{"_id":"5eb5a1068ebc3ea821497603","slug":"tlabour-housand-kilometer-run-on-caught-in-border-lalitpur-news-jhs1663051146","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैकड़ों किलोमीटर चलकर आए मजदूर बार्डर पर फंसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सैकड़ों किलोमीटर चलकर आए मजदूर बार्डर पर फंसे
विज्ञापन
अमझरा घाटी बॉर्डर पर चेकिंग करते सीओ
- फोटो : LALITPUR
डोंगराखुर्द (ललितपुर)। जिले की सीमा अमझरा घाटी पर बाहर से आने वाले लोगों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एसडीएम पाली और क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में पुलिस ने बार्डर पर आने वाले वाहनों को रुकवाया और पास नहीं होने पर वाहनों के चालान किए। पांच सौ लोग अभी भी फंसे हुए हैं। वहीं, महानगरों से सैकड़ों किलोमीटर चलकर आए और दूसरे राज्य की सीमा में प्रवेश नहीं कर पा रहे है।
उपजिलाधिकारी पाली अनिल कुमार व पुलिस क्षेत्राधिकारी पाली फूलसिंह की मौजूदगी में पुलिस ने बार्डर पर चेकिंग की। जिन वाहनों के पास नहीं थे, उनका चालान कर दिया। जिन्हें निकलने की अनुमति थी, केवल, उन्हीं वाहनों को निकलने दिया गया। इनमें आवश्यक वस्तुओं को वाले वाहन थे या इमरजेंसी वाहन शामिल थे। चेकिंग के दौरान ट्रक, पिकअप, लोडिंग वाहनों में ठसाठस बैठे लोगों को रोककर उन्हें व्यवस्थित किया गया। पांच वाहनों को सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर ऑनलाइन चालान कर दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा सैकड़ों मजदूरों को गृह जनपद भिजवाजा जा चुका है, फिर भी लोगों की भीड़ बढ़ रही है। पुलिस ने बताया कि ट्रकों में 70 -80 लोग ठसाठस बैठकर जा रहे हैं, जिन्हें रोक दिया गया है। वैश्विक महामारी कोराना से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रोज कमाने खाने वाले इससे सर्वाधिक बेहाल हुए हैं। अपने घर से दूर जाकर अन्य प्रदेशों के महानगरों में मजदूरी करने वाले आज लॉकडाउन में फंस कर रह गए हैं। 500 लोग अबभी फंसे हुए हैं। अमझरा घाटी बॉर्डर पर कड़ी नाकाबंदी की गई है। यहां पुलिस तैनात है जो पैदल या किसी वाहन से आ रहे हैं, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।
जालौन के परिवार फंसे
पुरुष, महिला और छोटे बच्चे, जो जिला जालौन के उरई के आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। वह पंजाब और गोरखपुर और हरियाणा से आए हैं। वह अपने घर जाना चाहते हैं। इसके अलावा पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश के मुरैना और उप्र के संत कबीर नगर के निवासी भी हैं।
विज्ञापन
मजदूरों को भिजवाने के लिए पंद्रह बसें आ रहीं
मध्य प्रदेश से बार्डर पर लगातार भीड़ बढ़ रही है। करीब पांच सौ लोग चेकिंग के दौरान ट्रक में मुर्गों की तरह भरे थे। उन लोगों को उतारकर ट्रक को सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने में सीज कर दिया गया है। मजदूरों को भिजवाने के लिए पंद्रह बसें आ रही हैं।
- फूलसिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी पाली
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी पाली अनिल कुमार व पुलिस क्षेत्राधिकारी पाली फूलसिंह की मौजूदगी में पुलिस ने बार्डर पर चेकिंग की। जिन वाहनों के पास नहीं थे, उनका चालान कर दिया। जिन्हें निकलने की अनुमति थी, केवल, उन्हीं वाहनों को निकलने दिया गया। इनमें आवश्यक वस्तुओं को वाले वाहन थे या इमरजेंसी वाहन शामिल थे। चेकिंग के दौरान ट्रक, पिकअप, लोडिंग वाहनों में ठसाठस बैठे लोगों को रोककर उन्हें व्यवस्थित किया गया। पांच वाहनों को सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने पर ऑनलाइन चालान कर दिए गए। जिला प्रशासन द्वारा सैकड़ों मजदूरों को गृह जनपद भिजवाजा जा चुका है, फिर भी लोगों की भीड़ बढ़ रही है। पुलिस ने बताया कि ट्रकों में 70 -80 लोग ठसाठस बैठकर जा रहे हैं, जिन्हें रोक दिया गया है। वैश्विक महामारी कोराना से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। रोज कमाने खाने वाले इससे सर्वाधिक बेहाल हुए हैं। अपने घर से दूर जाकर अन्य प्रदेशों के महानगरों में मजदूरी करने वाले आज लॉकडाउन में फंस कर रह गए हैं। 500 लोग अबभी फंसे हुए हैं। अमझरा घाटी बॉर्डर पर कड़ी नाकाबंदी की गई है। यहां पुलिस तैनात है जो पैदल या किसी वाहन से आ रहे हैं, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।
विज्ञापन
जालौन के परिवार फंसे
पुरुष, महिला और छोटे बच्चे, जो जिला जालौन के उरई के आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। वह पंजाब और गोरखपुर और हरियाणा से आए हैं। वह अपने घर जाना चाहते हैं। इसके अलावा पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश के मुरैना और उप्र के संत कबीर नगर के निवासी भी हैं।
विज्ञापन
मजदूरों को भिजवाने के लिए पंद्रह बसें आ रहीं
मध्य प्रदेश से बार्डर पर लगातार भीड़ बढ़ रही है। करीब पांच सौ लोग चेकिंग के दौरान ट्रक में मुर्गों की तरह भरे थे। उन लोगों को उतारकर ट्रक को सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन करने में सीज कर दिया गया है। मजदूरों को भिजवाने के लिए पंद्रह बसें आ रही हैं।
- फूलसिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी पाली

अमझरा बार्डर पर धूप में बैठे बाहर से आए मजदूर- फोटो : LALITPUR