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फरेंदा क्षेत्र के बांध जर्जर, दहशत में हैं ग्रामीण

Thu, 06 Jul 2017 12:15 AM IST
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:15 AM IST
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फरेंदा क्षेत्र के बांध जर्जर, दहशत में हैं ग्रामीण
फरेंदा। मानसून आ गया। झमाझम बारिश भी शुरू हो गई लेकिन, मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूरी से बेलसड़-रिगौली बांध के किनारे बसे लोगों के चेहरे पर हवाइयां उड़ रही है। नदियों के बढ़ते जलस्तर से लोग परेशान हो रहे हैं। विभागीय उदासीनता के कारण नदियों के किनारे बसे गांवों में संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बांध में बने बड़े-बडे़ होल से लोग चिंतित हैं कि बाढ़ आई तो पूरा गांव ही बह जाएगा। दूसरी और जिम्मेदार लोगों को जर्जर बांधों की तनिक भी चिंता नहीं है। फरेंदा क्षेत्र का राप्ती नदी बेलसड़-रिगौली बांध के सटे गांव बेलसड़, झुगंही, चौका, घींवपीढ़, धानी गांव, धानी बाजार व बरगदवां, महदेवा, झांगपार, कोयलाडाड, वनहैता सहित कई गांव बसे हैं। वनदेइया बांध के किनारे पुरंदपुर, केवटलिया, हथिगढ़वा, बेलौहा, नगवां, कमनहां, राजपुर जिगिनहा, लेहड़ा-नगवा बांध व त्रिमुहानी बांध के किनारे बसे गांव के लोग खौफजदा हैं। बंधे के दोनों तरफ जगह-जगह रेन कट और रैट होल बंधे की जर्जरता की कहानी बता रहे हैं। साथ ही विभागीय कमजोरी भी दर्शा रहे हैं। बंधे के किनारे बसे लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के साथ विभागीय अधिकारियों को भी तबाही के मंजर का इंतजार है। फरेंदा क्षेत्र में 1998 व 2002 में आई भीषण बाढ़ से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई थी। असंख्य आशियाने उजड़ गए थे। लोग गांव को छोड़ शहर में बने कैंप में रात गुजारनी पड़ी थी। ग्रामीण यह सोच कर परेशान हैं कि विगत वर्षों की भांति अगर बाढ़ आई तो भीषण तबाही होगी।
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1- बांधों के किनारे पत्थर लगाना जरूरी है
वंशी सहानी ने बताया कि बेलसड़-रिगौली बांध जर्जर स्थिति में है। मरम्मत के नाम पर खानापूरी की जाती है। अगर बांध के अगल-बगल पत्थर लग जाए तो बाढ़ से निजात मिल सकती है। किसी भी प्रकार से गांवों पर संकट नहीं आएगा।
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बाढ़ की समस्या बनी है--
धानी क्षेत्र के राहुल शर्मा ने बताया कि प्रति वर्ष बांधों की मरम्मत हो तो बाढ़ से बचाव हो सकता है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण बांध के किनारे बसे लोगों की मुसीबत कम नहीं हो रही है।
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बाढ़ आयी तो बह जायेगे कई गांव
मुरली मद्धेशिया ने बताया कि क्षेत्र के बांधो की हालत चिंताजनक है। कई वर्ष हो गये बाढ़ नहीं आई इसलिए विभागीय लोगों की लापरवाही दबी रह जाती है। अगर बाढ़ आई तो फरेंदा क्षेत्र के कई गांव बह जाएंगे।
रैन कट व रैट होल भी नहीं भरे गए
धानी गांव के रामप्रीत ने बताया कि बांधो में बने रैट होल व रैन कट से बांध की हालत नाजुक हो गई है। विभाग बांध में बने गड्ढे भी नहीं भरे तो बांध की मरम्मत क्या कराएंगे। ऐसे में इस वर्ष मानसून अच्छा होने से बारिश भी अच्छा होगा। बाढ़ की आशंका तो बनी ही है।


बंधों की मरम्मत को लेकर विभाग गंभीर है। जहां कहीं भी बंधे ठीक हालत में नहीं है। वहां शीघ्र मरम्मत कराई जाएगी। बाढ़ पूर्व बांधों की सुरक्षा लेकर विभाग की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
धर्मेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड दो
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