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निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू.

Fri, 17 Dec 2021 01:51 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 17 Dec 2021 01:51 AM IST
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Two-day strike of bank workers started in protest against privatization
ललितपुर। निजीकरण को लेकर जनपद के सभी सरकारी बैंकों में बृहस्पतिवार को कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने तुवन चौराहा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर एकत्रित होकर नारेबाजी करते हुए निजीकरण का विरोध जताया। पहले दिन सभी सरकारी बैंकों में काम नहीं होने के कारण जनपद के बैंकों में करीब एक सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित रहा।
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जनपद में बृहस्पतिवार से सरकार बैंकों के कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। जिसमें सभी बैंक यूनियन ने शामिल होकर बैंकों के निजीकरण का विरोध जताया और बैंकों में पूरे दिन कामकाज बंद करते हुए ताला लगा दिया। जिससे बैंकों में कोई भी काम नहीं हो सका और पहले ही दिन करीब सौ करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ। सभी बैंक के यूूनियन के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रह कर तुवन चौराहा स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर सुबह से ही एकत्रित हो गए और प्रदर्शन करते हुए निजीकरण के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
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इस दौरान यहां भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी इकरार अहमद ने निजीकरण के नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि निजीकरण की वजह से बैंकों का मुख्य उद्देश्य समाज सेवा न रहकर मुनाफा कमाना रह जाएगा। जिससे समाज के अधिकांश लोगों को सस्ती और सुलभ बैंकिंग सेवाएं नहीं मिल पाएंगी। बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक दीपेंद्र गोस्वामी ने कहा कि हर मर्ज की दवा सिर्फ निजीकरण ही नहीं है। इससे बैंकों के कर्मचारियों के साथ ही आम जनता भी प्रभावित होगी।
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पीएनबी के प्रबंधक सच्चिदानंद मंडल ने कहा कि बैंकों में जनता का लाखों करोड़ों रुपये जमा है। जो निजीकरण के बाद सीधे ेप्राइवेट कार्पोरेट के हाथों में पहुंच जाएगा। जिसका उपयोग वे अपने और अपने नजदीकियों के हित में करेंगे। साथ ही सरकार की जितनी भी योजनाएं बैंकों के माध्यम से चलाई जा रही हैं, उन पर भी प्रभाव पड़ेगा।
हड़ताल में रामबाबू, अनुराग सिंह शाक्य, प्रतीक जैन, गौरव शर्मा, हीरालाल, महेंद्र कुमार, राहुल पंथ, मनोहर, उमैर खान, अंकित, मोहित जैन, माधवी, प्रशांत जैन, सचिन यादव आदि शामिल रहे।
तालबेहट। वहीं तालबेहट में पंजाब नेशनल बैंक के सामने कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए विरोध जताया। समस्त राष्ट्रीयकृत बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समूह यूनाइटेेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन एवं सरकार द्वारा बैंकों के निजीकरण एवं संसद में पेश होने वाले बैंकिग संशोधन विधेयक के विरोध में सभी बैंक कर्मचारी दो दिन से हड़ताल पर है। हड़ताल के पहले दिन बृहस्पतिवार को नगर की समस्त बैंकों में ताले लटके रहे।

प्रदर्शन के दौरान मंडल उपाध्यक्ष अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार ही इस नीति से कुछ समय बाद बैंक कर्मचारी पूरी तरह से प्राइवेट हाथों की कठपुतली बन जाएगा। वहीं शिवचरन ने सरकार द्वारा लाए जा रहे संशोधन को जनता के लिए घातक बताते हुए वापस लेने की बात कही। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में एमपी दीक्षित, अभिषेक मुखर्जी, अनूप कुमार, मनीष तिवारी, उर्मिला, शोभा, उमेश पस्तोर, अमित बबेले, सौरभ दीक्षित, सुनील बाल्मीकि, खलील अहमद आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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