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किताबों की ढुलाई के लिए पढ़ाई छोड़ बीआरसी पहुंचे छात्र
Updated Sun, 09 Sep 2018 12:33 AM IST
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किताबों की ढुलाई के लिए पढ़ाई छोड़ बीआरसी पहुंचे छात्र
निचलौल। शिक्षकों को बीआरसी परिसर में सितंबर माह में पहुंची किताबों को विद्यालयों में पहुंचाने के लिए कहा गया था। इस बीच शनिवार को किताबों को ढोने के लिए शिक्षकों के निर्देश पर विद्यालय में पढ़ाई छोड़कर छात्र बीआरसी पहुंच गए। ब्लॉक परिसर में मौजूद कृष्ण मणि पटेल, विद्या शंकर पांडेय, पंकज पांडेय, अविनाश, दीनानाथ, अनिल यादव आदि का आरोप था कि खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से स्कूलों तक किताबें पहुंचाने का कोई प्रबंध नहीं किया गया। छात्रों से किताबें ढुलवाई जा रही हैं।
गांव भेड़ियारी के औरहवां टोला पूर्व माध्यमिक विद्यालय से बीआरसी पर किताब लेने आए गुड्डू राजभर, संतोष, कुंदन, रामविलास, जयराम आदि छात्रों का कहना था कि पढ़ाई करनी है तो किताब स्कूल तक ले जाना ही पडे़गा। खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि किताबें अपने भाड़े से विद्यालयों तक ले जाएं। अगर बच्चों से किताबें ढुलवाई जा रही हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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निचलौल। शिक्षकों को बीआरसी परिसर में सितंबर माह में पहुंची किताबों को विद्यालयों में पहुंचाने के लिए कहा गया था। इस बीच शनिवार को किताबों को ढोने के लिए शिक्षकों के निर्देश पर विद्यालय में पढ़ाई छोड़कर छात्र बीआरसी पहुंच गए। ब्लॉक परिसर में मौजूद कृष्ण मणि पटेल, विद्या शंकर पांडेय, पंकज पांडेय, अविनाश, दीनानाथ, अनिल यादव आदि का आरोप था कि खंड शिक्षा अधिकारी स्तर से स्कूलों तक किताबें पहुंचाने का कोई प्रबंध नहीं किया गया। छात्रों से किताबें ढुलवाई जा रही हैं।
गांव भेड़ियारी के औरहवां टोला पूर्व माध्यमिक विद्यालय से बीआरसी पर किताब लेने आए गुड्डू राजभर, संतोष, कुंदन, रामविलास, जयराम आदि छात्रों का कहना था कि पढ़ाई करनी है तो किताब स्कूल तक ले जाना ही पडे़गा। खंड शिक्षा अधिकारी अरविंद कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि किताबें अपने भाड़े से विद्यालयों तक ले जाएं। अगर बच्चों से किताबें ढुलवाई जा रही हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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