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गैरहाजिर मिले 10 कर्मी आठ कलेेेक्ट्रेट से संबद्ध
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 28 Jun 2018 12:54 AM IST
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गैरहाजिर मिले 10 कर्मी आठ कलेेेक्ट्रेट से संबद्ध
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने बुधवार को सुबह करीब सवा दस से साढ़े बारह बजे के बीच सिंचाई खंड प्रथम एवं द्वितीय कार्यालय के साथ ही डाक बंगले का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गैरहाजिर मिले दस कर्मचारियों में से आठ को डीएम ने कलेक्ट्रेट से संबद्ध करने का निर्देश दिया। साथ ही गैरहाजिर मिले दो सहायक अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय को निर्देश दिया। डीएम ने जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के अनुपस्थित मिलने पर संबंधित अधिशासी अभियंता से ऐसी स्थिति के लिए स्पष्टीकरण भी तलब कर लिया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सिंचाई खंड प्रथम व द्वितीय के अधिशासी अभियंता तो उपस्थित मिले, मगर सिंचाई खंड द्वितीय के प्रधान सहायक धर्मेंद्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक जनार्दन वर्मा, रामसुभग, अमित कुमार यादव, वेद प्रकाश चौबे, छोटेलाल, देवी शरण मिश्र, चालक बाबूलाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगम व चौकीदार विशाल सिंह गैरहाजिर मिले। इसमें से चौकीदार विशाल डाक बंगले पर उपस्थित मिले। डीएम ने अधिशासी अभियंता को गैरहाजिर मिले धर्मेंद्र श्रीवास्तव, जनार्दन प्रसाद, रामसुभग, अमित कुमार यादव, वेद प्रकाश चौबे, छोटेलाल गुप्ता,देवीशरण मिश्र, विशाल सिंह को कलेक्ट्रेट से संबद्ध करने का निर्देश दिया। डीएम ने जब सहायक अभियंता प्रथम कार्यालय का निरीक्षण किया तो सहायक अभियंता एसके शाही गैरहाजिर मिले। मोबाइल पर बात करने पर पता चला कि वह दो घंटे बाद कार्यालय पहुंचेंगे। जबकि सहायक अभियंता सिंचाई खंड तृतीय कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता रमेेश यादव भी गैरहाजिर मिले। वहां डीएम को बताया गया कि सहायक अभियंता बांध देखने गए हैं। उनसे महराजगंज आने तथा रात्रि विश्राम करने के बाबत जानकारी लेने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर डीएम ने दोनों सहायक अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आगाह किया कि अब किसी भी समय बाढ़ आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। सिंचाई विभाग के विभिन्न कार्यालयों के निरीक्षण में जो स्थिति मिली है, उससे ऐसा लगता है कि सिंचाई विभाग अपने कार्यों व दायित्वों के प्रति सजग नहीं है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुशासनहीनता, शिथिलता एवं उदासीनता का जनपद के बंधों के रखरखाव व बचाव कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कार्यालय में अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित मिलने पर ऐसी स्थिति के लिए अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
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जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सिंचाई खंड प्रथम व द्वितीय के अधिशासी अभियंता तो उपस्थित मिले, मगर सिंचाई खंड द्वितीय के प्रधान सहायक धर्मेंद्र श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक जनार्दन वर्मा, रामसुभग, अमित कुमार यादव, वेद प्रकाश चौबे, छोटेलाल, देवी शरण मिश्र, चालक बाबूलाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संगम व चौकीदार विशाल सिंह गैरहाजिर मिले। इसमें से चौकीदार विशाल डाक बंगले पर उपस्थित मिले। डीएम ने अधिशासी अभियंता को गैरहाजिर मिले धर्मेंद्र श्रीवास्तव, जनार्दन प्रसाद, रामसुभग, अमित कुमार यादव, वेद प्रकाश चौबे, छोटेलाल गुप्ता,देवीशरण मिश्र, विशाल सिंह को कलेक्ट्रेट से संबद्ध करने का निर्देश दिया। डीएम ने जब सहायक अभियंता प्रथम कार्यालय का निरीक्षण किया तो सहायक अभियंता एसके शाही गैरहाजिर मिले। मोबाइल पर बात करने पर पता चला कि वह दो घंटे बाद कार्यालय पहुंचेंगे। जबकि सहायक अभियंता सिंचाई खंड तृतीय कार्यालय के निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता रमेेश यादव भी गैरहाजिर मिले। वहां डीएम को बताया गया कि सहायक अभियंता बांध देखने गए हैं। उनसे महराजगंज आने तथा रात्रि विश्राम करने के बाबत जानकारी लेने पर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस पर डीएम ने दोनों सहायक अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आगाह किया कि अब किसी भी समय बाढ़ आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। सिंचाई विभाग के विभिन्न कार्यालयों के निरीक्षण में जो स्थिति मिली है, उससे ऐसा लगता है कि सिंचाई विभाग अपने कार्यों व दायित्वों के प्रति सजग नहीं है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की अनुशासनहीनता, शिथिलता एवं उदासीनता का जनपद के बंधों के रखरखाव व बचाव कार्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कार्यालय में अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित मिलने पर ऐसी स्थिति के लिए अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण भी तलब किया है।
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