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रेलवे के वेटिंग हॉल में तड़प-तड़प कर बुजुर्ग की मौत

Tue, 06 Sep 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 06 Sep 2016 01:05 AM IST
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 Waiting hall of the railway in the death of the elderly suffer - suffer
rly station, lalitpur news - फोटो : demo
ललितपुर। रेलवे स्टेशन पर उस समय मानवता तार-तार हो गई, जब सिद्धार्थनगर जनपद के मुसाफिर ने वेटिंग रूम में इलाज के इंतजार में दम तोड़ दिया। बुजुर्ग यात्री को सुबह अचानक पैरालिसिस का अटैक पड़ गया। इससे उसके आधे शरीर ने काम करना बंद कर दिया। उसके आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन दर्द से कराह रहे बुजुर्ग की किसी ने मदद नहीं की। वह लोगों से मदद मांगता रहा, लेकिन किसी को तरस नहीं आया। इलाज और मदद के इंतजार में करीब चार घंटे बाद उसने दम तोड़ दिया। रेल अधिकारियों की संवेदनहीनता ने रेलवे द्वारा मरीजों को त्वरित उपचार मुहैया कराने की सुविधा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर स्थित वेटिंग हॉल में सोमवार की सुबह करीब छह बजे सिद्धार्थनगर जनपद के सतवादी निवासी करम हुसैन पुत्र अब्दुल वहाब (60) को अचानक पैरालिसिस का अटैक आ गया। इससे उनका आधा शरीर शून्य हो गया। पीड़ा बढ़ने पर वह बेहोश हो गए। इस पर उनके पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ देर बाद उन्हें होश तो आया, लेकिन वह उठ तक नहीं पा रहे थे।
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इस पर उन्होंने वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी और परिजनों को सूचना देने के लिए मोबाइल नंबर भी दिया। कुछ लोगों ने मोबाइल नंबर मिलाया, लेकिन वह लगा नहीं। दर्द की वजह से ठीक से बोल भी नहीं पा रहे बुजुर्ग की आंखें लोगों की ओर मदद की आस से देखती रहीं। लेकिन, किसी को उनकी बेबसी पर तरस नहीं आया। सुबह छह बजे से चार घंटे तक वह स्टेशन के वेटिंग हॉल में तड़पते रहे।
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मदद और उपचार के इंतजार ने बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया। इसके बाद जागे रेल अधिकारियों ने आरपीएफ को वेटिंग हॉल में बीमार व्यक्ति के संबंध में मेमो भेजकर सूचना दी। जिस पर सुबह करीब साढ़े दस बजे आरपीएफ सिपाही हेमंत सिंह बुजुर्ग को जिला अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। पड़ताल में वृद्ध  की जेब में रखे पर्स में मिले परिचय पत्र से पहचान की गई। जेब में 320 रुपए पाए गए। लेकिन, वृद्ध के पास कोई टिकट नहीं मिला है। 

आरपीएफ थानाध्यक्ष केपीएस बुंदेला ने बताया कि वृद्ध के पास मिले परिचय पत्र व अन्य दस्तावेजों से शिनाख्त हो गई है। पुलिस द्वारा वृद्ध के परिजनों से संपर्क किया गया है। उन्होंने बताया कोई टिकट नहीं मिला है, जिससे यह कहना मुश्किल है कि वह कहां से आया और कहां जा रहा था।

जानकारी मिलने पर तत्काल 108 एंबुलेंस को बुलाया गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं आने पर वृद्ध को टैक्सी में बैठाकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने वृद्ध मृत घोषित कर दिया। 

- डी चतुर्वेदी, डिप्टी एसएस, ललितपुर

ललितपुर रेलवे स्टेशन पर वृद्ध की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। छोटे स्टेशनों पर चिकित्सक की व्यवस्था नहीं होती है। अगर किसी यात्री को उपचार की आवश्यकता पड़ती है तो स्टेशन स्टॉफ डॉक्टर या एंबुलेंस बुलाकर मरीज का उपचार कराता है। 
- गिरीश कंचन, पीआरओ रेलवे झांसी मंडल  
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