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शीशम, बबूल और यूकेलिप्टस के काटे गए पेड़, मुकदमा
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ललितपुर। गल्ला मंडी परिसर में पेड़ों के अवैध कटान में मंडी समिति घिर गई है। ललितपुर वन रेंज कर्मियों ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गल्ला मंडी में किसानों को अनाज से उड़ने वाली धूल व गर्मियों की धूप से छुटकारा दिलाने के लिए जगह-जगह पौधे लगाए गए हैं, जो अब पेड़ का रूप ले चुके हैं। बीते दिनों यहां लगे तीन शीशम, एक बबूल और तीन यूकेलिप्टिस के प़ेड बगैर किसी नीलामी व वैध प्रक्रिया के काट लिए गए। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मी सक्रिय हो गए। शुक्रवार को ललितपुर रेंज के डिप्टी रेंजर अनूप श्रीवास्तव अन्य कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पेड़ों का अवैध कटान पाया। इस पर वन कर्मियों ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पेड़ों के कटान के मामले में मंडी समिति व मंडी चौकी की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया गया है कि मंडी में चार दिन पहले पेड़ों का कटान हो गया था, जिसकी सूचना मंडी समिति ने वन विभाग को नहीं दी और न मंडी चौकी पुलिस को पेड़ों के कटान की भनक लगी, जबकि पुलिस चौकी इसी परिसर में स्थापित है। जब भी सरकारी परिसर में पेड़ों को काटा जाता है, उसके लिए नियमानुसार प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले पेड़ों का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें काटे जाने वाले पेड़ों की लंबाई और मोटाई का ब्योरा तैयार किया जाता है। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें वन विभाग से निकासी प्रमाण पत्र लेकर उसका परिवहन कर सकते हैं। मंडी परिसर में काटे गए पेड़ों के मामले में इस प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे मंडी समिति व मंडी चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पेड़ों के कटान की सूचना मिलने पर ललितपुर रेंज के कर्मियों को मौके पर भेजा गया था। इसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- आरएस यादव
एसडीओ वन, ललितपुर
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गल्ला मंडी में किसानों को अनाज से उड़ने वाली धूल व गर्मियों की धूप से छुटकारा दिलाने के लिए जगह-जगह पौधे लगाए गए हैं, जो अब पेड़ का रूप ले चुके हैं। बीते दिनों यहां लगे तीन शीशम, एक बबूल और तीन यूकेलिप्टिस के प़ेड बगैर किसी नीलामी व वैध प्रक्रिया के काट लिए गए। सूचना पाकर वन विभाग के कर्मी सक्रिय हो गए। शुक्रवार को ललितपुर रेंज के डिप्टी रेंजर अनूप श्रीवास्तव अन्य कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां पेड़ों का अवैध कटान पाया। इस पर वन कर्मियों ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पेड़ों के कटान के मामले में मंडी समिति व मंडी चौकी की पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया गया है कि मंडी में चार दिन पहले पेड़ों का कटान हो गया था, जिसकी सूचना मंडी समिति ने वन विभाग को नहीं दी और न मंडी चौकी पुलिस को पेड़ों के कटान की भनक लगी, जबकि पुलिस चौकी इसी परिसर में स्थापित है। जब भी सरकारी परिसर में पेड़ों को काटा जाता है, उसके लिए नियमानुसार प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सबसे पहले पेड़ों का मूल्यांकन किया जाता है। इसमें काटे जाने वाले पेड़ों की लंबाई और मोटाई का ब्योरा तैयार किया जाता है। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें वन विभाग से निकासी प्रमाण पत्र लेकर उसका परिवहन कर सकते हैं। मंडी परिसर में काटे गए पेड़ों के मामले में इस प्रक्रिया को नजरअंदाज कर दिया गया है। इससे मंडी समिति व मंडी चौकी पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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पेड़ों के कटान की सूचना मिलने पर ललितपुर रेंज के कर्मियों को मौके पर भेजा गया था। इसमें दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
- आरएस यादव
एसडीओ वन, ललितपुर