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जनपद में फिर से जगी यूरेनियम की आस, मडावरा के पिसनारी क्षेत्र में आरक्षित किया गया एक ब्लॉक
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ललितपुर। जनपद में यूरेनियम जैसे खनिज की संभावनाएं फिर से प्रबल दिखाई दे रही हैं। पूर्व सर्वे के दौरान जनपद में जो तलाश की गई थी वह पूरी नहीं हो पाई थी। अब नए सिरे से मड़ावरा क्षेत्र में इसकी खोज प्रारंभ करने की योजना बनाई जा रही है।
मड़ावरा के पिसनारी क्षेत्र में रॉक फास्फेट खनन पट्टे के लिए जो ब्लॉक तैयार किए गए थे, उनमें से एक ब्लॉक को ग्लोबल टेंडर में शामिल नहीं किया गया है और इसे आरक्षित किया गया है। जहां पर भू-वैज्ञानिकों की टीम जांच करेगी। शुरूआती दौर में कुछ ऐसे पत्थर यहां से प्राप्त हुए थे। उनमें यूरेनियम की संभावनाएं प्रबल दिख रही हैं।
बुंदेलखंड क्षेत्र की धरती अपने भूगर्भ में बेशकीमती खनिज संपदाओं का भंडार समेटे हुए है। जिस कारण इस क्षेत्र को खनिज संपदाओं का क्षेत्र भी कहा जाता है। जनपद में आयरन व प्लेटिनम सहित अन्य खनिज तत्वों की पुष्टि हो चुकी है। अब जनपद में यूरेनियम होने की एक बार फिर से संभावनाएं जगी हैं। इसका कारण है कि मड़ावरा के पिसनारी क्षेत्र में खनिज तत्व के छह ब्लॉक तैैयार किए गए थे। जिसमें से रॉक फास्फेट के लिए पांच ब्लॉक से खनिज तत्व निकालने के लिए टेंडर निकाले गए है।
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वहीं इस क्षेत्र के एक ब्लॉक को आरक्षित करते हुए इसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। इस ब्लॉक में यूरेनियम होने की संभावना प्रबल है। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने इस ब्लॉक को आरक्षित कर किसी प्रकार की गतिविधि इस क्षेत्र में न करने के आदेश दिए गए है। प्रारंभिक जांच से तो स्पष्ट था कि यहां पर यूरेनियम की संभावना प्रबल है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी पुष्टि एवं क्वालिटी की सही जानकारी हो पाएगी। इस क्षेत्र के अलावा भी अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण धातुओं की खोज खनन विभाग द्वारा जारी है।
ग्राम बंट क्षेत्र में हीरा होने के लगे हैं सुराग
खनिज विभाग द्वारा जनपद में खनिज तत्वों की खोज अभियान में तब बड़ी सफलता हाथ लगी थी जब खनिज विभाग को तहसील पाली के ग्राम बंट क्षेत्र में हीरा जैसे बेशकीमती धातु होने के सुराग हाथ लगे थे। खनिज विभाग ने ऐसे पत्थरों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। अब सबकी नजरें प्रयोगशाला से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
जनपद में कई विशेष खनिज मिलने की संभावनाएं हैं। इसके लिए निरंतर शासन की गठित टीमों के द्वारा सर्वे किया जा रहा है।
शशांक शर्मा, जिला खान अधिकारी
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मड़ावरा के पिसनारी क्षेत्र में रॉक फास्फेट खनन पट्टे के लिए जो ब्लॉक तैयार किए गए थे, उनमें से एक ब्लॉक को ग्लोबल टेंडर में शामिल नहीं किया गया है और इसे आरक्षित किया गया है। जहां पर भू-वैज्ञानिकों की टीम जांच करेगी। शुरूआती दौर में कुछ ऐसे पत्थर यहां से प्राप्त हुए थे। उनमें यूरेनियम की संभावनाएं प्रबल दिख रही हैं।
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बुंदेलखंड क्षेत्र की धरती अपने भूगर्भ में बेशकीमती खनिज संपदाओं का भंडार समेटे हुए है। जिस कारण इस क्षेत्र को खनिज संपदाओं का क्षेत्र भी कहा जाता है। जनपद में आयरन व प्लेटिनम सहित अन्य खनिज तत्वों की पुष्टि हो चुकी है। अब जनपद में यूरेनियम होने की एक बार फिर से संभावनाएं जगी हैं। इसका कारण है कि मड़ावरा के पिसनारी क्षेत्र में खनिज तत्व के छह ब्लॉक तैैयार किए गए थे। जिसमें से रॉक फास्फेट के लिए पांच ब्लॉक से खनिज तत्व निकालने के लिए टेंडर निकाले गए है।
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वहीं इस क्षेत्र के एक ब्लॉक को आरक्षित करते हुए इसे टेंडर प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया। इस ब्लॉक में यूरेनियम होने की संभावना प्रबल है। इस स्थिति को देखते हुए शासन ने इस ब्लॉक को आरक्षित कर किसी प्रकार की गतिविधि इस क्षेत्र में न करने के आदेश दिए गए है। प्रारंभिक जांच से तो स्पष्ट था कि यहां पर यूरेनियम की संभावना प्रबल है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी पुष्टि एवं क्वालिटी की सही जानकारी हो पाएगी। इस क्षेत्र के अलावा भी अन्य क्षेत्रों में महत्वपूर्ण धातुओं की खोज खनन विभाग द्वारा जारी है।
ग्राम बंट क्षेत्र में हीरा होने के लगे हैं सुराग
खनिज विभाग द्वारा जनपद में खनिज तत्वों की खोज अभियान में तब बड़ी सफलता हाथ लगी थी जब खनिज विभाग को तहसील पाली के ग्राम बंट क्षेत्र में हीरा जैसे बेशकीमती धातु होने के सुराग हाथ लगे थे। खनिज विभाग ने ऐसे पत्थरों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा है। अब सबकी नजरें प्रयोगशाला से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
जनपद में कई विशेष खनिज मिलने की संभावनाएं हैं। इसके लिए निरंतर शासन की गठित टीमों के द्वारा सर्वे किया जा रहा है।
शशांक शर्मा, जिला खान अधिकारी