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कहीं बाढ़ से मिली राहत तो कहीं दूर नहीं हुई आफत

Tue, 22 Aug 2017 12:04 AM IST
Updated Tue, 22 Aug 2017 12:04 AM IST
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कहीं बाढ़ से मिली राहत तो कहीं दूर नहीं हुई आफत
महराजगंज। जिले में कही बाढ़ से राहत से मिली है तो कहीं अभी आफत है। सदर तहसील के पनियरा क्षेत्र में अभी तमाम गांवों में बाढ़ की तबाही से लोग जूझ रहे हैं। बडहरा लाला, डोमर सेमत तमाम गांव पानी से घिरे हैं। वही नौतनवां, निचलौल क्षेत्र में बाढ़ से राहत मिलने लगी है। हालांकी नेपाल से इधर पानी नदियों में नहीं आया है तो इससे काफी राहत मिली है। नदियां भी खतरे के निशान के निचे हैं। फरेन्दा तहसील के धानी क्षेत्र में बाढ़ का प्रभाव ज्यादा है। वही कुछ वन ग्रामो में राहत मिली है। अब धीरे धीरे लोग बंधो को छोड घरो की ओर रूख्सत होने लगे हैं। बीते कई दिनो से पानी से घिरे घरो में सामानो को सहेजने में लोग लगे हैं। मवेशियों के लिए चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गई है। बावजूद इसके अभी पशुओं के चारे का कोई पुख्ता इंतजाम होता नहीं दिख रहा है।
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सदर तहसील के पनियरा क्षेत्र में बाढ़ का असर बना हुआ है। दुश्वारियों के बीच लोग जीवन गुजर बसर कर रहे हैं। वही चेहरी गांव के तमाम टोलो पर पानी घटने लगा है। जिससे लोग बंधे को छोडकर अब घरो की ओर जाने लगे हैं। वही कुछ लोग अभी भी अपने टोले पर पानी घटने का इंतजार कर रहे हैं। निचलौल तहसील क्षेत्र में बाढ़ का असर कम हो गया है। लक्ष्मीपुर खुर्द, कडजा, बेलवा, निपनियां, बकुलडिहां, भरवलिया, बसंतपुर में बाढ़ का असर कम हुआ है। लेकिन दवा का छिडकाव न होने से बदबू के कारण लोग परेशान हैं। संक्रामक रोग की चपेट में आने की आशंका प्रबल हो गई है। नौतनवां तहसील क्षेत्र के रतनपुर, कोहरगड्डी, छिगटी, छितवनिया, दोगहरा, निविअहवां, चकरार, अमहवां में बाढ़ का असर नहीं है। मझार क्षेत्र के रानीपुर, अमहवां, दनदनहवां, सौहरपुर सहित अन्य गांव में बाढ़ का असर घटने लगा है। अब धीरे धीरे बाढ़ का असर कम होने पर दुश्वारियों के बीच लोग घरो की ओर पहुंचने लगे हैं। कुछ लोग तो बंधे पर इस वजह से रूके है कि उनका घर की बाढ़ में गिर चुका है। चेहरी बंधे पर बांसपट्टी और रामनगर के लोग रह रहे हैं। इनके गांव में पानी नहीं हटा है।
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जिले में नदियों का जल स्तर
नदी------वर्तमान जल स्तर---------खतरे की तल
गंडक-------351.80 फीट--------365.30फीट
राप्ती रिगौली---81.81 मीटर------80.30 मीटर
रोहिन त्रिमुहानी---83.80 मीटर-----82.44 मीटर
प्यास----------100.75 मीटर-----102.25 मीटर
महाव----------3 फीट-----------5 फीट
बाढ़ विभीषिका की कहर से उबर नहीं पा रहे पीड़ित
जिले में अभी 47 गांव जलमग्न, 270 प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में आई बाढ़ विभीषिका की कहर से बाढ़ पीड़ित अभी तक उबर नहीं पा रहे हैं। वर्तमान में जिले के 270 गांव बाढ़ से प्रभावित है, जबकि अभी भी 47 गांव जलमग्न हैं। दुश्वारियों के बीच अभी बाढ़ पीड़ितों की रात कट रही है। बाढ़ पीड़ित हर दिन सवेरे से ही नजर गड़ाए रहते ंहै कि किस नाव या मोटर बोट से राहत सामग्री लेकर लोग आ रहे हैं। राहत सामग्री लेकर जाने वालों पर पीड़ित टूट पड़ते हैं। जिले में बाढ़ तो वर्ष 1998 और 2007 में भी आई थी मगर इतनी तबाही कभी नहीं देखने को मिली। वर्ष 1998 में तो रोहिन का बांध बड़हरा लाला व लक्ष्मीपुर के पास तथा राप्ती नदी पर बेलसड़ रिगौली बांध टूटा था जबकि वर्ष 2007 में डोमरा जर्दी बांध हरखपुरा के पास कटा था। इसी बाढ़ में पहली अगस्त 2007 को नाव पर सवार हरखपूरा के 27 लोगों की मौत नाव डूबने से हो गई थी और जिले में आई उक्त दोनों बाढ़ इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।
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बंधे ही नहीं सड़कें भी जगह-जगह टूटी
महराजगंज। बाढ़ को वजह से इन साल न केवल बंधे बल्कि सड़कें भी जगह जगह टूट गए। जिससे जिले को भारी तबाही का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी से सात स्थानों पर बंधे कटे हैं। जिसमें रोहिन नदी पर सुचितपुर बघौना , बहहरालाला, नर कटहा ,लठिअहवा ,लक्ष्मीपुर, चेहरी तथा पोह नाले के बनदेइया बांध के नाम हैं। उसी प्रकार बाढ़ के पानी से ही ठूठीबारी-निचलौल, फरेंदा-महराजगंज, पर कटहा-गांगी तथा कैम्पियरगंज-पनियरा मार्ग कट गया। जिससे बाढ़ पीड़ितों के साथ राहगीरों को भी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है।
189 किमी बंधे की मरम्मत को मिले महज 80 लाख
महराजगंज। जनपद में तमाम नदियों पर वैसे तो कुल 189.200 किमी बांध है। इनकी मरम्मत के लिए सिंचाई विभाग को मात्र 80 लाख रुपये ही मिले। इतनी कम धनराशि से 189 किमी बंधे की कैसी सफाई होगी। इसका अंदाजा लगाया लगाया जा सकता है।

जनपद में विभिन्न नदियों पर बने 23 बंधे
महराजगंज। रोहिन नदी पर भगवानपुर बांध करीब 5 किमी, डोमरा जल्दी बांध करीब 21 किमी, चेहरी करीब 7 किमी , डोमरा रिंग बांध करीब 4 किमी,अमहवा रिंग बांध करीब ढाई किमी,लक्ष्मीपूर रिंग बांध करीब पौन किमी ,बनरहा विस्तार व अनंतपुर बड़हरा करीब 8 किमी, झावाकोट करीब 4 किमी, राप्ती नदी पर बलेसर रिगौली करीब 10.600 किमी, घोड़ी नदी पर नगवा बांध करीब 12 किमी, लेहड़ा बांध करीब 15 किमी , बनदेइया बांध करीब डेढ़ किमी, छोटी गंडक पर वसूली गाइड बांध साढे 15 किमी,टेढा बांध करीब 4 किमी,नगवा बांध करीब 12 किमी, गंडक नदी पर ए-गैप ढाई किमी, बी-गैप सवा सात किमी, रिंग बांध ढाई किमी,नेपाल बांध पौने बारह किमी, नारायणी-छितौनी करीब 12.800 किमी, चंदन नदी पर रामनगर -ठूठीबारी बांध 16 किमी, तथा निर्माणाधीन जिगिना चकदह तथा राजपुर दौलतपुर के करीब 9.600 किमी बांध हैं ।

बाढ़ से हुई आठ लोगों व छह मवेशियों की मौत
महराजगंज। जनपद में बाढ़ के कहर से जहां आठ लोगो की मौत हुई है। वहीं छह पशु भी काल के गाल में समा गए। अब बाढ़ पीड़ितों को बाढ़ का पानी खिसकने के बाद बीमारियों से महामारी का भय सता रहा है। अगर संक्रामक रोग फैला तो बेहद भयावह स्थिति हो सकती है।

बाढ़ राहत को मिले डेढ करोड़, 74 लाख बांटा
महराजगंज। वैसे तो शासन से बाढ राहत को प्रशासन को डेढ़ करोड़ मिले हैं जिसमें से जिला प्रशासन ने 74 लाख वितरित करने का दावा किया है। 42 लाख रूपए चारों तहसीलो को और 32 लाख आठ मृतक परिजनों को तथा 30 हजार एक पशुपालक को सहायता राशि दी गई है।

क्षति एवं राहत कार्य के प्रशासनिक दावे
बाढ़ से प्रभावित गांव--- 262
वर्तमान में मैरूंड गांव----- 47
बाढ़ से प्रभावित मवेशी करीब--- 5000
बाढ़ से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान----199
बाढ़ से क्षतिग्रस्त पक्के मकान--- 410
आंशिक क्षतिग्रस्त कच्चे मकान----3251
बाढ़ से क्षतिग्रस्त झोंपड़ी----2657

बचाव कार्य में लगी कुल नाव--- 77
बचाव कार्य में लगे मोटर बोट--- 34
बचाव कार्य में लगे वाहन--- 13
एनडीआरएफ की टीम---- 3
पीएसी--------- 6 प्लाटून

बाढ़ को देखते हुए बचाव राहत कार्य तेज है। प्रशासन की ओर से हर संभव मदद की जा रही है। चाहे खाद्य सामाग्री मुहैया कराने की बात हो या फिर स्वास्थ्य सुविधा मुहैैया कराने की। सभी कार्यो के लिए कर्मियों की टीम लगाई गई है। बचाव राहत कार्य में लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
वीके सिंह, डीएम महराजगंज
बाढ़ का प्रभाव हो रहा कम, पटरी पर लौट रही जिंदगी

निचलौल। क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित 19 गांव में 11620 लोगों को तहसील प्रशान द्वारा बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा। जो कि पीड़ित परिवार वालों के लिये काफी कम है। तहसील में 312 राजस्व गांव है जिसमे से 102 गांव प्रभावित है। 19 गांव मैरुंड हैं। अब धीरे धीरे बाढ़ प्रभावित गांवों मे पानी कम होने पर जीवन पटरी पर आ रहा है। वहां पर तहसील प्रशासन ारा राहत सामग्री वितरण किया जा रहा। ब्लाक क्षेत्र के कनमिसवा, गेड़हवा, खुटहवा, शिकारपुर, भोथहां, सोहगीवरवा, बढ़या मुस्तकील, डोमा, कलनही खुर्द, चंदा, गुलरभार, बकुलडीहा, सुकरहर, कड़जा, लक्ष्मीपुर खुर्द, लक्ष्मीपुर कला,चटिया में बाढ़ राहत सामग्री तहसील के बाढ़ कंट्रोल रूम से वितरण की जा रही है।

एक पैकेट में 5 किलो आटा, 10 किलो चावल, दो किलो आलू, दो किलो अरहर दाल, एक किलो नमक, 6पीस मोमबत्ती, एक पीस माचिस की व्यवस्था की गई है। बाढ़ पीड़ित परिवार के ओमप्रकाश, रमेश, रमाकांत, मुन्ना, मोतीलाल, सुकई, उर्मिला, किसनावती का कहना है कि जो सामग्री दी जा रही है वह बहुत कम है। उपजिलाधिकारी ज्ञानेश्वर प्रसाद का कहना है कि राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
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