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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया जिला कारागार का निरीक्षण
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:35 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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महराजगंज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव शीलवंत ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके सिंह, डिप्टी जेलर पीके सिंह व नयक कमल सिंह उपस्थित मिले। अधीक्षक ने जिला कारागर के बंदियों से संबंधित विवरणी प्रस्तुत की, जिसके अनुसार जिला कारागार में कुल 884 बंदी कारागार में है, जिसमें महिला बंदी 98 और अल्पसंख्यक 360 बंदी व अन्य 750 बंदी है।
निरीक्षण के समय उन्होंने बंदियों से खान पान से संबंधित जानकारी ली। बंदियो द्वारा बताया गया कि सुबह नाश्ते में गुड़, चाय, दलिया व दोपहर के समय भोजन मिलता है। उन्होंने जिला कारागार में बंदियों से समस्याओं बारे में पूछताछ की। महिला बंदी तहरून निशा ने बताया कि उसके हाथ में दर्द और एक हाथ उठ नहीं रहा है। जिस पर सचिव ने निर्देष दिया कि वह महिला बंदी का हाथ किसी हड्डी के डॉक्टर से दिखवाएं और जाने की व्यवस्था करवाएं। सचिव द्वारा बंदी को नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त किए जाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के कार्यों एवं उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस भी बंदी को अधिवक्ता रखने में किसी प्रकार की परेशानी हो तो वह जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपना प्रार्थना पत्र भेंजे, जिससे विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नि:शुक्ल अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर विधिक जानकारी से संबंधित पंपलेट वितरित किया गया।
निरीक्षण के समय उन्होंने बंदियों से खान पान से संबंधित जानकारी ली। बंदियो द्वारा बताया गया कि सुबह नाश्ते में गुड़, चाय, दलिया व दोपहर के समय भोजन मिलता है। उन्होंने जिला कारागार में बंदियों से समस्याओं बारे में पूछताछ की। महिला बंदी तहरून निशा ने बताया कि उसके हाथ में दर्द और एक हाथ उठ नहीं रहा है। जिस पर सचिव ने निर्देष दिया कि वह महिला बंदी का हाथ किसी हड्डी के डॉक्टर से दिखवाएं और जाने की व्यवस्था करवाएं। सचिव द्वारा बंदी को नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त किए जाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण के कार्यों एवं उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस भी बंदी को अधिवक्ता रखने में किसी प्रकार की परेशानी हो तो वह जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अपना प्रार्थना पत्र भेंजे, जिससे विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नि:शुक्ल अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इस मौके पर विधिक जानकारी से संबंधित पंपलेट वितरित किया गया।
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