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Lalitpur News: पांच माह से है बिजली आने का इंतजार, अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिरधा। बिरधा सब स्टेशन अंतर्गत ग्राम सतरवांस में पांच महीने पहले आंधी तूफान में बिजली के पांच खंभे टूट गए थे, लेकिन विभाग द्वारा अब तक सुध नहीं ली गई। इससे किसान रबी की फसल के लिए परेशान हो रहे हैं।
बिरधा विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत खितवांस फीडर के सतरवास गांव में जून माह में प्राकृतिक आपदा आंधी तूफान के कारण बिजली के पांच खंभे टूट गए थे। इस पर किसानों के ट्यूबवेल के करीब ग्यारह कनेक्शन हैं।
किसानों द्वारा कई बार शिकायत की गई, जिस पर विभाग द्वारा यहां खंभे तो पहुंचा दिए, लेकिन इसके बाद कोई सुध नहीं ली। इस पर किसानों ने खुद ही वहां रखे खंभे लगा दिए। लेकिन इसके बाद भी अब तक लाइन नहीं जोड़ी गई। अब किसानों की फसलें लगभग 35 से 40 दिन तक की हो गई हैं। लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण सूखने की कगार पर हैं। बिजली विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, इससे किसानों को अब फसलों में पानी की चिंता सता रही है।
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बिरधा। बिरधा सब स्टेशन अंतर्गत ग्राम सतरवांस में पांच महीने पहले आंधी तूफान में बिजली के पांच खंभे टूट गए थे, लेकिन विभाग द्वारा अब तक सुध नहीं ली गई। इससे किसान रबी की फसल के लिए परेशान हो रहे हैं।
बिरधा विद्युत उपकेंद्र अंतर्गत खितवांस फीडर के सतरवास गांव में जून माह में प्राकृतिक आपदा आंधी तूफान के कारण बिजली के पांच खंभे टूट गए थे। इस पर किसानों के ट्यूबवेल के करीब ग्यारह कनेक्शन हैं।
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किसानों द्वारा कई बार शिकायत की गई, जिस पर विभाग द्वारा यहां खंभे तो पहुंचा दिए, लेकिन इसके बाद कोई सुध नहीं ली। इस पर किसानों ने खुद ही वहां रखे खंभे लगा दिए। लेकिन इसके बाद भी अब तक लाइन नहीं जोड़ी गई। अब किसानों की फसलें लगभग 35 से 40 दिन तक की हो गई हैं। लेकिन पानी नहीं मिलने के कारण सूखने की कगार पर हैं। बिजली विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहा है, इससे किसानों को अब फसलों में पानी की चिंता सता रही है।
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