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रोजगार के लिए प्रशासनिक अधिकारियों से मिलेगा विष्णु
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ललितपुर। बिना कसूर 20 साल जेल में बिताने के बाद घर लौटे विष्णु तिवारी और उसके परिवारवालों को समाज में सम्मान तो मिला, लेकिन उसे अपना भविष्य संवरता नजर नहीं आ रहा है। मजदूरी के सिवा उसके पास कोई चारा नहीं है। उसका कहना है कि मदद के लिए प्रशासन को आगे आना चाहिए, ताकि वह रोजगार पाकर नया जीवन शुरू कर सके। उसका पुश्तैनी घर भी जर्जर है और पूरा परिवार किराए के घर में रह रहा है।
विष्णु ने बताया कि जिस तरह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए उसने उम्मीद जगाए रखी, उसी तरह उम्मीद है कि प्रशासन उसकी सुनेगा। जमीन है नहीं और भरण पोषण का आधार मजदूरी है। प्रशासन अगर मदद करे और रोजगार मुहैया कराए तो वह एक बार फिर अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर आजीविका चला सकता है। घर अब रहने लायक नहीं रह गया है। परिवार गरीबी में जीवन गुजार रहा है। सामाजिक त्रासदी का जो चित्र मनोमस्तिष्क पर बन गया है, वह भुलाए नहीं भूलता। यह कहते हुए रुआंसा हो गया और कहा कि कोर्ट से न्याय मिल गया और वह जेल से बाहर आकर खुली हवा में सांस ले रहा है, लेकिन क्या बीते समय को कोई लौटा सकता है। विष्णु के चाचा सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि अपने को सामान्य रखने के लिए वह दोस्तों के साथ बैठ रहा है, ताकि पुरानी यादें उस पर हावी न हों। विष्णु ने कहा कि वह एक बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर रोजगार की मांग करेगा। उसे प्रशासन से काफी उम्मीद है।
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विष्णु ने बताया कि जिस तरह खुद को निर्दोष साबित करने के लिए उसने उम्मीद जगाए रखी, उसी तरह उम्मीद है कि प्रशासन उसकी सुनेगा। जमीन है नहीं और भरण पोषण का आधार मजदूरी है। प्रशासन अगर मदद करे और रोजगार मुहैया कराए तो वह एक बार फिर अपना जीवन नए सिरे से शुरू कर आजीविका चला सकता है। घर अब रहने लायक नहीं रह गया है। परिवार गरीबी में जीवन गुजार रहा है। सामाजिक त्रासदी का जो चित्र मनोमस्तिष्क पर बन गया है, वह भुलाए नहीं भूलता। यह कहते हुए रुआंसा हो गया और कहा कि कोर्ट से न्याय मिल गया और वह जेल से बाहर आकर खुली हवा में सांस ले रहा है, लेकिन क्या बीते समय को कोई लौटा सकता है। विष्णु के चाचा सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि अपने को सामान्य रखने के लिए वह दोस्तों के साथ बैठ रहा है, ताकि पुरानी यादें उस पर हावी न हों। विष्णु ने कहा कि वह एक बार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर रोजगार की मांग करेगा। उसे प्रशासन से काफी उम्मीद है।
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