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Lalitpur News: 12 बांधों के गेट खोलकर छोड़ा गया पानी
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ललितपुर। शनिवार को हुई जोरदार बारिश से बांधों का जलस्तर बढ़ने लगा। सिंचाई विभाग ने गोविंद सागर, राजघाट, माताटीला, शहजाद, सजनाम, कचनौदा, भावनी सहित 12 बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी गई। रविवार सुबह तक बांधों में पानी की आवक कम होने से कुछ बांधों से पानी को कम किया और कुछ के गेट बंद कर दिए गए।
बारिश से खेतों ने तालाब का रूप ले लिया है। फसलें डूब गई हैं। बोआई ठप है। करीब-करीब सभी बांध लबालब हैं। शनिवार को झमाझम बारिश से नदी-नाले उफना गए। बांधों के भराव क्षेत्र में पानी की आवक बढ़ गई और जलस्तर निर्धारित स्तर से अधिक पर पहुंचने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी के निर्देश दिए। रात के समय गोविंद सागर बांध के 18 गेट छह-छह फीट खोलकर 11754 पानी की निकासी शुरू की गई। राजघाट बांध के आठ गेट खोलकर 80266 क्यूसेक, माताटीला बांध से 92600 क्यूसेक, शहजाद बांध से 15750 क्यूसेक, कचनौंदा बांध से 10856, भावनी बांध से 19862 क्यूसेक, सजनाम बांध से 4177 क्यूसेक, रोहिणी से 1135 क्यूसेक, जमड़ार से 1692 क्यूसेक, बंडई बांध से 360 क्यूसेक, उटारी से 2400 क्यूसेक और भौंरट बांध से 7265 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा।
बांधों के गेट खुलने पर निचले इलाकों में बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया और वह उफनाकर बहने लगीं। गेट खोले जाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने निचले इलाकों में अलर्ट घोषित किया। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड/नोडल भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने पर गेटों को खोला गया था। आवक कम होने पर पानी की निकासी कम कर दी गई।
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अधीक्षण अभियंता ने गोविंद सागर और उटारी बांध का निरीक्षण
अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर जितेंद्र सिंह कनौजिया ने शनिवार देर रात गोविंद सागर और उटारी बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने बांध पर कार्यरत कर्मचारियों से जलस्तर और पानी की निकासी को लेकर जानकारी ली। इस दौरान अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेष कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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बारिश से खेतों ने तालाब का रूप ले लिया है। फसलें डूब गई हैं। बोआई ठप है। करीब-करीब सभी बांध लबालब हैं। शनिवार को झमाझम बारिश से नदी-नाले उफना गए। बांधों के भराव क्षेत्र में पानी की आवक बढ़ गई और जलस्तर निर्धारित स्तर से अधिक पर पहुंचने लगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांधों के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी के निर्देश दिए। रात के समय गोविंद सागर बांध के 18 गेट छह-छह फीट खोलकर 11754 पानी की निकासी शुरू की गई। राजघाट बांध के आठ गेट खोलकर 80266 क्यूसेक, माताटीला बांध से 92600 क्यूसेक, शहजाद बांध से 15750 क्यूसेक, कचनौंदा बांध से 10856, भावनी बांध से 19862 क्यूसेक, सजनाम बांध से 4177 क्यूसेक, रोहिणी से 1135 क्यूसेक, जमड़ार से 1692 क्यूसेक, बंडई बांध से 360 क्यूसेक, उटारी से 2400 क्यूसेक और भौंरट बांध से 7265 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा।
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बांधों के गेट खुलने पर निचले इलाकों में बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया और वह उफनाकर बहने लगीं। गेट खोले जाने से पूर्व सिंचाई विभाग ने निचले इलाकों में अलर्ट घोषित किया। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड/नोडल भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों में पानी की आवक ज्यादा होने पर गेटों को खोला गया था। आवक कम होने पर पानी की निकासी कम कर दी गई।
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अधीक्षण अभियंता ने गोविंद सागर और उटारी बांध का निरीक्षण
अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर जितेंद्र सिंह कनौजिया ने शनिवार देर रात गोविंद सागर और उटारी बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने बांध पर कार्यरत कर्मचारियों से जलस्तर और पानी की निकासी को लेकर जानकारी ली। इस दौरान अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड शैलेष कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।