फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   37-year wait ends; CHC ready in Sohgibarwa.

Maharajganj News: खत्म हुआ 37 साल का इंतजार, सोहगीबरवा में सीएचसी तैयार

Fri, 31 Jul 2026 12:13 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
37-year wait ends; CHC ready in Sohgibarwa.
सोहगीबरवा में बनकर तैयार हुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र। 
एक महिला डॉक्टर की हुई तैनाती, 28 हजार की आबादी को मिलेगा लाभ
विज्ञापन

बारिश के दौरान नाव के सहारे अस्पताल जाते हैं मरीज

महराजगंज। आजादी के बाद से अब तक एक अस्पताल के लिए तरस रहे सोहगीबरवा को सीएचसी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। 2 अक्टूबर 1989 को महराजगंज जिला बना लेकिन जिले के सोहगीबरवा को अस्पताल नहीं मिला। जिला बनने के 37 साल बाद सोहगीबरवा को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिलने जा रहा है।
सोहगीबरवा केवल एक गांव नहीं बल्कि सोहगीबरवा, शिकारपुर और भोतहा गांव समेत नेपाल व बिहार सीमा से जुड़े दर्जनों गांवों का प्रमुख केंद्र है। इन गांवों के हजारों ग्रामीण वर्षों से इलाज के लिए पड़ोसी देश नेपाल और बिहार के बगहा पर निर्भर रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी बाढ़ के मौसम में होती है।
विज्ञापन

चारों ओर पानी भर जाने से शिकारपुर से बिहार सीमा तक बहने वाले रोहुआ नाले को नाव के सहारे पार करना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाती है। कई बार मरीजों को घंटों तक नाव का इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज नहीं मिल पाता और जान का खतरा बढ़ जाता है। जिम्मेदारों ने उम्मीद जताई है कि अगस्त के अंत तक सीएचसी का संचालन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5.86 करोड़ की लागत से बना सीएचसी का भवन
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से सोहगीबरवा में करीब 5.86 करोड़ रुपये की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। भवन तैयार होने के साथ ही अस्पताल के संचालन की तैयारियां भी अंतिम चरण में हैं। आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की खरीदारी कर ली गई है । यहां पर एक महिला चिकित्सक की तैनाती भी कर दी गई है। अब केवल इस सीएचसी के उद्धाटन का इंतजार है।

70 किमी दूर है सदर अस्पताल

सोहगीबरवा क्षेत्र लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। यहां प्रसव, दुर्घटना या अन्य गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को तत्काल करीब 70 किमी दूर स्थित सदर अस्पताल ले जाना पड़ता था। दूरी अधिक होने और सड़क मार्ग बेहतर न होने के कारण कई बार मरीजों की हालत रास्ते में ही बिगड़ जाती थी और उनकी जान पर बन आती थी। सीएचसी शुरू होने के बाद लोगों को अपने ही क्षेत्र में इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

वर्जन
सीएचसी भवन पूरी तरह तैयार है। आवश्यक उपकरणों की खरीद हो चुकी है और एक डॉक्टर की तैनाती भी कर दी गई है। शेष मानव संसाधन उपलब्ध होते ही अगस्त माह के अंत तक अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी महाराजगंज
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article