{"_id":"5b80520142c792463c050355","slug":"161535136257-maharajganj-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही पर डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही पर डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टी
Updated Sat, 25 Aug 2018 12:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लापरवाही पर डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि
फोटो
स्वच्छता मिशन में मातहतों पर कार्रवाई नहीं करने का है आरोप
स्वच्छता कार्यों के भुगतान की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। डीएम अमर नाथ उपाध्याय की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रट सभागार में हुई। स्वच्छता मिशन में ग्राम पंचायत अधिकारियों के रूचि न लेने की सूचना पर जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से कार्रवाई नहीं करने पर डीएम ने डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायत अधिकारी पनियरा आशुतोष कुमार आर्य, मिठौरा के विकाऊ प्रसाद, बृजमनगंज के गिरीश राठौर के स्वच्छता मिशन कार्य में रूचि न लेने की शिकायत डीपीआरओ को मिली थी, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीडीओ को डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में जेई-एईएस प्रभावित 82 गांव हैं। संबंधित गांव में 27 से 31 अगस्त तक ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी, एएनएम, रोजगार सेवक व अन्य सरकारी कर्मचारी और गांव के लोगों के साथ बैठक कर जेई-एईएस से बचाव के बारे में जानकारी दें। इस दौरान गांव में स्वच्छता से जुडे़ नुक्कड नाटक, स्वच्छता रथ, स्वच्छता मेला का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने एडीओ पंचायत को इसके लिए लाडस्पीकर व जरूरी यंत्र के क्रय करने और प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। पूर्व में स्वच्छता के लिए कराए गए कार्यों के भुगतान की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। इसमें डीसी मनरेगा उपेंद्र प्रसाद पाल, जिला पंचायत के वित्त लेखाधिकारी, एसडीएम, बीडीओ, एडीओ पंचायत सदस्य होंगे। उन्होंने गहन जांच के बाद भुगतान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सितंबर के अंत तक जिले को खुले में शौच मुक्त करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ राम सिंहासन प्रेम, डीपीआरओ आरएन यादव, बीएसए जगदीश शुक्ला, जिला स्वच्छता समन्वयक एके उपाध्याय मौजूद रहे।
विज्ञापन
फोटो
स्वच्छता मिशन में मातहतों पर कार्रवाई नहीं करने का है आरोप
स्वच्छता कार्यों के भुगतान की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। डीएम अमर नाथ उपाध्याय की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रट सभागार में हुई। स्वच्छता मिशन में ग्राम पंचायत अधिकारियों के रूचि न लेने की सूचना पर जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से कार्रवाई नहीं करने पर डीएम ने डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया है।
उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ग्राम पंचायत अधिकारी पनियरा आशुतोष कुमार आर्य, मिठौरा के विकाऊ प्रसाद, बृजमनगंज के गिरीश राठौर के स्वच्छता मिशन कार्य में रूचि न लेने की शिकायत डीपीआरओ को मिली थी, लेकिन उनकी ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए सीडीओ को डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में जेई-एईएस प्रभावित 82 गांव हैं। संबंधित गांव में 27 से 31 अगस्त तक ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी, एएनएम, रोजगार सेवक व अन्य सरकारी कर्मचारी और गांव के लोगों के साथ बैठक कर जेई-एईएस से बचाव के बारे में जानकारी दें। इस दौरान गांव में स्वच्छता से जुडे़ नुक्कड नाटक, स्वच्छता रथ, स्वच्छता मेला का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने एडीओ पंचायत को इसके लिए लाडस्पीकर व जरूरी यंत्र के क्रय करने और प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। पूर्व में स्वच्छता के लिए कराए गए कार्यों के भुगतान की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई। इसमें डीसी मनरेगा उपेंद्र प्रसाद पाल, जिला पंचायत के वित्त लेखाधिकारी, एसडीएम, बीडीओ, एडीओ पंचायत सदस्य होंगे। उन्होंने गहन जांच के बाद भुगतान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सितंबर के अंत तक जिले को खुले में शौच मुक्त करने का निर्देश दिया। बैठक में सीडीओ राम सिंहासन प्रेम, डीपीआरओ आरएन यादव, बीएसए जगदीश शुक्ला, जिला स्वच्छता समन्वयक एके उपाध्याय मौजूद रहे।
विज्ञापन