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Lalitpur News: 347 गांवों में जल संकट दूर, हर घर पहुंचने लगा शुद्ध जल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गर्मी के मौसम के बीच 347 गांवों में जल संकट दूर हो गया है। हर घर जल नल योजना के तहत 15 में 11 पाइप पेयजल परियोजनाएं करीब-करीब पूरी या अंतिम चरणों में पहुंचने के बाद पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। शेष तीन परियोजनाओं का काम तेजी से किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगले माह तक ये तीनों परियोजनाएं भी पूरी हो जाएंगी और शेष गांवों में पानी पहुंचने लगेगा।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल नल योजना की 15 पाइप पेयजल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनसे 560 गांवों में 9,56,255 लोगों को लाभान्वित किया जाना है। वर्ष 2020 के जून में पांच, नवंबर में दो और दिसंबर में छह परियोजनाओं का काम शुरू किया गया था, जबकि वर्ष 2021 में दो नई परियाेजनाओं पर काम शुरू कराया गया था। 11 ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनका काम पूरा हो चुका है। 347 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी गई है। अभी सुबह के समय पानी की सप्लाई दी जा रही है। तीन परियोजनाएं धौर्रा-बालाबेहट, कड़ेसरा-मऊ और जाखलौन-बिरधा पाइप पेयजल योजना का काम 80 फीसदी तक हो चुका है। अगले माह मई में इन परियोजनाओं के भी पूरी होने का दावा संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। इन तीनों ही परियोजनाओं के लिए बेतवा नदी से पानी लिया जाना है। बेतवा नदी पर पंप हाउस बनाया जाएगा।
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जनरेटर चलाकर की जा रही पानी की आपूर्ति
कुछ पेयजल परियोजनाओं पर बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया चलने के कारण जनरेटर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है। कई बार परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। विद्युत विभाग से कनेक्शन करवाने की प्रक्रिया चल रही है।
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भौंरट बांध में वन विभाग का पेंच फंसने से बिल्ला-मोगान परियोजना प्रभावित
जामनी नदी पर वर्ष 2014 में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से भौंरट बांध परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। इससे 7240 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य है। बांध परियोजना से करीब चार हजार किसान लाभान्वित होंगे। भौंरट बांध पर बिल्ला-मोगान पाइप पेयजल परियोजना के लिए पानी लिया जाना है। वर्तमान में यह परियोजना करीब-करीब पूरी हो चुकी है, लेकिन बांध को भरने पर डूब क्षेत्र में वन विभाग की कुछेक हेक्टेयर भूमि आ रही है। सिंचाई व वन विभाग के बीच बातचीत चल रही है। इस कारण से भौंरट बांध भरा नहीं जा पा रहा है। बिल्ला मोगान परियोजना के लिए वर्तमान में पानी नहीं मिल पा रहा है और यह परियोजना प्रभावित चल रही है।
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फैक्ट फाइल
- 15 डब्ल्यूटीपी
- 71 सीडब्ल्यूआर
- 3351.86 किमी पाइप लाइन
- 560 गांव में पहुंचेगा पानी
- 170366 घरों में नल कनेक्शन
- 9,56,255 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल
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इन बांधों और नदी से लिया जाना है पानी
यहां की 15 पाइप पेयजल योजनाएं राजघाट बांध, कचनौंदा बांध, जमरार बांध, लोअर रोहिणी बांध, रोहिणी बांध, भौंरट बांध, शहजाद बांध, जामनी बांध, सजनाम बांध, भावनी बांध, बंडई बांध पर निर्मित कराई गई हैं। इसके साथ बेतवा नदी पर तीन परियोजनाएं बनी हैं।
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कुल 15 में 11 पाइप पेयजल परियोजनाएं पूरी हो गई हैं। कुछ छोटे-मोटे कार्य बाकी हैं। इन परियोजनाओं से 347 गांवों में प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। शेष बची परियोजनाओं का काम भी अंतिम चरण में चल रहा है। मई माह तक ये परियोजनाएं भी पूरी करा ली जाएंगी।
राजेश कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे
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ललितपुर। गर्मी के मौसम के बीच 347 गांवों में जल संकट दूर हो गया है। हर घर जल नल योजना के तहत 15 में 11 पाइप पेयजल परियोजनाएं करीब-करीब पूरी या अंतिम चरणों में पहुंचने के बाद पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है। शेष तीन परियोजनाओं का काम तेजी से किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अगले माह तक ये तीनों परियोजनाएं भी पूरी हो जाएंगी और शेष गांवों में पानी पहुंचने लगेगा।
जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल नल योजना की 15 पाइप पेयजल परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इनसे 560 गांवों में 9,56,255 लोगों को लाभान्वित किया जाना है। वर्ष 2020 के जून में पांच, नवंबर में दो और दिसंबर में छह परियोजनाओं का काम शुरू किया गया था, जबकि वर्ष 2021 में दो नई परियाेजनाओं पर काम शुरू कराया गया था। 11 ऐसी परियोजनाएं हैं, जिनका काम पूरा हो चुका है। 347 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू करा दी गई है। अभी सुबह के समय पानी की सप्लाई दी जा रही है। तीन परियोजनाएं धौर्रा-बालाबेहट, कड़ेसरा-मऊ और जाखलौन-बिरधा पाइप पेयजल योजना का काम 80 फीसदी तक हो चुका है। अगले माह मई में इन परियोजनाओं के भी पूरी होने का दावा संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। इन तीनों ही परियोजनाओं के लिए बेतवा नदी से पानी लिया जाना है। बेतवा नदी पर पंप हाउस बनाया जाएगा।
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जनरेटर चलाकर की जा रही पानी की आपूर्ति
कुछ पेयजल परियोजनाओं पर बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया चलने के कारण जनरेटर के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है। कई बार परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। विद्युत विभाग से कनेक्शन करवाने की प्रक्रिया चल रही है।
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भौंरट बांध में वन विभाग का पेंच फंसने से बिल्ला-मोगान परियोजना प्रभावित
जामनी नदी पर वर्ष 2014 में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से भौंरट बांध परियोजना का निर्माण शुरू हुआ था। इससे 7240 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य है। बांध परियोजना से करीब चार हजार किसान लाभान्वित होंगे। भौंरट बांध पर बिल्ला-मोगान पाइप पेयजल परियोजना के लिए पानी लिया जाना है। वर्तमान में यह परियोजना करीब-करीब पूरी हो चुकी है, लेकिन बांध को भरने पर डूब क्षेत्र में वन विभाग की कुछेक हेक्टेयर भूमि आ रही है। सिंचाई व वन विभाग के बीच बातचीत चल रही है। इस कारण से भौंरट बांध भरा नहीं जा पा रहा है। बिल्ला मोगान परियोजना के लिए वर्तमान में पानी नहीं मिल पा रहा है और यह परियोजना प्रभावित चल रही है।
फैक्ट फाइल
- 15 डब्ल्यूटीपी
- 71 सीडब्ल्यूआर
- 3351.86 किमी पाइप लाइन
- 560 गांव में पहुंचेगा पानी
- 170366 घरों में नल कनेक्शन
- 9,56,255 लोगों को मिलेगा शुद्ध पेयजल
इन बांधों और नदी से लिया जाना है पानी
यहां की 15 पाइप पेयजल योजनाएं राजघाट बांध, कचनौंदा बांध, जमरार बांध, लोअर रोहिणी बांध, रोहिणी बांध, भौंरट बांध, शहजाद बांध, जामनी बांध, सजनाम बांध, भावनी बांध, बंडई बांध पर निर्मित कराई गई हैं। इसके साथ बेतवा नदी पर तीन परियोजनाएं बनी हैं।
कुल 15 में 11 पाइप पेयजल परियोजनाएं पूरी हो गई हैं। कुछ छोटे-मोटे कार्य बाकी हैं। इन परियोजनाओं से 347 गांवों में प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। शेष बची परियोजनाओं का काम भी अंतिम चरण में चल रहा है। मई माह तक ये परियोजनाएं भी पूरी करा ली जाएंगी।
राजेश कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे