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कंप्युटर अनुदेशकों की सेवा बहाल करने को बुलंद की आवाज
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:26 AM IST
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कंप्यूटर अनुदेशकों ने सेवा बहाल के लिए बुलंद की आवाज
फोटो:-
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन के जिला इकाई पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर सेवा बहाली की मांग की। संगठन के प्रदेश सचिव विमलेश पटेल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में पांच वर्ष तक निरंतर शिक्षण कार्य करने के बाद 2014-15 में कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवा समाप्त कर दी गई। जिससे प्रत्येक विद्यालय में लगभग 10 से 12 लाख रुपये से बने कंप्यूटर लैब धूल फांक रहे हैं। इसमें शिक्षा लेने वाले छात्र कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को तत्काल संचालित करने की लिए पूर्व में कार्य कर चुके कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवा बहाल की जाए। संगठन के जिलाध्यक्ष आलोक पांडेय ने कहा कि राजकीय व अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्य कर चुके कंप्यूटर अनुदेशकों को अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी समायोजन किया जाए। कंप्यूटर विषय में स्थायी शिक्षक के लिए प्रशिक्षण स्नातक बीएड की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। क्योंकि तकनीकी शिक्षा के लिए बीएड अनिवार्य नहीं है। सहायक अध्यापक पद पर होने वाली भर्ती में कंप्यूटर अनुदेशकों को आयु सीमा में छूट प्रदान करते हुए प्रथम वरियता दिया जाए। कंप्यूटर अनुदेशकों की नियुक्ति के समय की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट रही। नियम के तहत बीसीए, एमसीए, पीजीडीसीए, एमएससी आदि को ही सहायक अध्यापक पद के लिए सुनिश्चित किया जाए जो पहले निर्धारित था। इस मौके पर अष्टभुजा पाठक, नवीन सिंह, राजेश पटेल, करूणेश कुमार शुक्ला, उमेश चंद्र दूबे, कृष्ण मोहन चौधरी धनंजय निषाद आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। माध्यमिक कंप्यूटर अनुदेशक एसोसिएशन के जिला इकाई पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर सेवा बहाली की मांग की। संगठन के प्रदेश सचिव विमलेश पटेल ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में पांच वर्ष तक निरंतर शिक्षण कार्य करने के बाद 2014-15 में कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवा समाप्त कर दी गई। जिससे प्रत्येक विद्यालय में लगभग 10 से 12 लाख रुपये से बने कंप्यूटर लैब धूल फांक रहे हैं। इसमें शिक्षा लेने वाले छात्र कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को तत्काल संचालित करने की लिए पूर्व में कार्य कर चुके कंप्यूटर अनुदेशकों की सेवा बहाल की जाए। संगठन के जिलाध्यक्ष आलोक पांडेय ने कहा कि राजकीय व अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्य कर चुके कंप्यूटर अनुदेशकों को अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी समायोजन किया जाए। कंप्यूटर विषय में स्थायी शिक्षक के लिए प्रशिक्षण स्नातक बीएड की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए। क्योंकि तकनीकी शिक्षा के लिए बीएड अनिवार्य नहीं है। सहायक अध्यापक पद पर होने वाली भर्ती में कंप्यूटर अनुदेशकों को आयु सीमा में छूट प्रदान करते हुए प्रथम वरियता दिया जाए। कंप्यूटर अनुदेशकों की नियुक्ति के समय की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट रही। नियम के तहत बीसीए, एमसीए, पीजीडीसीए, एमएससी आदि को ही सहायक अध्यापक पद के लिए सुनिश्चित किया जाए जो पहले निर्धारित था। इस मौके पर अष्टभुजा पाठक, नवीन सिंह, राजेश पटेल, करूणेश कुमार शुक्ला, उमेश चंद्र दूबे, कृष्ण मोहन चौधरी धनंजय निषाद आदि मौजूद रहे।
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