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कहीं डॉक्टर का इंतजार तो कहीं व्यवस्था बदहाल
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कहीं डॉक्टर का इंतजार तो कहीं व्यवस्था बदहाल
फोटो:-
जिले में नहीं मिल रही बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के दावे फेल हो चुके हैं। न्यू पीएचसी और सीएचसी पर लोगों का बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। जिले में 14 सीएचसी और 40 न्यू पीएचसी हैं। ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में कहीं डॉक्टरों का इंतजार करते लोग मिले तो कहीं व्यवस्था बदहाल। इलाज में होने वाली दुश्वारियां उभर कर सामने आईं।
पीएचसी घुघली में सुबह 8:30 बजे मरीज डॉक्टर का इंतजार रहे थे। पकड़ी विशुनपुर की शीला ने बताया कि गर्मी के वजह से पहले आई थी कि जल्द नंबर आ जाएगा, लेकिन डॉक्टर को दिखाने में काफी वक्त लग गया। डॉक्टर मोबाइल से बात करने में व्यस्त रहे। पैथोलॉजी में प्रयोगशाला सहायक मौजूद रहे। एक कमरे में स्वास्थ्य कर्मी बीपी मशीन को ठीक रहा था। करीब 9:47 बजे मरीजों को देखना डॉक्टर ने शुरू किया। शेषपुर की देवी और जोगिया की शांति अस्पताल में भर्ती मिलीं। लोगों ने कहा कि समय पर आने का कोई मतलब नहीं है। सीएचसी जगदौर में सुबह 9:55 बजे शिखा, फेंकू, माधुरी, कविता, राजेश इलाज करने आए थे। यहां डॉक्टर इलाज कर रहे थे। पैथोलॉजी में 12 मरीजों ने जांच कराया था। पर्ची काउंटर पर लोग कतार में खड़े रहे। फार्मासिस्ट विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अस्पताल समय से खुलता है। होम्योपैथ अनुभाग में डॉ. एसके शर्मा मरीजों को दवा दे रहे थे। न्यू पीएचसी कोहडवल कोहड़वल में बदहाली का आलम दिखा। बेड पर अखबार और गिलास पड़ा था। कमरे में सफाई नहीं थी। बरामदे में मरीज बैठकर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। ज्ञानमति निवासी औराटार, लालबहादुर निवासी सिंहपुर ने बताया कि सुबह ही अस्पताल आ गए, लेकिन डॉक्टर नहीं आए।
‘सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी’
एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी है। जहां कहीं समस्या है, उसे दूर किया जाएगा। सभी चिकित्सकों को निर्देश है कि समय से अस्पताल पहुंचकर लोगों का इलाज करें। अगर कहीं दायित्व निवर्हन में लापरवाही की बात सामने आई तो जांच के बाद कार्रवाई होगी। दवाएं पर्याप्त उपलब्ध है।
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जिले में नहीं मिल रही बेहतर सरकारी स्वास्थ्य सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के दावे फेल हो चुके हैं। न्यू पीएचसी और सीएचसी पर लोगों का बेहतर इलाज नहीं हो पा रहा है। जिले में 14 सीएचसी और 40 न्यू पीएचसी हैं। ‘अमर उजाला’ की पड़ताल में कहीं डॉक्टरों का इंतजार करते लोग मिले तो कहीं व्यवस्था बदहाल। इलाज में होने वाली दुश्वारियां उभर कर सामने आईं।
पीएचसी घुघली में सुबह 8:30 बजे मरीज डॉक्टर का इंतजार रहे थे। पकड़ी विशुनपुर की शीला ने बताया कि गर्मी के वजह से पहले आई थी कि जल्द नंबर आ जाएगा, लेकिन डॉक्टर को दिखाने में काफी वक्त लग गया। डॉक्टर मोबाइल से बात करने में व्यस्त रहे। पैथोलॉजी में प्रयोगशाला सहायक मौजूद रहे। एक कमरे में स्वास्थ्य कर्मी बीपी मशीन को ठीक रहा था। करीब 9:47 बजे मरीजों को देखना डॉक्टर ने शुरू किया। शेषपुर की देवी और जोगिया की शांति अस्पताल में भर्ती मिलीं। लोगों ने कहा कि समय पर आने का कोई मतलब नहीं है। सीएचसी जगदौर में सुबह 9:55 बजे शिखा, फेंकू, माधुरी, कविता, राजेश इलाज करने आए थे। यहां डॉक्टर इलाज कर रहे थे। पैथोलॉजी में 12 मरीजों ने जांच कराया था। पर्ची काउंटर पर लोग कतार में खड़े रहे। फार्मासिस्ट विजय प्रताप सिंह ने बताया कि अस्पताल समय से खुलता है। होम्योपैथ अनुभाग में डॉ. एसके शर्मा मरीजों को दवा दे रहे थे। न्यू पीएचसी कोहडवल कोहड़वल में बदहाली का आलम दिखा। बेड पर अखबार और गिलास पड़ा था। कमरे में सफाई नहीं थी। बरामदे में मरीज बैठकर डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। ज्ञानमति निवासी औराटार, लालबहादुर निवासी सिंहपुर ने बताया कि सुबह ही अस्पताल आ गए, लेकिन डॉक्टर नहीं आए।
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‘सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी’
एसीएमओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास जारी है। जहां कहीं समस्या है, उसे दूर किया जाएगा। सभी चिकित्सकों को निर्देश है कि समय से अस्पताल पहुंचकर लोगों का इलाज करें। अगर कहीं दायित्व निवर्हन में लापरवाही की बात सामने आई तो जांच के बाद कार्रवाई होगी। दवाएं पर्याप्त उपलब्ध है।
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