{"_id":"64233cc85a95da50420405c4","slug":"why-gandhi-slaughter-politics-intensifies-on-the-book-congressmen-say-ban-should-be-imposed-lalitpur-news-c-11-1-jhs1004-63993-2023-03-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: गांधी वध क्यों ? किताब पर सियासत तेज, कांग्रेसी बोले - प्रतिबंध लगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: गांधी वध क्यों ? किताब पर सियासत तेज, कांग्रेसी बोले - प्रतिबंध लगे
विज्ञापन
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पुस्तक मेले में नाथूराम गोडसे से जुड़ी किताब गांधी वध क्यों ? की बिक्री पर मंगलवार को सियासत तेज हो गई। कांग्रेसियों ने परिसर में धरना-प्रदर्शन कर किताब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। वहीं, केंद्र सरकार से किताब को प्रतिबंधित करने की भी मांग की।
हिंदी विभाग के बाहर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेसी नेता धरने पर बैठ गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अहिंसा के पुजारी और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले महात्मा गांधी की हत्या हुई थी। इसको वध कहते हुए उनके हत्यारे का महिमामंडन करने वाली इस किताब की मेले में बिक्री हो रही है। अगर गांधी वध जायज है, तो प्रधानमंत्री संसद और मुख्यमंत्री विधानसभा से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटवाएं। कुछ लोग इतिहास बदलना चाहते हैं। मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे। मेले के संयोजक डॉ. मुन्ना तिवारी के आश्वासन पर कांग्रेसियों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, पूर्व विधायक बृजेंद्र व्यास, मनीराम कुशवाहा, नरेश बिलाटिया, इम्तियाज हुसैन, श्रीराम बिलगैंया, देवीसिंह कुशवाहा, अरविंद बबलू, शफीक मकरानी, इदरीश खान मौजूद रहे।
बिक गईं सारी प्रतियां : वितरक
किताब के वितरक नवशिला प्रकाशन के नंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुस्तक पर 90 के दशक में कोर्ट ने बैन लगाया गया था। मगर बाद में हटा लिया गया। तब से ही इस किताब की बिक्री हो रही है। भोपाल पुस्तक मेले में तो इसकी हजारों प्रतियां बिकीं। उन्होंने यह भी बताया कि बीयू के मेले में मंगलवार को प्रकाशन के स्टॉल में रखीं इस किताब की सारी प्रतियां बिक गईं।
विज्ञापन
पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पुस्तक मेले में प्रकाशकों को आमंत्रित किया गया है। इसमें 50 हजार पुस्तकें आई हैं। अगर कोई प्रतिबंधित पुस्तक आती है तो उसकी बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। वहीं, जो पुस्तक बैन नहीं है, उसकी बिक्री पर रोक नहीं लगा सकते हैं।
- डॉ. मुन्ना तिवारी, संयोजक, पुस्तक मेला, बीयू
विज्ञापन
हिंदी विभाग के बाहर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य के नेतृत्व में कांग्रेसी नेता धरने पर बैठ गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अहिंसा के पुजारी और अन्याय के खिलाफ लड़ने वाले महात्मा गांधी की हत्या हुई थी। इसको वध कहते हुए उनके हत्यारे का महिमामंडन करने वाली इस किताब की मेले में बिक्री हो रही है। अगर गांधी वध जायज है, तो प्रधानमंत्री संसद और मुख्यमंत्री विधानसभा से महात्मा गांधी की प्रतिमा हटवाएं। कुछ लोग इतिहास बदलना चाहते हैं। मगर हम ऐसा नहीं होने देंगे। मेले के संयोजक डॉ. मुन्ना तिवारी के आश्वासन पर कांग्रेसियों ने धरना समाप्त कर दिया। प्रदर्शन के दौरान महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता, पूर्व विधायक बृजेंद्र व्यास, मनीराम कुशवाहा, नरेश बिलाटिया, इम्तियाज हुसैन, श्रीराम बिलगैंया, देवीसिंह कुशवाहा, अरविंद बबलू, शफीक मकरानी, इदरीश खान मौजूद रहे।
विज्ञापन
बिक गईं सारी प्रतियां : वितरक
किताब के वितरक नवशिला प्रकाशन के नंद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुस्तक पर 90 के दशक में कोर्ट ने बैन लगाया गया था। मगर बाद में हटा लिया गया। तब से ही इस किताब की बिक्री हो रही है। भोपाल पुस्तक मेले में तो इसकी हजारों प्रतियां बिकीं। उन्होंने यह भी बताया कि बीयू के मेले में मंगलवार को प्रकाशन के स्टॉल में रखीं इस किताब की सारी प्रतियां बिक गईं।
विज्ञापन
पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पुस्तक मेले में प्रकाशकों को आमंत्रित किया गया है। इसमें 50 हजार पुस्तकें आई हैं। अगर कोई प्रतिबंधित पुस्तक आती है तो उसकी बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। वहीं, जो पुस्तक बैन नहीं है, उसकी बिक्री पर रोक नहीं लगा सकते हैं।
- डॉ. मुन्ना तिवारी, संयोजक, पुस्तक मेला, बीयू