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Lalitpur News: समय पर उपचार मिलने से हार्टअटैक व गंभीर स्ट्रोक के मरीज की बची जान

Mon, 24 Aug 2026 12:20 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 12:20 AM IST
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Timely treatment saves the life of a heart attack and severe stroke patient.
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज में हार्ट अटैक व गंभीर स्ट्रोक के 58 वर्षीय गंभीर मरीज की समय पर उपचार देकर जान बचाई गई। सफल उपचार के लिए सभी ने मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की सराहना की। अब तक इस तरह के 37 मरीजों को उपचार देकर जान बचाई गई है। प्रधानाचार्य ने सफल उपचार के लिए टीम को बधाई दी।
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शहर के निवासी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फार्मासिस्ट संजय साहू 58 वर्ष को गंभीर बेहोशी की अवस्था में इमरजेंसी में लाया गया था। यहां पर चिकित्सकों की प्रारंभिक जांच में कार्डियक अरेस्ट (हार्ट अटैक) के साथ गंभीर स्ट्रोक (दिमाग में खून का थक्का जमना) की स्थिति की पुष्टि हुई। मरीज की अधिक गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय टीम ने तत्काल कार्डियोपल्मोनरी रीससिटेशन (सीपीआर) व आवश्यक आपातकालीन उपचार शुरू किया। स्ट्रोक में रक्त के थक्के को घोलने के लिए मरीज की स्थिति व निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार थ्रोम्बोलाइटिक उपचार विशेषज्ञ की निगरानी में दिया गया। टीम के प्रयास से मरीज में सफलतापूर्वक कार्डियक रीससिटेशन किया गया। इसके बाद मरीज की स्थिति को देखते हुए आगे विशेषज्ञ उपचार व निगरानी के लिए (ह्रदय रोग विशेषज्ञ) कार्डियोलॉजिस्ट के पास रेफर किया गया। इस सफल आपातकालीन उपचार में डॉ. यासुब रिजवान व नर्सिंग ऑफिसर पवन सिंह की प्रमुख भूमिका रही। मीडिया प्रभारी डॉ. विशाल जैन ने बताया कि टीम की तत्परता, आपसी समन्वय व समय पर किए गए जीवनरक्षक प्रयासों से मरीज को तत्काल आवश्यक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा सकी। प्राचार्य डॉ. मयंक शुक्ला ने पूरी चिकित्सकीय व नर्सिंग टीम को सफल आपातकालीन उपचार के लिए बधाई दी। साथ ही भविष्य में इसी प्रकार तत्परता, समन्वय व समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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अब तक 37 मरीजों को जीवनरक्षक थ्रोम्बोलाइटिक उपचार की सुविधा सफलता के साथ दी गई है। समय रहते स्ट्रोक के मरीज की सही पहचान कर, निर्धारित समय सीमा में उपचार देने से बेहतर परिणाम प्राप्त किया जा सकता है व जीवन बचने की संभावना बढ़ जाती है।
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- डॉ. मयंक शुक्ला, प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज
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