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Maharajganj News: नौकरी के नाम पर 1.5 लाख ठगे
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महराजगंज। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ताजा मामला कोतवाली सदर थाना क्षेत्र का है, जहां एक व्यक्ति ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया है कि एक दंपती ने उसे रूस में कारपेंटर की नौकरी का झांसा देकर एक लाख 50 हजार रुपये ठग लिए और उसका पासपोर्ट भी वापस नहीं किया। पीड़ित ने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उसे अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। पीड़ित दीनानाथ वर्मा उर्फ दीनानाथ (43), निवासी सिंहपुर, थाना कोतवाली सदर ने अपनी याचिका में बताया कि उसने 2015 में विदेश जाने के लिए पासपोर्ट बनवाया, जिसकी वैधता 14 मई 2015 से शुरू हुई। 19 फरवरी 2024 को आरोपी राकेश कुमार (35), और उसकी पत्नी सीमा देवी (30), निवासी बरई पट्टी, टोला बरवा राजा, थाना कोतवाली सदर, उसके घर आए। दोनों ने खुद को विदेश में वीजा और नौकरी दिलाने वाले एजेंट बताते हुए कहा कि वे रूस में कारपेंटर की नौकरी के लिए वीजा दिला सकते हैं। इसके लिए 1.5 लाख रुपये की व्यवस्था करनी होगी।
सीमा देवी, जो उस समय पीआरडी जवान के पद पर कार्यरत थीं, ने भी इस बात का समर्थन किया। दीनानाथ वर्मा ने आरोपियों पर विश्वास कर उसी दिन पकड़ी चौराहे पर अपना पासपोर्ट सौंप दिया। छह महीने बाद जब पासपोर्ट वापस मांगा, तो आरोपियों ने बहाना बनाया कि इसे दिल्ली ऑफिस भेज दिया गया है, लाने में समय लगेगा। नवंबर 2024 में राकेश ने फोन कर कहा कि रूस का वीजा नहीं मिल रहा, दुबई चले जाओ। लेकिन दीनानाथ वर्मा ने मना कर दिया और पासपोर्ट या रूस का वीजा मांगा।
राकेश ने फिर समय मांगा और एक हफ्ते बाद बताया कि वीजा आ गया है, 5-6 अन्य लोगों के साथ जाओ। इसके बाद दीनानाथ वर्मा ने पैसे ट्रांसफर करने शुरू किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने याचिका पर सुनवाई की और थाना प्रभारी को केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए। सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निर्भय सिंह ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।
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सीमा देवी, जो उस समय पीआरडी जवान के पद पर कार्यरत थीं, ने भी इस बात का समर्थन किया। दीनानाथ वर्मा ने आरोपियों पर विश्वास कर उसी दिन पकड़ी चौराहे पर अपना पासपोर्ट सौंप दिया। छह महीने बाद जब पासपोर्ट वापस मांगा, तो आरोपियों ने बहाना बनाया कि इसे दिल्ली ऑफिस भेज दिया गया है, लाने में समय लगेगा। नवंबर 2024 में राकेश ने फोन कर कहा कि रूस का वीजा नहीं मिल रहा, दुबई चले जाओ। लेकिन दीनानाथ वर्मा ने मना कर दिया और पासपोर्ट या रूस का वीजा मांगा।
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राकेश ने फिर समय मांगा और एक हफ्ते बाद बताया कि वीजा आ गया है, 5-6 अन्य लोगों के साथ जाओ। इसके बाद दीनानाथ वर्मा ने पैसे ट्रांसफर करने शुरू किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने याचिका पर सुनवाई की और थाना प्रभारी को केस दर्ज कर जांच के आदेश दिए। सदर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक निर्भय सिंह ने बताया कि आरोपियों पर केस दर्ज किया गया है।
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