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पेयजल की समस्याओं को अधिकारी गंभीरता से कराएं निस्तारित
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ललितपुर। डीएम अन्नावि दिनेश कुमार ने कहा कि जल अभियान से जुड़े हुए सभी अधिकारी पेयजल की समस्याओं को गंभीरता से निस्तारित कराएं। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में समस्या के प्रकाशित होने पर शाम तक उस समस्या का निदान होना चाहिए। वह शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला भूगर्भ जल प्रबंधन की बैठक को संबोधित कर रहे थे।।
डीएम ने कहा कि भूगर्भ जल प्रबंधन के लिए बनाया गया अधिनियम मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा भूजल अधिनियम के नोडल अधिकारी सीडीओ व अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई के साथ समन्वय स्थापित कर विकास खंड स्तर, ग्राम पंचायत व नगर निगम स्तर पर गठित होने वाली समितियों का गठन करें। अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं के पंजीकरण करने, भूजल विकास हेतु अनापत्ति निर्गत करने आदि को पारदर्शी बनाने हेतु ऑनलाइन वेब पोर्टल www.upgwdonline.gov.in विकसित किया गया है।
सहायक भूगर्भ भौतिकविद आकाश दीप ने वेबपोर्टल पर आ रही शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिनियम 2019 के बारे में बताया कि वेब पोर्टल पर आए प्रार्थना पत्र के आधार पर टास्क फोर्स का गठन किया जाना है। इसी तरह नगर पंचायत, ग्राम पंचायत एवं विकास खंड स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। भूगर्भ विज्ञान विभाग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एसपी सिंह ने गिरते हुए जल स्तर पर चिंता जताई और कहा कि इस समस्या के समाधान हेतु पूर्व से चला आ रहा है परंतु कोई ठोस परिणाम नहीं मिला। इसमें भूगर्भ जल प्रबंधन अधिनियम 2019 को सही तरीके से लागू करने की जरूरत है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एवं एडीएम नमामि गंगे ने अटल भूजल योजना की गतिविधियों पर भी चर्चा की।
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डीएम ने कहा कि भूगर्भ जल प्रबंधन के लिए बनाया गया अधिनियम मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा भूजल अधिनियम के नोडल अधिकारी सीडीओ व अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई के साथ समन्वय स्थापित कर विकास खंड स्तर, ग्राम पंचायत व नगर निगम स्तर पर गठित होने वाली समितियों का गठन करें। अधिनियम के अंतर्गत उपभोक्ताओं के पंजीकरण करने, भूजल विकास हेतु अनापत्ति निर्गत करने आदि को पारदर्शी बनाने हेतु ऑनलाइन वेब पोर्टल www.upgwdonline.gov.in विकसित किया गया है।
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सहायक भूगर्भ भौतिकविद आकाश दीप ने वेबपोर्टल पर आ रही शिकायतों का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए है। उन्होंने अधिनियम 2019 के बारे में बताया कि वेब पोर्टल पर आए प्रार्थना पत्र के आधार पर टास्क फोर्स का गठन किया जाना है। इसी तरह नगर पंचायत, ग्राम पंचायत एवं विकास खंड स्तर पर समितियों का गठन किया जाएगा। भूगर्भ विज्ञान विभाग बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एसपी सिंह ने गिरते हुए जल स्तर पर चिंता जताई और कहा कि इस समस्या के समाधान हेतु पूर्व से चला आ रहा है परंतु कोई ठोस परिणाम नहीं मिला। इसमें भूगर्भ जल प्रबंधन अधिनियम 2019 को सही तरीके से लागू करने की जरूरत है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एवं एडीएम नमामि गंगे ने अटल भूजल योजना की गतिविधियों पर भी चर्चा की।
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