{"_id":"571bd2a44f1c1b742f8b4f89","slug":"water-problem-solution","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्यास बुझाने में नाकाम पाइप पेयजल योजनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्यास बुझाने में नाकाम पाइप पेयजल योजनाएं
lalitpur
Updated Sun, 24 Apr 2016 01:23 AM IST
विज्ञापन
पानी संकट
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। लाखों रुपये की लागत से बिछाई गई पाइप पेयजल योजनाएं ग्रामीणों की प्यास बुझाने में नाकाम हो रही है। कई गांवों में पाइप पेयजल योजना या तो आंशिक जलापूर्ति कर रही हैं या फिर बंद पड़ी हैं। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन चलाया जा रहा है। बीते वर्षों में लाखों रुपये की लागत से पाइप पेयजल योजना की शुरुआत हुई। इसमें जिले के 27 गांवों को पाइप पेयजल योजना से जोड़ा गया। इनमें ग्राम सौजना, मिर्चवारा, गिरार, कारीटोरन, नयागांव, गिदवाहा, चांदौरा, बम्होरीखड़ेत, खजरा, लागौन, पटउवा, बछलापुर, खितवांस, टीला, सतरवांस, पटसेमरा, बिरारी, रिछपुरा, पड़ौरिया, बरौदिया, पड़ना, जमालपुर, सिलावन, समोगर, कोरवांस और रजौरा ग्राम शामिल हैं।
मौजूदा समय में सूखे से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का बुरा हाल है। तमाम गांवों में तालाब, पोखर, कुआं आदि प्राचीन जलस्रोत या तो सूख गए हैं या फिर सूखने की कगार पर हैं। इन हालात ग्रामीणों को पाइप पेयजल योजनाओं से पेयजल समस्या के समाधान होने की उम्मीद थी। लेकिन, गुणवत्ताहीन कार्यों के चलते अधिकांश योजनाओं से सुचारु जलापूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पेयजल संकट समाधान होने की जगह और गहरा रहा है।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि जिले की अधिकतर पाइप पेयजल योजनाएं आंशिक जलापूर्ति ही कर पा रही हैं, जबकि कई गांवों में जलापूर्ति ठप पड़ी है। ग्राम गिरार पेयजल योजना की 200 मीटर पाइप लाइन खराब है। ग्राम कारीटोरन पेयजल योजना की 200 मीटर पाइप लाइन चोक है। ग्राम नयागांव पेयजल योजना का पानी ग्राम जिलौनी तक (दो किमी) नहीं पहुंचता है। ग्राम गिदवाहा पेयजल योजना में दो मोटर चालू हैं और एक मोटर खराब है। इसके अलावा 80 मीटर पाइप लाइन खराब है। चांदौरा पेयजल योजना की पाइप लाइन खराब हो गई है। ग्राम बम्हौरीखड़ेत पेयजल योजना की मोटर खराब होने से आपूर्ति बंद है। ग्राम लागौन पेयजल योजना में स्टोरेज वाली पानी की टंकी में पानी स्टोर नहीं हो रहा है। ग्राम पड़ोरिया पेयजल योजना में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त व मोटर खराब है। कमोवेश यही स्थिति ग्राम रजौरा पाइप पेयजल योजना का हाल है। ग्राम बरौदिया राईन पेयजल योजना में पाइप लाइन लीकेज है। यही हाल ग्राम ककोरिया पेयजल योजना का है। ग्राम सिलावन पेयजल योजना की टंकी में पानी नहीं पहुंचता है, जिससे आधे गांव की प्यास बुझ पा रही है। ग्राम समोगर पेयजल योजना में टंकी में पानी नहीं चढ़ता है। इस स्थिति में आधे से कम ग्राम में पानी पहुंच पा रहा है। ग्राम कोरवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन चोक है। ग्राम पटउवा ग्राम समूह पेयजल योजना में एक नलकूप खराब है व एक चालू है। पानी का जल स्तर नीचे खिसक गया है। जिस कारण पेयजल की आपूर्ति गड़बड़ा रही है। ग्राम खितवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन में लीकेज है। ग्राम टीला पेयजल योजना में पाइप लाइन चोक है। ग्राम सतरवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन में लीकेज है। ग्राम बिरारी पेयजल योजना की पाइप लाइन सड़क बनने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे आंध गांव को ही पानी नसीब हो पा रहा है। ग्राम रीछपुरा पेयजल योजना की पाइप लाइन खराब है। स्कूल के पास पांच सौ मीटर तक ही जलापूर्ति हो रही है। इस स्थिति में ग्रामीणों को पेयजल का इंतजाम करने में पसीने छूट रहे हैं। वहीं, विभागीय अफसर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में चुप्पी साधे हैं, जिससे ठेकेदारों के हौसले बुलंद बने हुए हैं।
कई योजनाएं आंशिक जलापूर्ति कर रही हैं तो कुछ बंद हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने तीन दिन के अंदर कमियां दूर करने के निर्देश पंचायत सचिवों को दिए हैं।
- बृजेंद्र कुमार, डीपीआरओ ललितपुर।
विज्ञापन
ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए अनेक कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल मिशन चलाया जा रहा है। बीते वर्षों में लाखों रुपये की लागत से पाइप पेयजल योजना की शुरुआत हुई। इसमें जिले के 27 गांवों को पाइप पेयजल योजना से जोड़ा गया। इनमें ग्राम सौजना, मिर्चवारा, गिरार, कारीटोरन, नयागांव, गिदवाहा, चांदौरा, बम्होरीखड़ेत, खजरा, लागौन, पटउवा, बछलापुर, खितवांस, टीला, सतरवांस, पटसेमरा, बिरारी, रिछपुरा, पड़ौरिया, बरौदिया, पड़ना, जमालपुर, सिलावन, समोगर, कोरवांस और रजौरा ग्राम शामिल हैं।
विज्ञापन
मौजूदा समय में सूखे से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का बुरा हाल है। तमाम गांवों में तालाब, पोखर, कुआं आदि प्राचीन जलस्रोत या तो सूख गए हैं या फिर सूखने की कगार पर हैं। इन हालात ग्रामीणों को पाइप पेयजल योजनाओं से पेयजल समस्या के समाधान होने की उम्मीद थी। लेकिन, गुणवत्ताहीन कार्यों के चलते अधिकांश योजनाओं से सुचारु जलापूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। पेयजल संकट समाधान होने की जगह और गहरा रहा है।
विज्ञापन
सूत्र बताते हैं कि जिले की अधिकतर पाइप पेयजल योजनाएं आंशिक जलापूर्ति ही कर पा रही हैं, जबकि कई गांवों में जलापूर्ति ठप पड़ी है। ग्राम गिरार पेयजल योजना की 200 मीटर पाइप लाइन खराब है। ग्राम कारीटोरन पेयजल योजना की 200 मीटर पाइप लाइन चोक है। ग्राम नयागांव पेयजल योजना का पानी ग्राम जिलौनी तक (दो किमी) नहीं पहुंचता है। ग्राम गिदवाहा पेयजल योजना में दो मोटर चालू हैं और एक मोटर खराब है। इसके अलावा 80 मीटर पाइप लाइन खराब है। चांदौरा पेयजल योजना की पाइप लाइन खराब हो गई है। ग्राम बम्हौरीखड़ेत पेयजल योजना की मोटर खराब होने से आपूर्ति बंद है। ग्राम लागौन पेयजल योजना में स्टोरेज वाली पानी की टंकी में पानी स्टोर नहीं हो रहा है। ग्राम पड़ोरिया पेयजल योजना में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त व मोटर खराब है। कमोवेश यही स्थिति ग्राम रजौरा पाइप पेयजल योजना का हाल है। ग्राम बरौदिया राईन पेयजल योजना में पाइप लाइन लीकेज है। यही हाल ग्राम ककोरिया पेयजल योजना का है। ग्राम सिलावन पेयजल योजना की टंकी में पानी नहीं पहुंचता है, जिससे आधे गांव की प्यास बुझ पा रही है। ग्राम समोगर पेयजल योजना में टंकी में पानी नहीं चढ़ता है। इस स्थिति में आधे से कम ग्राम में पानी पहुंच पा रहा है। ग्राम कोरवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन चोक है। ग्राम पटउवा ग्राम समूह पेयजल योजना में एक नलकूप खराब है व एक चालू है। पानी का जल स्तर नीचे खिसक गया है। जिस कारण पेयजल की आपूर्ति गड़बड़ा रही है। ग्राम खितवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन में लीकेज है। ग्राम टीला पेयजल योजना में पाइप लाइन चोक है। ग्राम सतरवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन में लीकेज है। ग्राम बिरारी पेयजल योजना की पाइप लाइन सड़क बनने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे आंध गांव को ही पानी नसीब हो पा रहा है। ग्राम रीछपुरा पेयजल योजना की पाइप लाइन खराब है। स्कूल के पास पांच सौ मीटर तक ही जलापूर्ति हो रही है। इस स्थिति में ग्रामीणों को पेयजल का इंतजाम करने में पसीने छूट रहे हैं। वहीं, विभागीय अफसर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में चुप्पी साधे हैं, जिससे ठेकेदारों के हौसले बुलंद बने हुए हैं।
कई योजनाएं आंशिक जलापूर्ति कर रही हैं तो कुछ बंद हैं। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी ने समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने तीन दिन के अंदर कमियां दूर करने के निर्देश पंचायत सचिवों को दिए हैं।
- बृजेंद्र कुमार, डीपीआरओ ललितपुर।