{"_id":"622e2167416bb26bfc7733bd","slug":"12-367-families-got-employment-in-mnrega-maharajganj-news-gkp429862322","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के 1,2367 परिवारों को मिला सौ दिन का रोजगार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के 1,2367 परिवारों को मिला सौ दिन का रोजगार
विज्ञापन
जिले के 1,2367 परिवारों को मिला सौ दिन का रोजगार
महराजगंज। मनरेगा के तहत परिवारों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल जारी है। रविवार तक जिले में कुल 1,2367 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। अभी भी लगभग 10 हजार से अधिक परिवार ऐसे हैं जिन्हें यदि नियमित रुप से काम उपलब्ध करा दिया जाए तो वे न सिर्फ 100 दिन का रोजगार को पूरा कर सकेंगे, बल्कि मनरेगा की सार्थकता भी सिद्ध होगी। निचलौल ब्लॉक में सर्वाधिक 2,066 परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम(मनरेगा) को शुरु करने के पीछे की सोच यह थी कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले श्रमिकों व गरीबों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मुहैया करा दिया जाए। इससे न सिर्फ उनका पलायन रुकेगा, बल्कि उन्हें जीविकोपार्जन के लिए अच्छा माध्यम भी मिल जाएगा। वर्तमान में जिले में कुल 15,5009 परिवारों को मनरेगा से लाभान्वित किया गया है। 100 दिन की रोजगार की बात करें तो निचलौल ब्लॉक के सर्वाधिक 2,066 परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। अभी भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति में लगभग 18 दिन शेष हैं, ऐसे में जिम्मेदार गंभीरता पूर्वक पहल करें तो 100 दिन के रोजगार की स्थिति और बेहतर किया जा सकता है।
100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवार की ब्लॉकवार स्थिति
जिले में 100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या पर नजर डालें तो पता चलता है कि निचलौल में सर्वाधिक 2066, मिठौरा में 1733, घुघली में 1381, सिसवा में 1401, बृजमनगंज में 703, धानी में सबसे कम 281, लक्ष्मीपुर में 754, सदर में 685, नौतनवा में 956, पनियरा में 946, परतावल में 856 व फरेंदा में 605 परिवार लाभान्वित हुए हैं।
विज्ञापन
अभी दस हजार परिवारों को किया जा सकता है लाभान्वित
जिले में ऐसे 12,967 परिवार चिन्हित हैं जिन्हें एक से 20 दिन का रोजगार मिल जाए तो वे सौ दिन का रोजगार पूरा कर लें। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अभी 18 दिन शेष हैं, ऐसे में यदि सभी जिम्मेदार पूरे मनोयोग से जुट जाएं तो औसतन 10 हजार से अधिक परिवारों को लाभान्वित किया जा सकेगा। इससे जहां जरुरतमंदों को काम मिलेगा, वहीं मनरेगा की सार्थकता भी सिद्ध होगी।
मनरेगा योजना के तहत चिन्हित परिवारों को अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित करने पर जोर दिया जा रहा है। 100 दिन के करीब पहुंचे परिवारों को विशेषतौर से लाभान्वित किया जाएगा, जिससे मनरेगा की सार्थकता सिद्ध हो सके। -गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
महराजगंज। मनरेगा के तहत परिवारों को सौ दिन का रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में पहल जारी है। रविवार तक जिले में कुल 1,2367 परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। अभी भी लगभग 10 हजार से अधिक परिवार ऐसे हैं जिन्हें यदि नियमित रुप से काम उपलब्ध करा दिया जाए तो वे न सिर्फ 100 दिन का रोजगार को पूरा कर सकेंगे, बल्कि मनरेगा की सार्थकता भी सिद्ध होगी। निचलौल ब्लॉक में सर्वाधिक 2,066 परिवारों को 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम(मनरेगा) को शुरु करने के पीछे की सोच यह थी कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले श्रमिकों व गरीबों को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मुहैया करा दिया जाए। इससे न सिर्फ उनका पलायन रुकेगा, बल्कि उन्हें जीविकोपार्जन के लिए अच्छा माध्यम भी मिल जाएगा। वर्तमान में जिले में कुल 15,5009 परिवारों को मनरेगा से लाभान्वित किया गया है। 100 दिन की रोजगार की बात करें तो निचलौल ब्लॉक के सर्वाधिक 2,066 परिवारों को इसका लाभ मिल रहा है। अभी भी वित्तीय वर्ष की समाप्ति में लगभग 18 दिन शेष हैं, ऐसे में जिम्मेदार गंभीरता पूर्वक पहल करें तो 100 दिन के रोजगार की स्थिति और बेहतर किया जा सकता है।
विज्ञापन
100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवार की ब्लॉकवार स्थिति
जिले में 100 दिन का रोजगार पाने वाले परिवारों की संख्या पर नजर डालें तो पता चलता है कि निचलौल में सर्वाधिक 2066, मिठौरा में 1733, घुघली में 1381, सिसवा में 1401, बृजमनगंज में 703, धानी में सबसे कम 281, लक्ष्मीपुर में 754, सदर में 685, नौतनवा में 956, पनियरा में 946, परतावल में 856 व फरेंदा में 605 परिवार लाभान्वित हुए हैं।
विज्ञापन
अभी दस हजार परिवारों को किया जा सकता है लाभान्वित
जिले में ऐसे 12,967 परिवार चिन्हित हैं जिन्हें एक से 20 दिन का रोजगार मिल जाए तो वे सौ दिन का रोजगार पूरा कर लें। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में अभी 18 दिन शेष हैं, ऐसे में यदि सभी जिम्मेदार पूरे मनोयोग से जुट जाएं तो औसतन 10 हजार से अधिक परिवारों को लाभान्वित किया जा सकेगा। इससे जहां जरुरतमंदों को काम मिलेगा, वहीं मनरेगा की सार्थकता भी सिद्ध होगी।
मनरेगा योजना के तहत चिन्हित परिवारों को अधिक से अधिक संख्या में लाभान्वित करने पर जोर दिया जा रहा है। 100 दिन के करीब पहुंचे परिवारों को विशेषतौर से लाभान्वित किया जाएगा, जिससे मनरेगा की सार्थकता सिद्ध हो सके। -गौरव सिंह सोगरवाल, मुख्य विकास अधिकारी