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चौकीदारों ने की चतुर्थ श्रेणी कर्मी का दर्जा देने की मांग
Updated Tue, 23 Oct 2018 12:03 AM IST
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चौकीदारों ने की चतुर्थ श्रेणी कर्मी का दर्जा देने की मांग
चुनाव में किए गए वादे भूल गई सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। ग्रामीण चौकीदार संघ ने उन्हें चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने सहित अन्य मांगें पूरी कराने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। चौकीदारों का कहना था कि पूरी निष्ठा के साथ काम करने के बाद भी उन्हें कम रकम मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के पालन पोषण में दिक्कत हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार चौकीदारों के हित के प्रति गंभीर नहीं है।
संगठन के प्रदेश संयुक्त सचिव शिवकुमार कन्नौजिया ने कहा कि चौकीदार अब भी गुलामी का जीवन जी रहे हैं। चौकीदारों की स्थिति पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। यही कारण है कि चौकीदारों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। जिला संयोजक नाथू प्रसाद गुप्त ने कहा कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं से ग्रामीण चौकीदार वंचित हैं। आरोप लगाया कि थानों पर चौकीदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चौकीदारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करेगा। उनका कहना था कि महंगाई को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से मानदेय में वृद्धि की जानी चाहिए। बीमा के साथ ही मृतक आश्रित को चौकीदार के पद पर तैनाती की मांग भी की।
जिलाध्यक्ष बाले खां ने आह्वान किया कि ग्रामीण चौकीदार संगठित होकर आंदोलन करें। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों को भूल रही है। चुनाव से पहले चौकीदारों को आश्वासन दिया गया था कि प्रदेश में सरकार बनने पर चौकीदारों के मानदेय में वृद्धि की जाएगी, साथ ही एक साल के अंदर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने का भरोसा भी दिया गया था लेकिन सरकार वादों पर ध्यान नहीं दे रही है।
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इस दौरान शिवप्रसन्न, दिलीप कुमार, हरि, अनिरुद्ध, शिवराज, जमाल, राजेश, रामदुलारे, पुरुषोत्तम, रामदरश, झकरी, अमरावती, केदार, रामाश्रय के अलावा तमाम चौकीदार मौजूद रहे।
चुनाव में किए गए वादे भूल गई सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। ग्रामीण चौकीदार संघ ने उन्हें चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मी का दर्जा दिए जाने सहित अन्य मांगें पूरी कराने के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। चौकीदारों का कहना था कि पूरी निष्ठा के साथ काम करने के बाद भी उन्हें कम रकम मिल रही है। इससे परिवार के सदस्यों के पालन पोषण में दिक्कत हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार चौकीदारों के हित के प्रति गंभीर नहीं है।
संगठन के प्रदेश संयुक्त सचिव शिवकुमार कन्नौजिया ने कहा कि चौकीदार अब भी गुलामी का जीवन जी रहे हैं। चौकीदारों की स्थिति पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। यही कारण है कि चौकीदारों की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। जिला संयोजक नाथू प्रसाद गुप्त ने कहा कि सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं से ग्रामीण चौकीदार वंचित हैं। आरोप लगाया कि थानों पर चौकीदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि चौकीदारों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन करेगा। उनका कहना था कि महंगाई को ध्यान में रखते हुए सरकार की ओर से मानदेय में वृद्धि की जानी चाहिए। बीमा के साथ ही मृतक आश्रित को चौकीदार के पद पर तैनाती की मांग भी की।
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जिलाध्यक्ष बाले खां ने आह्वान किया कि ग्रामीण चौकीदार संगठित होकर आंदोलन करें। आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों को भूल रही है। चुनाव से पहले चौकीदारों को आश्वासन दिया गया था कि प्रदेश में सरकार बनने पर चौकीदारों के मानदेय में वृद्धि की जाएगी, साथ ही एक साल के अंदर राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने का भरोसा भी दिया गया था लेकिन सरकार वादों पर ध्यान नहीं दे रही है।
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इस दौरान शिवप्रसन्न, दिलीप कुमार, हरि, अनिरुद्ध, शिवराज, जमाल, राजेश, रामदुलारे, पुरुषोत्तम, रामदरश, झकरी, अमरावती, केदार, रामाश्रय के अलावा तमाम चौकीदार मौजूद रहे।