहण के बाद मजदूरों का बकाया भुगतान बेहतर होगा। इस संबंध में एसडीएम गिरीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि अधिग्रहण करने आई टीम को सुरक्षा कारणों से वापस कर दिया गया है। ईद के चलते फोर्स की कमी के कारण पुन: 27 जून को टीम आएगी।
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हाईकोर्ट इलाहाबाद के आदेश के क्रम में 1994 से बंद पड़ी एनटीसी की गणेश शुगर मिल का अधिग्रहण करने पहुंची समापक टीम बुधवार को एसडीएम फरेंदा गिरीश चंद श्रीवास्तव, सीओ सदर व तहसीलदार फरेंदा राजेश अग्रवाल, एसओ फरेंदा चंद्रेश यादव के साथ चीनी मिल परिसर पहुंची। लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते अधिग्रहण की कार्रवाई नहीं हो पाई। पर्याप्त फोर्स न होने से टीम ने एनटीसी को कोई नोटिस नहीं दिया था। चीनी मिल के कारखाना प्रबंधक एसके उपाध्याय ने बताया कि ओएल ने स्वदेशी माइनिंग मैनूफैक्चरिंग के जिस मैनेजिंग डाइरेक्टर आरपी शर्मा के नाम नोटिस भेजा है। उनका निधन वर्ष 2002 में ही हो गया था। उन्होंने बताया कि आधिकारिक सूचना भी नहीं दी गई। जबतक एनटीसी को कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी जाती और वहां से कोई आदेश नहीं आता तब तक मिल के अधिग्रहण कानूनी नहीं माना जाएगा। टीम में शासकीय समापक इलाहाबाद देवेंद्र श्रीवास्तव, पवन अरुण व मिल के वैल्यूवर मोहन गुप्ता शामिल थी। यह टीम सोमवार से ही फरेंदा में ठहरी हुई थी।
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चीनी मिल के अधिग्रहण की सूचना पर मिल मजदूर नेता नरसिंह बहादुर व शमसुल हक लारी आदि मौके पर पहुंच गए। मजदूर संघ के अध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह ने बताया कि मजदूर संगठन तो हमेशा प्रयासरत रहा कि मिल परिसर में कोई उद्योग लगे। लेकिन नहीं लग पाया। अब जब मिल के चलने की उम्मीद खत्म हो गई है तो अधिग्रहण के बाद मजदूरों का बकाया भुगतान बेहतर होगा। इस संबंध में एसडीएम गिरीश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि अधिग्रहण करने आई टीम को सुरक्षा कारणों से वापस कर दिया गया है। ईद के चलते फोर्स की कमी के कारण पुन: 27 जून को टीम आएगी।
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