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रुक-रुक कर हुई बारिश, गेहूं की फसल को फायदा
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रुक-रुक कर हुई बारिश, गेहूं की फसल को फायदा
मौसम में नमी की वजह से गलन बढ़ी, तापमान में भी गिरावट
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। मंगलवार की रात से रुक-रुक कर हुई बारिश से ठंडक बढ़ गई है। यह बरसात गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है लेकिन तेज हवा के कारण सरसों की फसल जमीन गिर गई। उधर, आलू की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस समय सरसों और आलू दोनों ही फसलें कच्ची हैं। सरसों की फसल जमीन पर गिर जाने से उसके गलने की आशंका जताई जाने लगी है, वहीं आलू के खेत में पानी अधिक देर रुकने से आलू की फसल भी खराब होनी शुरू हो सकती है। बारिश के कारण सब्जी की नर्सरी का कार्य करने वाले किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, बरसात के कारण बुधवार को न्यूनतम तापमान 8 एवं अधिकतम तापमन 21 डिग्री सेल्सियस हो गया।
जिले में 4 मिमी बरसात हुई है। रात में तेज गरज चमक के साथ बारिश शुरू हुई तो सुबह तक रुक-रुक कर होती रही। यह क्रम बुधवार को दिन भर चलता रहा। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। जिले में एक लाख 47 हजार 904 हेक्टेयर गेहूं की बुआई हुई है। रबी की फसलें एक लाख 73 हजार 754 हेक्टेयर में बोई गई हैं जिनमें 25 हेक्टेयर में जौ, 7400 हेक्टेयर में तोरिया, 5 हेक्टेयर में चना, 1875 हेक्टेयर में मटर, 12647 हेक्टेयर मसूर की बुआई की गई है। मौसम में नमी की वजह से गलन बढ़ गई है।
सब्जी की नर्सरी का कार्य करने वाले सत्येंद्र मौर्य का कहना है कि इस समय उन्होंने टमाटर, हरी मिर्च, बैगन व प्याज की नर्सरी तैयार कर रखी है। अगर बारिश अधिक हुई है तो नर्सरी गलनी शुरू हो जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी रवि मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस बारिश से सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल को होने वाला है। गेहूं का पौधा इस प्राकृतिक सिंचाई के बाद तेजी से बढ़ेगा और उसकी बालियां भी हरी-भरी और ठीकठाक होंगी। गेहूं की फसल की बरसाती जल से हुई सिंचाई उसकी पैदावार को 20 से 30 प्रतिशत बढ़ा सकती है। बारिश के कारण करीब एक सप्ताह तक तापमान गेहूं की फसल के पक्ष में बने रहने की संभावना है।
मौसम वैैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने बताया कि आने वाले दो दिन में बारिश होने की संभावना है। तेज हवा व गरज चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की उम्मीद है।
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मौसम में नमी की वजह से गलन बढ़ी, तापमान में भी गिरावट
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। मंगलवार की रात से रुक-रुक कर हुई बारिश से ठंडक बढ़ गई है। यह बरसात गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है लेकिन तेज हवा के कारण सरसों की फसल जमीन गिर गई। उधर, आलू की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इस समय सरसों और आलू दोनों ही फसलें कच्ची हैं। सरसों की फसल जमीन पर गिर जाने से उसके गलने की आशंका जताई जाने लगी है, वहीं आलू के खेत में पानी अधिक देर रुकने से आलू की फसल भी खराब होनी शुरू हो सकती है। बारिश के कारण सब्जी की नर्सरी का कार्य करने वाले किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उधर, बरसात के कारण बुधवार को न्यूनतम तापमान 8 एवं अधिकतम तापमन 21 डिग्री सेल्सियस हो गया।
जिले में 4 मिमी बरसात हुई है। रात में तेज गरज चमक के साथ बारिश शुरू हुई तो सुबह तक रुक-रुक कर होती रही। यह क्रम बुधवार को दिन भर चलता रहा। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है। जिले में एक लाख 47 हजार 904 हेक्टेयर गेहूं की बुआई हुई है। रबी की फसलें एक लाख 73 हजार 754 हेक्टेयर में बोई गई हैं जिनमें 25 हेक्टेयर में जौ, 7400 हेक्टेयर में तोरिया, 5 हेक्टेयर में चना, 1875 हेक्टेयर में मटर, 12647 हेक्टेयर मसूर की बुआई की गई है। मौसम में नमी की वजह से गलन बढ़ गई है।
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सब्जी की नर्सरी का कार्य करने वाले सत्येंद्र मौर्य का कहना है कि इस समय उन्होंने टमाटर, हरी मिर्च, बैगन व प्याज की नर्सरी तैयार कर रखी है। अगर बारिश अधिक हुई है तो नर्सरी गलनी शुरू हो जाएगी।
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जिला कृषि अधिकारी रवि मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस बारिश से सबसे ज्यादा फायदा गेहूं की फसल को होने वाला है। गेहूं का पौधा इस प्राकृतिक सिंचाई के बाद तेजी से बढ़ेगा और उसकी बालियां भी हरी-भरी और ठीकठाक होंगी। गेहूं की फसल की बरसाती जल से हुई सिंचाई उसकी पैदावार को 20 से 30 प्रतिशत बढ़ा सकती है। बारिश के कारण करीब एक सप्ताह तक तापमान गेहूं की फसल के पक्ष में बने रहने की संभावना है।
मौसम वैैज्ञानिक कैलाश पांडेय ने बताया कि आने वाले दो दिन में बारिश होने की संभावना है। तेज हवा व गरज चमक के साथ रुक-रुक कर बारिश होने की उम्मीद है।