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Lalitpur News: जामनी बांध के भरने के बाद फिर शुरू हुआ पानी का रिसाव
Mon, 31 Aug 2026 01:03 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
Updated Mon, 31 Aug 2026 01:03 AM IST
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ललितपुर। जामनी बांध के पूर्ण रूप से भरने के बाद इससे पानी का रिसाव पुनः शुरू हो गया है। निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों ने रविवार को बांध से पानी का रिसाव होते देखा। यह खबर तेजी से आसपास के गांवों में फैल गई। सूचना मिलने पर मड़ावरा एसडीएम मदनमोहन गुप्ता और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांध से हो रहे रिसाव का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और रिसाव से कोई खतरा नहीं है।
तहसील मड़ावरा क्षेत्र में जामनी नदी पर 53 वर्ष पूर्व जामनी बांध का निर्माण किया गया था। इसका पूर्ण जलस्तर 403.55 मीटर है। बांध में पानी भरने की कुल क्षमता 92.87 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है। बांध में 75.04 एमसीएम पानी भर चुका है और इसका जलस्तर 402.82 मीटर पर पहुंच गया है। मानसून सीजन में बांध का जलस्तर 402 मीटर तक पहुंचने के बाद इसमें पिछले कई सालों से रिसाव शुरू हो जाता है। इसे बंद करने के लिए सिंचाई विभाग ने गर्मी के सीजन में डाउनस्ट्रीम में मिट्टी, बालू, छोटी गिट्टी, बड़ी गिट्टी और इसके ऊपर बड़े पत्थर बोल्डर की पिचिंग सहित अन्य सुधार कार्य किए थे। अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी कि इस बार मानसून के सीजन में बांध से रिसाव नहीं होगा। हाल के दिनों में जामनी बांध के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश से पानी की आवक बढ़ी और बांध भरने लगा। अधिकारी भी बांध के पूरा भरने और रिसाव के लिए कराए गए काम की सफलता पर नजर जमाए थे। बांध का जलस्तर 402.82 मीटर तक पहुंचा तो पानी का रिसाव शुरू हो गया। रविवार को बहादुर, बछरावनी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने बांध में रिसाव होते देखा। रिसाव होने से गांव के लोगों में चर्चा शुरू हुई और हड़कंप मच गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी मड़ावरा मदनमोहन गुप्ता, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रोहित बंसल सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांध के रिसाव वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद निचले इलाकों के लोगों को आश्वस्त किया कि बांध से किसी प्रकार का खतरा नहीं है। बांध के रिस रहे पानी के लिए यहां पर एक नाली बनाई गई है।
बांध के 17.91 करोड़ रुपये से कराया गया था जीर्णोद्धार
बांध काफी पुराना होने के कारण इसके जीर्णोद्धार का कार्य 17.91 करोड़ रुपये से कराया गया था। इसके साथ इस साल गर्मी के सीजन में रिसाव वाले स्थान के दोनों ओर 50-50 मीटर का फिल्टर बनाकर सुधार कार्य किया था। इसके साथ अन्य उपाय भी किए गए थे। लेकिन बांध का रिसाव बंद नहीं हुआ।
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बांध से रिसाव बंद करने के लिए गर्मी के दिनों में वर्ल्ड बैंक की गाइडलाइन के अनुसार कार्य कराया गया था। इससे बांध से कम मात्रा में पानी रिस रहा है। बांध को इस रिसाव से कोई खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध पर मौजूद हैं और लगातार निगरानी कर रहे हैं।
रोहित बंसल, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड
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तहसील मड़ावरा क्षेत्र में जामनी नदी पर 53 वर्ष पूर्व जामनी बांध का निर्माण किया गया था। इसका पूर्ण जलस्तर 403.55 मीटर है। बांध में पानी भरने की कुल क्षमता 92.87 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है। बांध में 75.04 एमसीएम पानी भर चुका है और इसका जलस्तर 402.82 मीटर पर पहुंच गया है। मानसून सीजन में बांध का जलस्तर 402 मीटर तक पहुंचने के बाद इसमें पिछले कई सालों से रिसाव शुरू हो जाता है। इसे बंद करने के लिए सिंचाई विभाग ने गर्मी के सीजन में डाउनस्ट्रीम में मिट्टी, बालू, छोटी गिट्टी, बड़ी गिट्टी और इसके ऊपर बड़े पत्थर बोल्डर की पिचिंग सहित अन्य सुधार कार्य किए थे। अधिकारियों को पूरी उम्मीद थी कि इस बार मानसून के सीजन में बांध से रिसाव नहीं होगा। हाल के दिनों में जामनी बांध के कैचमेंट एरिया में हुई बारिश से पानी की आवक बढ़ी और बांध भरने लगा। अधिकारी भी बांध के पूरा भरने और रिसाव के लिए कराए गए काम की सफलता पर नजर जमाए थे। बांध का जलस्तर 402.82 मीटर तक पहुंचा तो पानी का रिसाव शुरू हो गया। रविवार को बहादुर, बछरावनी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों ने बांध में रिसाव होते देखा। रिसाव होने से गांव के लोगों में चर्चा शुरू हुई और हड़कंप मच गया। सूचना पर उपजिलाधिकारी मड़ावरा मदनमोहन गुप्ता, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता रोहित बंसल सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांध के रिसाव वाले क्षेत्र का निरीक्षण किया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद निचले इलाकों के लोगों को आश्वस्त किया कि बांध से किसी प्रकार का खतरा नहीं है। बांध के रिस रहे पानी के लिए यहां पर एक नाली बनाई गई है।
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बांध के 17.91 करोड़ रुपये से कराया गया था जीर्णोद्धार
बांध काफी पुराना होने के कारण इसके जीर्णोद्धार का कार्य 17.91 करोड़ रुपये से कराया गया था। इसके साथ इस साल गर्मी के सीजन में रिसाव वाले स्थान के दोनों ओर 50-50 मीटर का फिल्टर बनाकर सुधार कार्य किया था। इसके साथ अन्य उपाय भी किए गए थे। लेकिन बांध का रिसाव बंद नहीं हुआ।
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बांध से रिसाव बंद करने के लिए गर्मी के दिनों में वर्ल्ड बैंक की गाइडलाइन के अनुसार कार्य कराया गया था। इससे बांध से कम मात्रा में पानी रिस रहा है। बांध को इस रिसाव से कोई खतरा नहीं है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांध पर मौजूद हैं और लगातार निगरानी कर रहे हैं।
रोहित बंसल, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड