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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,245 वाद निस्तारित
Sun, 10 Mar 2019 12:36 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 10 Mar 2019 12:36 AM IST
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राष्ट्रीय लोक अदालत में 2,245 वाद निस्तारित
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। स्थानीय दीवानी न्यायालय के अलावा सभी तहसीलों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जनपद न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने फीता काटकर राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया। इसमें 2245 वादों का निस्तारण हुआ। जनपद न्यायाधीश अमरनाथ सिंह ने पांच सिविल, दो फौजदारी वादों का निस्तारण कराया। इसमें 1000 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। चार मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों का निस्तारण कर 12,75,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेन्द्र बहादुर प्रसाद ने 30 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। इसमें 13 परिवार एक साथ जीवन व्यतीत करने को राजी हुए। अपर जिला जज प्रथम विश्वंभर प्रसाद ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के आठ वादों का निस्तारण किया। इसमें 28,50,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। इसके अलावा फौजदारी के 65 और सिविल के नौ वादों का भी निस्तारण किया गया। इसमें 13,63,161 रुपये का अर्थदंड वसूल किए गए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम ललित नारायण झा ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के छह वादों का निस्तारण किया और 23,75,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यपाल सिंह प्रेमी ने 174 फौजदारी वादों का निस्तारण किया और 18,790 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सिविल जज वरिष्ठ खंड अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शीलवन्त ने फौजदारी के 24 वादों का निस्तारण किया और 920 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सिविल जज अवर खंड फरेंदा गौरव प्रकाश ने फौजदारी के 33 वादों का निस्तारण किया। इस दौरान 1,380 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम किशोर ने 120 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों द्वारा 759 लंबित वादों तथा 197 प्री लिटिगेशन का निस्तारण किया गया। इस दौरान 10,140 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सभी बैंकों के ऋण वसूली के कुल 481 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 236 भारतीय स्टेट बैंक, 124 पूर्वांचल बैंक, 16 इलाहाबाद बैंक, 38 पंजाब नेशनल बैंक, चार बैंक आफ बड़ौदा, एक बैंक आफ इंडिया, दो यूनियन बैंक, एक इंडियन बैंक, चार सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, 55 दूर संचार विभाग के मामले शामिल हैं। कुल 68,11,104 रुपये बैंकों द्वारा नकद वसूल किए गए। साथ ही 1,88,07,988 रुपये ऋण का समायोजन किया गया।
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प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेन्द्र बहादुर प्रसाद ने 30 वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। इसमें 13 परिवार एक साथ जीवन व्यतीत करने को राजी हुए। अपर जिला जज प्रथम विश्वंभर प्रसाद ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के आठ वादों का निस्तारण किया। इसमें 28,50,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। इसके अलावा फौजदारी के 65 और सिविल के नौ वादों का भी निस्तारण किया गया। इसमें 13,63,161 रुपये का अर्थदंड वसूल किए गए। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम ललित नारायण झा ने मोटर दुर्घटना प्रतिकर के छह वादों का निस्तारण किया और 23,75,000 रुपये प्रतिकर के रूप में वसूल किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्यपाल सिंह प्रेमी ने 174 फौजदारी वादों का निस्तारण किया और 18,790 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सिविल जज वरिष्ठ खंड अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शीलवन्त ने फौजदारी के 24 वादों का निस्तारण किया और 920 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सिविल जज अवर खंड फरेंदा गौरव प्रकाश ने फौजदारी के 33 वादों का निस्तारण किया। इस दौरान 1,380 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राम किशोर ने 120 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों द्वारा 759 लंबित वादों तथा 197 प्री लिटिगेशन का निस्तारण किया गया। इस दौरान 10,140 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। सभी बैंकों के ऋण वसूली के कुल 481 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें 236 भारतीय स्टेट बैंक, 124 पूर्वांचल बैंक, 16 इलाहाबाद बैंक, 38 पंजाब नेशनल बैंक, चार बैंक आफ बड़ौदा, एक बैंक आफ इंडिया, दो यूनियन बैंक, एक इंडियन बैंक, चार सेंट्रल बैंक आफ इंडिया, 55 दूर संचार विभाग के मामले शामिल हैं। कुल 68,11,104 रुपये बैंकों द्वारा नकद वसूल किए गए। साथ ही 1,88,07,988 रुपये ऋण का समायोजन किया गया।
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