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Maharajganj: किसानों का 18.91 करोड़ रुपये दबाए बैठी है जेएचवी चीनी मिल, भुगतान का अभी भी इंतजार
Mon, 22 Aug 2022 11:41 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
संवाद न्यूज एजेंसी, महराजगंज।
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 11:41 AM IST
सार
मिश्रवलिया निवासी किसान इजहार ने कहा कि जेएचवी चीनी मिल का भुगतान नहीं हो रहा है। शुगर मिल पर करीब साढ़े चार लाख रुपये का बकाया है। बकाया नहीं मिलने पर कर्ज लेकर धान की रोपाई करनी पड़ी है।
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निचलौल क्षेत्र के गडौरा में लगी जेएचवी चीनी मिल।संवाद
- फोटो : MAHARAJGANJ
विस्तार
सरकार ने भले ही चीनी मिलों को 14 दिन के अंदर गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए आदेश दिया हो, लेकिन क्षेत्र के जेएचवी शुगर मिल के जिम्मेदार बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान पर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं। यही कारण है कि जेएचवी शुगर मिल पेराई सत्र 2017-18 से लेकर 2021-22 तक 1742 गन्ना किसानों का 18 करोड़ 91 लाख 16 हजार रुपये दबाए बैठी है। इतना ही नहीं 99 लाख 16 हजार रुपये श्रमिकों का अंशदान भी बकाया है। इससे किसान परेशान हैं। अब उन्हें जरूरतें पूरा करने के लिए कर्ज लेना पड़ रहा है।
मिश्रवलिया निवासी किसान इजहार ने कहा कि जेएचवी चीनी मिल का भुगतान नहीं हो रहा है। शुगर मिल पर करीब साढ़े चार लाख रुपये का बकाया है। बकाया नहीं मिलने पर कर्ज लेकर धान की रोपाई करनी पड़ी है। बजही गांव निवासी किसान विनोद यादव ने कहा कि जेएचवी शुगर मील पर तीन लाख 75 हजार रुपये का बकाया है। अगर अन्य चीनी मिलें समय से भुगतान कर सकती हैं, तो जेएचवी चीनी मिल क्यों नहीं कर पाती।
अहिरौली निवासी विपिन सिंह ने कहा कि गन्ने की खरीद कर 14 दिनों के अंदर भुगतान करने का आदेश है, लेकिन मिल अधिकारियों की उदासीनता के चलते उनका जेएचवी शुगर मिल पर करीब ढाई लाख रुपया का बकाया है। बहुआर कला निवासी किसान नरेंद्र पटेल ने कहा कि जेएचवी चीनी मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर पा रही है। किसानों की बड़ी धनराशि मिल पर बकाया है।
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जेएचवी मिल को बकाया मूल्य भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उसके बाद भी बकाया भुगतान में तेजी नहीं आ सकी है। मिल अधिकारियों ने किसानों को जल्द भुगतान कराने की बात कही है। ऐसा नहीं होने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ओम प्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
जेएचवी शुगर मिल से किसान हो रहे निराश
सिसवा गन्ना समिति के सचिव वीएन पांडेय ने कहा कि गन्ना किसानों ने जेएचवी शुगर मिल पर पेराई सत्र 2017-18 में 27.43 लाख क्विंटल गन्ना बेचा था। वहीं गन्ना मूल्य भुगतान न होने के चलते पेराई सत्र 2018-19 और 2019-20 मिल बंद रही। जबकि पेराई सत्र 2020-21 में जेएचवी चीनी मिल चालू हुई तो गन्ना किसानों ने 4.21 लाख क्विंटल गन्ना बेचा। हालांकि, सत्र 2021-22 में गन्ना किसानों ने जेएचवी शुगर मिल को महज 2.14 लाख क्विंटल गन्ना बेचा। मिल पर इस सत्र में 1295 किसानों का 7 करोड़ 47 लाख 59 हजार बकाया है। वही जेएचवी शुगर मिल पर कुल 1742 किसानों का 18 करोड़ 91 लाख 16 हजार रुपये बकाया है। जबकि श्रमिकों का 99 लाख 16 हजार अंशदान बकाया है।
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मिश्रवलिया निवासी किसान इजहार ने कहा कि जेएचवी चीनी मिल का भुगतान नहीं हो रहा है। शुगर मिल पर करीब साढ़े चार लाख रुपये का बकाया है। बकाया नहीं मिलने पर कर्ज लेकर धान की रोपाई करनी पड़ी है। बजही गांव निवासी किसान विनोद यादव ने कहा कि जेएचवी शुगर मील पर तीन लाख 75 हजार रुपये का बकाया है। अगर अन्य चीनी मिलें समय से भुगतान कर सकती हैं, तो जेएचवी चीनी मिल क्यों नहीं कर पाती।
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अहिरौली निवासी विपिन सिंह ने कहा कि गन्ने की खरीद कर 14 दिनों के अंदर भुगतान करने का आदेश है, लेकिन मिल अधिकारियों की उदासीनता के चलते उनका जेएचवी शुगर मिल पर करीब ढाई लाख रुपया का बकाया है। बहुआर कला निवासी किसान नरेंद्र पटेल ने कहा कि जेएचवी चीनी मिल गन्ने का भुगतान नहीं कर पा रही है। किसानों की बड़ी धनराशि मिल पर बकाया है।
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जेएचवी मिल को बकाया मूल्य भुगतान करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। उसके बाद भी बकाया भुगतान में तेजी नहीं आ सकी है। मिल अधिकारियों ने किसानों को जल्द भुगतान कराने की बात कही है। ऐसा नहीं होने पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
ओम प्रकाश सिंह, जिला गन्ना अधिकारी
जेएचवी शुगर मिल से किसान हो रहे निराश
सिसवा गन्ना समिति के सचिव वीएन पांडेय ने कहा कि गन्ना किसानों ने जेएचवी शुगर मिल पर पेराई सत्र 2017-18 में 27.43 लाख क्विंटल गन्ना बेचा था। वहीं गन्ना मूल्य भुगतान न होने के चलते पेराई सत्र 2018-19 और 2019-20 मिल बंद रही। जबकि पेराई सत्र 2020-21 में जेएचवी चीनी मिल चालू हुई तो गन्ना किसानों ने 4.21 लाख क्विंटल गन्ना बेचा। हालांकि, सत्र 2021-22 में गन्ना किसानों ने जेएचवी शुगर मिल को महज 2.14 लाख क्विंटल गन्ना बेचा। मिल पर इस सत्र में 1295 किसानों का 7 करोड़ 47 लाख 59 हजार बकाया है। वही जेएचवी शुगर मिल पर कुल 1742 किसानों का 18 करोड़ 91 लाख 16 हजार रुपये बकाया है। जबकि श्रमिकों का 99 लाख 16 हजार अंशदान बकाया है।