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Maharajganj News: संक्रामक रोग वार्ड में 31 बेड पर 41 मरीजों का हो रहा इलाज
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मरीजों की बढ़ती संख्या से वार्ड की व्यवस्थाओं पर बढ़ा दबाव
बुखार के 25, डायरिया के 10 और निमोनिया के चार मरीज शामिल
महराजगंज। जिला अस्पताल स्थित संक्रामक रोग वार्ड में रविवार को निर्धारित क्षमता से अधिक मरीज भर्ती मिले। वार्ड में कुल 31 बेड उपलब्ध हैं, जबकि यहां 41 मरीजों का इलाज चल रहा था। ऐसे में मरीजों की संख्या बढ़ने से वार्ड पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
रविवार को भर्ती मरीजों में सबसे अधिक संख्या बुखार से पीड़ित मरीजों की रही। वार्ड में बुखार के 25 मरीज भर्ती थे। इसके अलावा डायरिया से पीड़ित 10, निमोनिया के चार और अन्य बीमारियों से ग्रसित दो मरीजों का उपचार किया जा रहा था। निर्धारित 31 बेड के मुकाबले 10 मरीज अधिक होने के कारण वार्ड में व्यवस्थाओं पर भी दबाव नजर आया।
सीएमएस डॉ. एके दिवेदी का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और साफ-सफाई में लापरवाही से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को स्वच्छ पानी पीने, ताजा भोजन करने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप सभी मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
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एसी खराब, मरीजों की बढ़ी परेशानी
जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में एसी खराब होने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को वार्ड में लगा एसी बंद रहा। गर्मी के बीच मरीजों के साथ स्टाफ भी परेशान नजर आया। कुछ कर्मचारियों ने एसी को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल राहत नहीं मिल सकी।
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बुखार के 25, डायरिया के 10 और निमोनिया के चार मरीज शामिल
महराजगंज। जिला अस्पताल स्थित संक्रामक रोग वार्ड में रविवार को निर्धारित क्षमता से अधिक मरीज भर्ती मिले। वार्ड में कुल 31 बेड उपलब्ध हैं, जबकि यहां 41 मरीजों का इलाज चल रहा था। ऐसे में मरीजों की संख्या बढ़ने से वार्ड पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।
रविवार को भर्ती मरीजों में सबसे अधिक संख्या बुखार से पीड़ित मरीजों की रही। वार्ड में बुखार के 25 मरीज भर्ती थे। इसके अलावा डायरिया से पीड़ित 10, निमोनिया के चार और अन्य बीमारियों से ग्रसित दो मरीजों का उपचार किया जा रहा था। निर्धारित 31 बेड के मुकाबले 10 मरीज अधिक होने के कारण वार्ड में व्यवस्थाओं पर भी दबाव नजर आया।
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सीएमएस डॉ. एके दिवेदी का कहना है कि मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और साफ-सफाई में लापरवाही से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को स्वच्छ पानी पीने, ताजा भोजन करने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की जरूरत है। उपलब्ध संसाधनों के अनुरूप सभी मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
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एसी खराब, मरीजों की बढ़ी परेशानी
जिला अस्पताल के संक्रामक रोग वार्ड में एसी खराब होने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को वार्ड में लगा एसी बंद रहा। गर्मी के बीच मरीजों के साथ स्टाफ भी परेशान नजर आया। कुछ कर्मचारियों ने एसी को ठीक करने का प्रयास किया, लेकिन तत्काल राहत नहीं मिल सकी।