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सर्दी शुरु होते ही बाजार में हो रही गर्म कपड़ों की खरीददारी
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सर्दी शुरु होते ही ऊनी रजाई गद्दा से सजी दुकान
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। सर्दी शुरुआत होते ही गर्म कपड़ों के बाजार में रौनक दिखाई देने लगी है। बाजार में कोरोना से फैली आर्थिक मंदी का असर नजर नहीं आ रहा है। बाजार में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है। रजाई की जगह लोगों को कंबल भा रहा है, लोगों ने इसकी खरीददारी शुरू कर दी है। वहीं, जाकेट, स्वेटर, टोपी, मफलर व शाल की खरीददारी में भी लोग रुचि दिखा रहे हैं। इससे दुकानदारों के चेहरे भी खिले दिख रहे हैं।
बाजारों में इस बार गर्म कपड़ों का अच्छा कारोबार होना तय है, जिसको लेकर दुकानदारों ने समय से गर्म कपड़ों की थोक खरीददारी कर ली है। गर्म कपड़े दुकादारों ने दुकानों में सजा लिए हैं। शहर की अधिकांश दुकानों पर हाफ व फुल स्वेटर, गर्म सूट, जरकन, हाईनेक, गर्म पायजामा, इनर, गर्म बनियान, गर्म शॉर्ट टीशर्ट, गर्म मोजे, मफलर, दस्ताने आ चुके हैं। कार्डियन 400 से लेकर एक हजार रुपये तक बिक रहे हैं। पुरुषों की गर्म इनर 300 से लेकर 600 रुपये में मिल रहे हैं। हाफ एवं फुल स्वेटर, जैकेट, जरकन 800 से लेकर दो हजार रुपये तक में हैं। लेदर की जरकनों के दाम इससे भी अधिक दाम हैं। लोग सर्दी से बचाव के लिए महंगे दामों की जरकनों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
इसके अलावा रजाई, गद्दा व कंबल की भी खूब खरीददारी हो रही हैं। कंबल में सिंगल बेड व डबल बेड के अलग अलग रेंज में हैं। सिंगल सात सौ से डेढ़ हजार तक की रेंज हैं। इसके अलावा रेडीमेड रजाई भी डेढ़ हजार से ढाई हजार रुपये तक हैं। वहीं स्थानीय स्तर निर्मित ऊनी रजाई भी अधिक मांग हो रही है। दुकानदार ने बताया कि रुई के दाम 20 रुपये प्रतिकिलो से लेकर 150 रुपये तक हैं। रजाई के दाम 500 रुपये से लेकर 900 रुपये तक हैं। वहीं गद्दे के दाम भी रुई के वजन पर निर्भर हैं।
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नहीं भा रहे घर पर बने ऊनी कपड़े
आधुनिक युग में लोग घरों पर बने ऊनी कपड़ों को पहनना पसंद नहीं करते हैं। बाजरों से रेडीमेड कपड़े ही पहनते हैं। अब लोग ऊनी कपड़ों को अधिक पसंद नहीं करते हैं। लोग पहले से तैयारी नहीं करते हैं और बाजारों से कपड़े खरीद लेते हैं।
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सर्दी के चलते गर्म कपड़ों को मंगाया है। ग्राहक गर्म कपड़ों की खूब खरीददारी कर रहे हैं। जिसमें बच्चों व वयस्कों के गर्म कपड़ों के अलावा कंबल की भी बिक्री अच्छी हो रही है। अधिक सर्दी पड़ने पर पूरा माल बिक जाएगा। नीतेश नजा
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हमारे यहां ऊनी रजाई गद्दा व तकिया का बिक्री का कार्य लगभग 65 वर्ष से चल रहा है। इसबार समय से गर्म कपड़ों की बिक्री शुरु हो गई है। लोग गर्म कपड़ों की खरीददारी में खूब रुचि ले रहे हैं। मोहम्मद अख्तर
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बाजारों में इस बार गर्म कपड़ों का अच्छा कारोबार होना तय है, जिसको लेकर दुकानदारों ने समय से गर्म कपड़ों की थोक खरीददारी कर ली है। गर्म कपड़े दुकादारों ने दुकानों में सजा लिए हैं। शहर की अधिकांश दुकानों पर हाफ व फुल स्वेटर, गर्म सूट, जरकन, हाईनेक, गर्म पायजामा, इनर, गर्म बनियान, गर्म शॉर्ट टीशर्ट, गर्म मोजे, मफलर, दस्ताने आ चुके हैं। कार्डियन 400 से लेकर एक हजार रुपये तक बिक रहे हैं। पुरुषों की गर्म इनर 300 से लेकर 600 रुपये में मिल रहे हैं। हाफ एवं फुल स्वेटर, जैकेट, जरकन 800 से लेकर दो हजार रुपये तक में हैं। लेदर की जरकनों के दाम इससे भी अधिक दाम हैं। लोग सर्दी से बचाव के लिए महंगे दामों की जरकनों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
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इसके अलावा रजाई, गद्दा व कंबल की भी खूब खरीददारी हो रही हैं। कंबल में सिंगल बेड व डबल बेड के अलग अलग रेंज में हैं। सिंगल सात सौ से डेढ़ हजार तक की रेंज हैं। इसके अलावा रेडीमेड रजाई भी डेढ़ हजार से ढाई हजार रुपये तक हैं। वहीं स्थानीय स्तर निर्मित ऊनी रजाई भी अधिक मांग हो रही है। दुकानदार ने बताया कि रुई के दाम 20 रुपये प्रतिकिलो से लेकर 150 रुपये तक हैं। रजाई के दाम 500 रुपये से लेकर 900 रुपये तक हैं। वहीं गद्दे के दाम भी रुई के वजन पर निर्भर हैं।
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नहीं भा रहे घर पर बने ऊनी कपड़े
आधुनिक युग में लोग घरों पर बने ऊनी कपड़ों को पहनना पसंद नहीं करते हैं। बाजरों से रेडीमेड कपड़े ही पहनते हैं। अब लोग ऊनी कपड़ों को अधिक पसंद नहीं करते हैं। लोग पहले से तैयारी नहीं करते हैं और बाजारों से कपड़े खरीद लेते हैं।
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सर्दी के चलते गर्म कपड़ों को मंगाया है। ग्राहक गर्म कपड़ों की खूब खरीददारी कर रहे हैं। जिसमें बच्चों व वयस्कों के गर्म कपड़ों के अलावा कंबल की भी बिक्री अच्छी हो रही है। अधिक सर्दी पड़ने पर पूरा माल बिक जाएगा। नीतेश नजा
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हमारे यहां ऊनी रजाई गद्दा व तकिया का बिक्री का कार्य लगभग 65 वर्ष से चल रहा है। इसबार समय से गर्म कपड़ों की बिक्री शुरु हो गई है। लोग गर्म कपड़ों की खरीददारी में खूब रुचि ले रहे हैं। मोहम्मद अख्तर

ठंड बढ़ते ही दुकान में रखे रजाई गद्दे- फोटो : LALITPUR