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मानसिक तनाव से मुक्त रहने हेतु करें योग
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ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय के योग प्रशिक्षक ने राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयंसेवकों के साथ कई लोगों को योग से मानसिक तनाव दूर करने के तरीके सिखाए। नोडल अधिकारी/ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में आनलाइन योग के बारे में छात्र/छात्राओं को जानकारी दी गई।
इतिहास प्रवक्ता एवं योग प्रशिक्षक डॉ. जितेंद्र राजपूत ने कहा कि योग विद्या पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। योग विद्या के अभ्यास से हम शरीर को मजबूत बनाकर कोरोना पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। योग न केवल शरीर को स्वस्थ करने की विद्या है, अपितु योग से मनुष्य को मानसिक सुख, शांति प्राप्त हो सकती है।
प्राचार्य डा अवधेश अग्रवाल ने कहा कि आपाधापी भरे जीवन में यदि मनुष्य को अपना जीवन सुखमय बनाना है तो उसे योग क्रिया करनी चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश चौधरी ने कहा कि हमारे पुराणों में संतों, महात्माओं ने स्वस्थ जीवन व निर्मल चरित्र के लिये जीवन में योग की साधना की है। कोरोना वायरस को स्वयं से दूर करने हेतु हमें आत्मशांति, आत्म विश्वास एवं परमात्मा की ओर ले जाने में योगासन एवं ध्यान की महती आवश्यकता है। प्रशिक्षक ने आनलाइन के माध्यम से योग कराया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. ओपी चौधरी, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश तिवारी, अखिलेश कुमार बबेले, रंजनी निरंजन, आशीष कुमार के अलावा स्वयंसेवक अभिषेक बबेले, अरविंद यादव, रवि चंद्रवंशी, साहिल, भरत रजक, श्रवण कुमार राजपूत, अभिषेक कुशवाहा, संदीप कुशवाहा, विवेक प्रताप सिंह व अन्य लोगों ने योग में प्रतिभाग किया। महाविद्यालय के कम्प्यूटर सहायक फहीम बख्श ने ऑनलाइन जोड़ने में तकनीकी सहायता प्रदान की।
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इतिहास प्रवक्ता एवं योग प्रशिक्षक डॉ. जितेंद्र राजपूत ने कहा कि योग विद्या पूरी तरह वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। योग विद्या के अभ्यास से हम शरीर को मजबूत बनाकर कोरोना पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। योग न केवल शरीर को स्वस्थ करने की विद्या है, अपितु योग से मनुष्य को मानसिक सुख, शांति प्राप्त हो सकती है।
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प्राचार्य डा अवधेश अग्रवाल ने कहा कि आपाधापी भरे जीवन में यदि मनुष्य को अपना जीवन सुखमय बनाना है तो उसे योग क्रिया करनी चाहिए। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ओमप्रकाश चौधरी ने कहा कि हमारे पुराणों में संतों, महात्माओं ने स्वस्थ जीवन व निर्मल चरित्र के लिये जीवन में योग की साधना की है। कोरोना वायरस को स्वयं से दूर करने हेतु हमें आत्मशांति, आत्म विश्वास एवं परमात्मा की ओर ले जाने में योगासन एवं ध्यान की महती आवश्यकता है। प्रशिक्षक ने आनलाइन के माध्यम से योग कराया गया। इस मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. ओपी चौधरी, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश तिवारी, अखिलेश कुमार बबेले, रंजनी निरंजन, आशीष कुमार के अलावा स्वयंसेवक अभिषेक बबेले, अरविंद यादव, रवि चंद्रवंशी, साहिल, भरत रजक, श्रवण कुमार राजपूत, अभिषेक कुशवाहा, संदीप कुशवाहा, विवेक प्रताप सिंह व अन्य लोगों ने योग में प्रतिभाग किया। महाविद्यालय के कम्प्यूटर सहायक फहीम बख्श ने ऑनलाइन जोड़ने में तकनीकी सहायता प्रदान की।
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