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वार्ड चार गांधीनगर : खंभे न होने से गलियों में लटक रहीं केबलें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका के वार्ड नंबर चार गांधीनगर द्वितीय की गलियों में बिजली के खंभे तक नहीं लग सके हैं। केबलें लटक रही हैं। वाहनों की निकासी के दौरान केबल से टकराने पर टूटकर गिरने का भय बना रहता है। वार्ड में सड़क व पेयजल संकट भी बना हुआ है।
गांधीनगर द्वितीय की आबादी लगभग 14 हजार है। वार्ड में विकास तो दूर विद्युत व्यवस्था तक चौपट है। पांच गलियों में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। मोहल्लावासियों को लंबी केबल डालनी पड़ रही है। इससे गलियों में तार झूल रहे हैं। राहगीरों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। खजूर वाली गली, रामजी सेन वाली गली, बाबूलाल ठेकेदार वाली गली, श्मशान घाट के पीछे वाली गली, कुशवाहा बस्ती में गौड़बाबा मंदिर के पास आदि गलियों में यही स्थिति है।
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बिजली जाते ही बढ़ जाता है पेयजल संकट : वार्ड में अधिकांश गलियों में पेयजल संकट बना हुआ है। कहीं पानी के लिए पाइपलाइन नहीं है तो कहीं पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा है। कुछ क्षेत्रों में लोगों ने घर में बोर करा लिया है। इससे कुछ सुविधा तो हुई, लेकिन बिजली जाने पर मोटर नहीं चलने से पानी की समस्या हो जाती है।
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पाइपलाइन न होने से इन गलियों में है पेयजल संकट
- मेन रोड से सभासद के घर वाली गली।
- नेशनल कॉवेंट स्कूल वाली गली।
- अवंतीबाई स्कूल के पीछे वाले गली।
- साहू मोहल्ला में पेयजल संकट।
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कहीं सड़क का अभाव तो कहीं जर्जर
- खजूर वाली गली की सड़क जर्जर
- साहू मोहल्ला में सड़क खराब
- बाबूलाल ठेकेदार वाली कच्ची गली बनी दलदल
- गायत्री मंदिर के क्षेत्र में सड़क बदहाल
- शनि मंदिर के पास सड़क का अभाव
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ललितपुर। नगर पालिका के वार्ड नंबर चार गांधीनगर द्वितीय की गलियों में बिजली के खंभे तक नहीं लग सके हैं। केबलें लटक रही हैं। वाहनों की निकासी के दौरान केबल से टकराने पर टूटकर गिरने का भय बना रहता है। वार्ड में सड़क व पेयजल संकट भी बना हुआ है।
गांधीनगर द्वितीय की आबादी लगभग 14 हजार है। वार्ड में विकास तो दूर विद्युत व्यवस्था तक चौपट है। पांच गलियों में अब तक विद्युतीकरण नहीं हो सका है। मोहल्लावासियों को लंबी केबल डालनी पड़ रही है। इससे गलियों में तार झूल रहे हैं। राहगीरों को करंट लगने का खतरा बना रहता है। खजूर वाली गली, रामजी सेन वाली गली, बाबूलाल ठेकेदार वाली गली, श्मशान घाट के पीछे वाली गली, कुशवाहा बस्ती में गौड़बाबा मंदिर के पास आदि गलियों में यही स्थिति है।
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बिजली जाते ही बढ़ जाता है पेयजल संकट : वार्ड में अधिकांश गलियों में पेयजल संकट बना हुआ है। कहीं पानी के लिए पाइपलाइन नहीं है तो कहीं पाइपलाइन में पानी नहीं आ रहा है। कुछ क्षेत्रों में लोगों ने घर में बोर करा लिया है। इससे कुछ सुविधा तो हुई, लेकिन बिजली जाने पर मोटर नहीं चलने से पानी की समस्या हो जाती है।
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पाइपलाइन न होने से इन गलियों में है पेयजल संकट
- मेन रोड से सभासद के घर वाली गली।
- नेशनल कॉवेंट स्कूल वाली गली।
- अवंतीबाई स्कूल के पीछे वाले गली।
- साहू मोहल्ला में पेयजल संकट।
कहीं सड़क का अभाव तो कहीं जर्जर
- खजूर वाली गली की सड़क जर्जर
- साहू मोहल्ला में सड़क खराब
- बाबूलाल ठेकेदार वाली कच्ची गली बनी दलदल
- गायत्री मंदिर के क्षेत्र में सड़क बदहाल
- शनि मंदिर के पास सड़क का अभाव